wooden spoon filled with fine white maltodextrin powder.
maltodextrin

Summary: माल्टोडेक्सट्रिन: सेहत के लिए छुपा खतरा!

माल्टोडेक्सट्रिन एक हाई ग्लाइसेमिक इंग्रेडिएंट है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है, लेकिन FSSAI के अनुसार इसे "Added Sugar" नहीं माना जाता।

Harmful Ingredients: आज की दुनिया में लोग हेल्दी खाने की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। “नो एडेड शुगर” जैसे टैग देखकर हम अक्सर सोचते हैं कि यह प्रोडक्ट सेहतमंद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ इंग्रेडिएंट्स ऐसे भी होते हैं जो “चीनी” नहीं कहलाते, लेकिन शरीर पर उसका असर उससे भी हानिकारक होता है? ऐसा ही एक इंग्रेडिएंट है माल्टोडेक्सट्रिन।

माल्टोडेक्सट्रिन एक सफेद पाउडर जैसा पदार्थ होता है जिसे कॉर्न, राइस, पोटैटो या व्हिट स्टार्च से बनाया जाता है। यह स्वाद में हल्का मीठा होता है लेकिन असल में यह एक हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला कार्बोहाइड्रेट है। इसका इस्तेमाल अक्सर पैकेज्ड फूड्स, प्रोटीन पाउडर, बेबी फॉर्मूला, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, और प्रोसेस्ड स्नैक्स में किया जाता है।

टेबल शुगर यानी चीनी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) होता है 65, जबकि माल्टोडेक्सट्रिन का GI 110 तक होता है। इसका मतलब है कि माल्टोडेक्सट्रिन ब्लड शुगर को इतनी तेजी से बढ़ाता है कि वह डायबिटीज़, वजन बढ़ने और हार्मोनल असंतुलन की बड़ी वजह बन सकता है।

Close-up of a small blood sugar monitor displaying 105 mg/dL checking glucose from a fingertip.
Spikes Blood Sugar

FSSAI के अनुसार माल्टोडेक्सट्रिन “Added Sugar” नहीं है – जानिए क्यों ये चिंता की बात है

सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि भारत में FSSAI के नियमों के अनुसार माल्टोडेक्सट्रिन को “Added Sugar” नहीं माना जाता। इसी का फायदा उठाकर कई कंपनियाँ अपने प्रोडक्ट्स पर “No Added Sugar” लिखती हैं, जबकि उनमें माल्टोडेक्सट्रिन मौजूद होता है।

maltodextrin powder
maltodextrin powder

माल्टोडेक्सट्रिन का इस्तेमाल कई वजहों से किया जाता है क्योंकि यह प्रोडक्ट को थिकनेस देता है यानी गाढ़ा बनाता है। इसके इस्तेमाल से प्रोडक्ट की शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है। साथ ही यह शुगर का किफायती विकल्प है। माल्टोडेक्सट्रिन प्रोसेस्ड फूड को स्मूद टेक्सचर देने में मदद करता है।

यही कारण है कि यह अधिकतर अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स जैसे इंस्टेंट सूप्स, ग्रेवी मिक्स, इंस्टेंट ओट्स, और हेल्थ ड्रिंक्स में पाया जाता है।

फूड ऐक्टिविस्ट और सोशल मीडिया पर “फूड फार्मर” के नाम से मशहूर रेवंत हिमतसिंगका ने भी अपने इंस्टाग्राम वीडियो में इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने बताया कि किस तरह कंपनियाँ “No Added Sugar” का झांसा देकर लोगों को गुमराह करती हैं।

पैकेज्ड फूड खरीदते समय इंग्रेडिएंट लिस्ट जरूर पढ़ें।

अगर उसमें माल्टोडेक्सट्रिन लिखा हो, तो सतर्क हो जाइए।

कोशिश करें कि होल फूड्स और कम प्रोसेस्ड चीजों का सेवन करें।

डायबिटिक मरीजों और बच्चों को इससे दूर रखें।

माल्टोडेक्सट्रिन एक ऐसा इंग्रेडिएंट है जिसे ज्यादातर लोग अनजाने में रोज़ खा रहे हैं ये सोचकर कि वो हेल्दी खा रहे हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि यह चीनी से भी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अगली बार जब आप “नो एडेड शुगर” लिखा हुआ कोई पैकेज देखें उसकी लिस्ट ज़रूर चेक करें।

सोनल शर्मा एक अनुभवी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, प्रिंट और पीआर में 20 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने दैनिक भास्कर, पत्रिका, नईदुनिया-जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया और द हितवाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया...