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जानें ब्रेस्ट कैैंसर संबंधी भ्रांतियां: Breast Cancer Myths
Breast Cancer Myths

Breast Cancer Myths: ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। इससे बचाव के लिए महिलाओं को किशोरावस्था से ही माहवारी चक्र के बीच में स्वयं का परीक्षण करना जरूरी है। ब्रेस्ट में किसी भी तरह की गांठ का अंदेशा होने पर डाॅक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए ताकि शुरुआत में ही समुचित उपचार कर महिला को इससे निजात मिल सके। जरूरी नहीं है कि स्तन की गांठ में महिला को दर्द हो। लेकिन जागरुकता की कमी और कई तरह की भ्रांतियों के कारण कई महिलाएं गांठ की अनदेखी कर देती हैं। जिसकी वजह से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या से जूझना पड़ता है और यथासमय समुचित उपचार न हो पाने की वजह से उन्हें अपनी ब्रेस्ट भी निकलवानी पड़ती है।

1. क्या ब्रेस्ट कैेंसर आनुवांशिक होता है। अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं है, तो ब्रेस्ट कैंसर नहीं हो सकता?

केवल 20 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर आनुवांशिक होते हैं। व्यक्ति की स्तन कैंसर की फैमिली हिस्ट्री और शरीर में कैंसर जीन (बीआरसीए 1 और बीआरसीए 2) की मौजूदगी से इसका पता चलता है। व्यक्ति के शरीर में कैंसर के जीन्स का पता लगाने के लिए जैनेटिक ब्लड टेस्ट किया जाता है। महिला की टेस्ट रिपोर्ट अगर पाॅजिटिव आती है, चाहे वो 25 साल की उम्र की ही क्यों न हो तो उसके लिए मास्टेक्टाॅमी सर्जरी करके स्तन निकालना पड़ता है।

लेकिन अगर एक आम महिला यह सोच कर समय पर चेकअप न कराए, कि उसके घर में ब्रेस्ट कैंसर की फैमिली हिस्ट्री नहीं है और उसे कैंसर नहीं हो सकता तो यह गलत है। ऐसा इसलिए हार्मोन असंतुलन, गतिहीन जीवनशैली, गलत खानपान, स्तनपान न कराना जैसे कारणों से महिला को कभी भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है इसलिए जरूरी है समय-समय पर जांच करानी जरूरी है।

2. ब्रेस्ट कैंसर क्या केवल बड़ी उम्र की महिलाओं में ही होता है?

यह जरूरी नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर बड़ी उम्र (55 साल से अधिक) में ही हो। दूसरे देशों से तुलना की जाए तो भारत में 16 प्रतिशत कैंसर 40 साल से कम उम्र की महिलाओं को भी हो सकते हैं। ऐसी युवा महिलाएं जिनकी फैमिली में किसी को कैंसर हो या ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री हो- उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है। जरूरी है कि महिला को कभी भी ब्रेस्ट में कोई गांठ महसूस हो, तो उसे समय पर जांच जरूर करवानी चाहिए। यहां तक कि कई बार गर्भावस्था या स्तनपान कराते समय भी ब्रेस्ट में गांठें बन जाती हैं जिन्हें अकसर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जो गलत है, महिला को अपनी जांच जरूर करानी चाहिए।

जानें ब्रेस्ट कैैंसर संबंधी भ्रांतियां: Breast Cancer Myths
Is breast cancer only in older women

3. ब्रेस्ट कैंसर के लिए मेमोग्राम या बाॅयोप्सी टेस्ट क्या है? क्या इनसे कैंसर फैलने का खतरा रहता है। क्या ये टेस्ट बहुत मंहगे होते हैं?

स्वास्थ्य के प्रति सजग महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए मेमोग्राफी या एक्स-रे किया जा सकता है ताकि कैंसर होने की आशंका की पुष्टि हो सके। 40 साल की उम्र से महिलाओं को नियमित रूप से मेमोग्राम करवाकर अपनी जांच करवानी चाहिए। लेकिन कई महिलाएं गलत धारणा की वजह से मेमोग्राफी नहीं कराती कि इसके रेडिएशन के कारण ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। यह निराधार है क्योंकि इसमें रेडिएशन बहुत लो-इंटेंसिटी की होती हैं। मेमोग्राफी शुरूआती स्टेज पर ही ब्रेस्ट कैंसर को पकड़ लेता है और समुचित उपचार से महिला बच सकती है।

ब्रेस्ट की गांठ कैंसर है या नाॅन कैंसर – इसकी पुष्टि के लिए बाॅयोप्सी की जाती है जिसमें एफएनएसी और ट्रू-कट बाॅयोप्सी। इसमें सुई से गांठ का थोड़ा-सा फ्ल्यूड लिया जाता है जिससे यह पता चलता है कि गांठ कैंसर की है या नहीं। ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि के लिए ये टेस्ट जरूरी हैं। इनसे ब्रेस्ट कैंसर नहीं फैलता। सरकारी अस्पतालों में ये टेस्ट मुफ्त किए जाते हैं। जबकि प्राइवेट अस्पतालों मेमोग्राफी के लिए 1000-3000 रुपये और बाॅयोप्सी की फीस 500-5000 रुपये होती है।

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What is a mammogram or biopsy test for breast cancer

4. ब्रेस्ट कैंसर का सटीक इलाज नहीं हैं। ब्रेस्ट कैंसर होने पर महिलाओं को ब्रेस्ट निकलवानी पड़ती है?

ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती स्टेज पर जब गांठ बहुत छोटी होती है, अगर मरीज डाॅक्टर को कंसल्ट कर लेते हैं, तो 90-95 प्रतिशत मरीजों को समुचित उपचार से पूर्णतया ठीक किया जा सकता है। डाॅक्टर ब्रेस्ट कंजर्वेशन सर्जरी से मरीज की ब्रेस्ट को बचा सकते हैं। इसमें स्तन पर छोटा-सा चीरा लगाकर केवल गांठ को निकालते हैं, पूरी ब्रेस्ट को नहीं निकाला जाता। रेडिएशन करके केैंसर दोबारा होने के खतरे को कम कर दिया जाता है।

अगर महिला ब्रेस्ट कैंसर की बाद की स्टेज में आती है जब ब्रेस्ट बचाना संभव नहीं हो तो भी महिला डाॅक्टर के परामर्श पर नई ब्रेस्ट बनाने की सर्जरी करवा सकती है। डाॅक्टर स्किन के टिशू या सिलिकाॅन की मदद से ब्रेस्ट को नया आकार दे सकते हैं।

5. कैंसर ट्रीटमेंट में की जाने वाली कीमोथेरेपी के बाद बाल परमानेंट गिर जाते हैं?

ऐसा नहीं है। कीमोथेरेपी करने के 15 दिन बाद सिर पर बाल उगने शुरू हो जाते हैं और करीब 2 महीने के अंतराल पर पहले जैसे हो जाते है।

6. क्या ब्रेेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं की बीमारी है?

हालांकि ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में पुरूषों की अपेक्षा ज्यादा पाया जाता है। इसका रेशियों 100 ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में 1 पुरूष में भी हो सकता है। लेकिन जिनकी फैमिली हिस्ट्री है, उनमें पुरूषों में भी ब्रेस्ट कैंसर की समस्या देखने को मिल सकती है।

(डाॅ उमंग मित्तल, चीफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, मेरठ कैंसर अस्पताल, मेरठ)

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