कब्ज कई कारणों से हो सकता है जिनमें मुख्य कारण हैं व्यायाम न करना, अनियमित जीवन शैली, शरीर में पानी की कमी, अधिक तेलयुक्त तथा गरिष्ठ भोजन करना। कब्ज से निजात पाने के लिए योग में एक बहुत ही आसान और प्रभावकारी विधि है ऊषापान। 
 
कैसे करें 
 
उषापान करने के लिए सुबह उठकर बिना ब्रश किए, उखड़ूँ बैठकर 2-3 गिलास गुनगुना पानी पीना होता है। इसके तुरंत बाद तीन योगासनों (ताड़ासन, त्रियक ताडासन, कटि चक्रासन) को 5-5 बार करना है। जिनकी करने की विधि निम्नलिखित है-
 
ताड़ासन
 
सबसे पहले अपने दोनों पैरों को मिलाएँ। अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाते हुए उँगलियों को आपस में बाँधें। फिर श्वास लेते हुए अपनी एड़ियों को ऊपर उठाएँ तथा पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें। थोड़ी देर इसी अवस्था में रुकें, फिर श्वास छोड़ते हुए वापस आ जाएँ। इस आसन को 5 बार करना है। 
 
त्रियक ताड़ासन
 
अपने दोनों पैरों के बीच कंधों के बराबर गैप लें। दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाते हुए उँगलियों को आपस में बाँधें। श्वास लेते हुए शरीर को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें, फिर श्वास छोड़ते हुए बाईं ओर झुकें। थोड़ी देर इसी अवस्था में रुकें फिर श्वास लेते हुए वापस  उसी अवस्था में आयें। ठीक ऐसा ही दायीं ओर से करें।
 

कटि चक्रासन
 
अपने दोनों पैरों के मध्य कंधों के बराबर गैप लें। अपने दोनों हाथों को कंधे की सीध में उठाएँ। श्वास छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को बाईं तरफ लाएँ तथा कमर से ऊपर वाले भाग को ट्विस्ट करें। फिर श्वास लेते हुए मध्य में आयें, पुनः श्वास छोड़ते हुए दाईं ओर जाएँ।    

 

फायदे
 
  • सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से और तीनों योगासनों को करने से आंतों की सफाई होती है जिससे हमारे पेट में जमा मल ढीला हो जाता है, जिससे पेट साफ हो जाता है और कब्ज से निजात मिल जाती है।
  • यह खून से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है जिससे हमारी त्वचा चमकदार बनती है। 
  • नियमित उषापान करने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है। हल्का गुनगुना पानी पीने से शरीर का मेटाबोलिज्म बढ़ जाता है जिससे शरीर में फैट स्टोर नहीं होने पाता। 
  • यह बुद्धि को तेज करता है, साथ ही आँखों के रोग जैसे- आँख आना, रतौंधी जैसे विकारों को भी दूर करता है और आँखों की रोशनी को बढ़ाता है।