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कॉफी को हमेशा से ही एनर्जी से जोड़कर देखा जाता है। यह बात काफी हद तक सही भी है। लेकिन दोपहर के बाद अगर आप कॉफी का सेवन कर रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है।
Caffeine Side Effects: कॉफी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पेय पदार्थों में से एक है। हालांकि इसका सही समय पर सेवन करना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह सेहत को कई तरीके से प्रभावित करती है। आइए जानते हैं, हाल ही में हुआ शोध कॉफी के बारे में क्या कहता है।
कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती

कॉफी को हमेशा से ही एनर्जी से जोड़कर देखा जाता है। यह बात काफी हद तक सही भी है। लेकिन दोपहर के बाद अगर आप कॉफी का सेवन कर रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है। हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार दोपहर के बाद सिर्फ दो कप कॉफी पीना रात के दौरान मस्तिष्क को ज्यादा उत्तेजित और गतिशील कर सकता है। इससे आपकी ऊर्जा स्तर पर असर पड़ता है। कनाडाई शोधकर्ताओं का कहना है कि कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन नींद के विभिन्न चरणों के दौरान मस्तिष्क की गतिविधि की संरचना और जटिलता को बदल सकता है।
जरूरी है कॉफी के बारे में जानना
इस अध्ययन के प्रमुख लेखक प्रोफेसर फिलिप थोल्के का कहना है कि कॉफी तंत्रिका स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। मॉन्ट्रियल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में 20 से 58 साल के लोगों के कैफीन सेवन और प्रभाव का विश्लेषण किया।
ऐसे किया गया शोध
शोध के दौरान करीब 40 प्रतिभागियों को दो रात एक स्लीप क्लिनिक में रोका गया। एक रात को उन्हें 200 मिलीग्राम कैफीन दिया गया। वहीं दूसरी रात को उन्हें कॉफी नहीं दी गई। इसके बाद इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम यानी ईईजी का उपयोग करके सभी की नींद की गुणवत्ता जांची गई। ईईजी से मस्तिष्क की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया।
दोपहर बाद कॉफी पीने से होगा ये
शोध से पता चला कि कैफीन का मस्तिष्क की नॉन-आरईएम गतिविधि पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। यह वही चक्र है जो नींद के दौरान शांत या आरामदायक अवस्था के लिए जिम्मेदार है। इस अवस्था में व्यक्ति की सांसें, मस्तिष्क की गतिविधि और हृदय गति आमतौर पर धीमी हो जाती है। शरीर आराम की अवस्था में आ जाता है। इसी दौरान शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों की मरम्मत होती है। जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जब कोई दोपहर के बाद कैफीन का सेवन करता है तो ये सभी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। इन सभी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे गहरी नींद भी कम आती है।
गंभीर बीमारियों की जड़ है अनिद्रा
प्रोफेसर थोल्के का कहना है कि कैफीन के कारण नींद देर से आती है। लेकिन यह नींद को पूरी तरह से रोकता नहीं है। यह नींद और मस्तिष्क की गतिविधियों को प्रभावित करता है। जिससे गहरी नींद नहीं आ पाती। चिंता की बात ये है कि खराब नींद कैंसर, स्ट्रोक, मोटापे, डायबिटीज, हृदय रोगों और इनफर्टिलिटी सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
युवाओं पर ज्यादा असर
शोधकर्ताओं ने पाया कि उम्र के अनुसार कैफीन का प्रभाव लोगों पर अलग अलग होता है। मध्यम आयु वर्ग के वयस्कों की नींद पर कैफीन का प्रभाव 20 से 27 साल के युवाओं के मुकाबले कम होता है। क्योंकि वृद्ध लोगों के मस्तिष्क में एडेनोसिन रिसेप्टर्स कम होते हैं। यही रसायन मस्तिष्क को थका हुआ महसूस करवाता है। कैफीन एडेनोसिन रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करके काम करता है, जिससे ज्यादा जागृत महसूस करते हैं। युवाओं में एडेनोसिन रिसेप्टर्स ज्यादा होते हैं। ऐसे में उन पर कैफीन ज्यादा असर करती है।
60 मिनट में कॉफी का असर
कैफीन के सेवन के मात्र 60 मिनट के अंदर शरीर में कई प्रभाव नजर आते हैं। 20 मिनट के अंदर कैफीन रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने का कारण बनती है। जिससे रक्तचाप करीब चार घंटे तक बढ़ जाता है। वहीं 45 मिनट बाद हृदय गति और ऊर्जा बढ़ने लगती है। कैफीन सेवन के 60 मिनट बाद यह शरीर में उन रसायनों को रोकता है जो नींद का एहसास दिलाते हैं। इसमें मूत्रवर्धक और रेचक के गुण होते हैं, जिससे आपको जल्दी ही यूरिन आने लगता है।
