Tinnu Anand Dirty Job: बॉलीवुड में बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्हें अभिनेता और निर्देशक दोनों रूपों में लोकप्रियता और सराहना मिली हो। टीनू आनंद उन्हीं चुनिंदा लोगों में से एक हैं। उन्हें आमिर ख़ान की फिल्म गजनी, सनी देओल की घातक, कैटरीना कैफ की मैरी क्रिसमस और मल्टीस्टारर लज्जा जैसी फिल्मों में निभाए गए उनके अलग-अलग किरदारों के लिए जाना जाता है। अभिनय के अलावा उन्होंने कालिया और शहंशाह जैसी मशहूर फिल्मों में निर्देशन करके भी खूब नाम कमाया।

टीनू आनंद के पिता इंदर राज आनंद एक मशहूर पटकथा लेखक थे, लेकिन वे नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्म इंडस्ट्री में आए। मगर टीनू की फिल्म बनाने की चाह और निर्देशक बनने की जिद इतनी ज़ोरदार थी कि उन्होंने पिता की बात नहीं मानी। परेशान होकर उनके पिता ने उन्हें सत्यजीत रे फिल्म संस्थान भेजने का फैसला किया, ताकि वे उनकी फिल्मी दुनिया से दूर हो जाएं।

रेडिफ को दिए एक इंटरव्यू में टीनू ने बताया कि उनके पास राज कपूर के साथ काम करने का मौका था, जो उनके पारिवारिक मित्र भी थे और उनके पिता के साथ कई स्क्रिप्ट्स पर काम कर चुके थे। लेकिन टीनू को लगा कि ये रिश्ता ज़रूरत से ज़्यादा करीबी है। एक और विकल्प था इटली के मशहूर निर्देशक फेडेरिको फेलिनी के साथ काम करने का। उन्हें ये विचार इसलिए भी अच्छा लगा क्योंकि इससे वे इटली जा सकते थे। मगर फेलिनी ने पहले शर्त रखी कि टीनू को छह महीने में इटालियन भाषा सीखना होगी और यह बात टीनू को ठीक नहीं लगी। अंत में उन्होंने सत्यजीत रे के साथ काम सीखने का फैसला किया।

इसी बातचीत में टीनू आनंद ने एक मज़ेदार किस्सा बताया। टीनू ने बताया कि जब ख्वाजा अहमद अब्बास सात हिंदुस्तानी बना रहे थे, तो अभिनेत्री नीना सिंह ने अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया। लेकिन अब्बास साहब ने शर्त रखी कि अमिताभ को मुंबई आने का खर्चा खुद उठाना होगा ताकि वह ऑडिशन दे सकें। यही वह पल था जब अमिताभ पहली बार अपने सपनों के शहर मुंबई आए।टीनू ने बताया, “मैं ही उन्हें अब्बास साहब के ऑफिस ले गया था। शाम को मुझे एक ‘गंदा काम’ सौंपा गया… अमिताभ को पूरी फिल्म के लिए सिर्फ 5,000 रुपए ऑफर करना, चाहे फिल्म एक साल चले या पांच साल”।

सात हिंदुस्तानी के बाद टीनू ने कई फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में कालिया और शहंशाह जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। जब वे अमिताभ के साथ तीसरी फिल्म शिनाख्त बना रहे थे, तो सेट पर एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, माधुरी दीक्षित ने फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ एक बोल्ड सीन करने से मना कर दिया था, जिससे दोनों के बीच टकराव हो गया था।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...