therapeutic laziness trend
Sleeping on the dirty pillow

Overview:

बेस्टसेलर 'स्लीप एपनिया सॉल्यूशन' के लेखक और स्लीप स्पेशलिस्ट डॉ. डायलन पेटकस का कहना है कि पर्याप्त और अच्छी नींद के साथ ही सही समय पर सोना भी सेहत से जुड़ा है।

Time for Sleep at Night: सेहत के लिए समय पर सोना अच्छा रहता है। लेकिन आज के समय में ऐसा कर पाना हर किसी के लिए मुश्किल काम है। इसके पीछे बहुत सारे कारण है। जिसमें से प्रमुख है कि अधिकांश लोगों को सोने का सही समय पता नहीं होता है। अगर आपके साथ ही यही समस्या है तो आज हम इसको हल कर देते हैं। चलिए जानते हैं, आखिर किस समय तक आपको सो जाना चाहिए।

पहचाने अपनी आंतरिक घड़ी को

Along with adequate and good sleep, sleeping at the right time is also related to health.
Along with adequate and good sleep, sleeping at the right time is also related to health.

बेस्टसेलर ‘स्लीप एपनिया सॉल्यूशन’ के लेखक और स्लीप स्पेशलिस्ट डॉ. डायलन पेटकस का कहना है कि पर्याप्त और अच्छी नींद के साथ ही सही समय पर सोना भी सेहत से जुड़ा है। इसके लिए शरीर में एक आंतरिक घड़ी होती है। जिसका ध्यान हर किसी को रखना चाहिए। हालांकि यह सबके ​लिए अलग होती है। जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

यह है सोने का बेस्ट टाइम

डॉ. डायलन पेटकस का कहना है कि सभी वयस्कों के लिए सोने का एक बेस्ट समय होता है। हर किसी को अपनी सुविधा के अनुसार इसे फॉलो करना चाहिए। पेटकस का कहना है कि रात में 9 से 11 बजे का बेड टाइम बेस्ट है। इस समय के बीच अगर आप सोते हैं तो आपको गहरी और अच्छी नींद आएगी। सुबह आप ज्यादा फ्रेश उठेंगे। ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी, पोर्टलैंड के शोध के अनुसार जो लोग रात में देर से सोते हैं उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत बिगड़ने का जोखिम ज्यादा होता है। इसलिए ऐसा शेड्यूल बनाएं जिससे सर्कैडियन रिदम अच्छी होती है।

यह है सबसे बड़ी समस्या

पेटकस का कहना है कि अधिकांश लोग 9 से 5 की नौकरी करते हैं। ऐसे में जब आप रात को देर से सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं तो इससे आपके शारीरिक व मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप समय पर सोएं। उससे भी जरूरी है एक निश्चित समय पर सोएं। जब आप रोज एक निश्चित समय पर सोते हैं तो आपका शरीर अपने आप को उसके अनुसार ढाल लेता है। ऐसा करना सिर्फ साइंस के लिहाज से ही अच्छा नहीं है। बल्कि यह आत्म जागरूकता के लिए उठाया गया एक कदम है।

करके देखें ये बदलाव

सुनने में भले ही आसान लगे, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस दौर में समय पर सोना कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए आपको नियमित रूप से अभ्यास करना होगा। आप अपना बैड टाइम सही करें। लेकिन समय पर सोकर भी अगर आप सुबह थकान महसूस कर रहे हैं तो अपने सोने के समय को 15 से 30 मिनट आगे करके देखें। कोशिश करें कि आप रात में 7 से 9 घंटे की नींद लें।

इन बातों पर ध्यान देना जरूरी

अगर रात में आपकी नींद बार-बार खुल रही है तो इसका कारण जानने की कोशिश करें। ऐसा टेंशन, एंग्जायटी, कमरे में आवाज, रोशनी या फिर चिकित्सा समस्या के कारण भी हो सकता है। इसलिए समय पर इस पर ध्यान दें। आपकी नींद जितनी अच्छी होगी, सेहत उतनी ही बेहतर होगी। इससे आपके दिल, दिमाग और कमर की सेहत भी दुरुस्त रखने में मदद मिलती है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...