Sunita Ahuja and Govinda
Sunita Ahuja and Govinda

Sunita Ahuja on Govinda: कभी “राजा बाबू” और “बड़े मियां छोटे मियां” जैसी फ़ेमस हिट फिल्मों के जरिए 90 के दशक के सबसे बड़े स्टार में से एक गोविंदा लंबे समय से बड़े पर्दे से गायब हैं। फिल्मों से गोविंदा के गायब होने पर एक इंटरव्यू में उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने कारण बताया है। सुनीता आहूजा का कहना है कि गोविंदा के करियर में गिरावट की वजह उनके इर्द गिर्द चापलूस लोगों का होना है, साथ ही नए पैटर्न में खुद को न बिठाना है।

90 के दशक का आइकन होना कोई छोटी बात नहीं है। लेकिन 2025 में भी आइकन बने रहना बिल्कुल अलग बात है। यहां गोविंदा की बात की जा रही है, उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में गोविंदा के लंबे समय से बड़े परदे से गायब रहने पर बात की। सुनीता ने यह बताने में संकोच नहीं किया कि “हीरो नंबर 1” स्टार इतने लंबे समय तक बड़े पर्दे से गायब क्यों रहा। सुनीता आहूजा ने कहा, “पिछले 17 सालों से गोविंदा बड़े पर्दे पर क्यों नहीं दिखे?” उन्होंने खुद ही यह सवाल किया और फिर खुद ही इसका जवाब दिया। उन्होंने जवाब में कहा, “क्योंकि उनके इर्द गिर्द के लोग री तरह से गलत है। सब वाह-वाह करने वाले लोग हैं।”

सुनीता आहूजा ने कहा कि ऐसी आवाजें किसी एक्टर को आगे बढ़ने में मदद नहीं करती हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन लोगों ने उनके और गोविंदा के बीच झगड़े भी करवाए हैं। सुनीता आहूजा ने कहा, “मेरा और गोविंदा का झगड़ा भी हो जाता है क्योंकि मैं झूठ नहीं बोल सकती और चापलूसी नहीं कार सकती।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा के आस-पास के लोगों के बारे में कहा कि एक लेखक, एक सेक्रेटरी और दोस्त जैसा एक वकील, वे सब अच्छा करने से अधिक नुकसान कर रहे हैं। “वाह ची ची भैया क्या कमाल कर दिया”, वह मजाक उड़ाते हुए बताती हैं। उन्होंने आगे कहा, “अबे तू सच तो बोल। हम सच बोलते हैं तो चिढ़ता है वह।”

सुनीता को सिर्फ गोविंदा की कंपनी की चिंता नहीं है। यह चिंता उनकी मानसिकता को लेकर है। सुनीता आहूजा ने यह भी शेयर कि कि वह उन्हें समय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रही हैं। सुनीता ने आगे कहा, “मैंने उनसे कहा कि 90 का दशक खत्म हो चुका है। अब 2025 है। आज क्या चल रहा है, नेटफ्लिक्स और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म की ओर देखो”। सुनीता ने एक प्रमुख मिथक को भी संबोधित किया, जो पिछले कुछ सालों में गोविंदा के बारे में बना हुआ है कि सोलो हीरो फिल्में उनकी खासियत हैं। लेकिन उन्होंने इसके बार में भी कहा, “बड़े मियांछोटे मियां सोलो हीरो फिल्म नहीं थी। आंखें भी नहीं थी। उनके आस पास के लोगों ने उनके दिमाग में यह मिथक डाल दिया कि सर, आप हीरो नंबर 1 हैं। आपकी फिल्म जरूर चलेगी! लेकिन आज सोलो हीरो फिल्में कहां चलती हैं?”। 

सुनीता ने कहा कि गोविंदा को अब चापलूसी की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, बल्कि सॉलिड स्क्रिप्ट, एक बेहतरीन निर्देशक और ऐसी टीम की जरूरत है, जो उन्हें सच बताने से न डरे। गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी मार्च 1987 में हुई थी। दोनों एक बेटी टीना और एक बेटे यशवर्धन के पैरेंट्स हैं। गोविंदा को आखिरी बार 2019 की कॉमेडी फिल्म “रंगीला राजा” में देखा गया था। इस फिल्म में उनका डबल रोल था और इसका निर्देशन सिकंदर भारती ने किया था।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...