Shah Rukh Khan and Ajay Devgn collage photo
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Summary: अजय देवगन की ‘कंपनी’ में शाहरुख खान थे पहली पसंद, राम गोपाल वर्मा ने किया खुलासा

राम गोपाल वर्मा ने खुलासा किया कि ‘कंपनी’ में अजय देवगन से पहले शाहरुख खान को मलिक का रोल ऑफर किया गया था। लेकिन उनकी एनर्जेटिक पर्सनालिटी के कारण वर्मा ने बाद में अजय को चुना, जो इस किरदार के लिए पूरी तरह फिट साबित हुए।

Ajay Devgn Company Movie: साल 2002 में रिलीज हुई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ आज भी बॉलीवुड की बेहतरीन गैंगस्टर फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में अजय देवगन ने एक अंडरवर्ल्ड डॉन मलिक का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। मगर क्या आप जानते हैं कि इस रोल के लिए निर्देशक की पहली पसंद अजय देवगन नहीं, बल्कि शाहरुख खान थे।

हाल ही में एक इंटरव्यू में खुद राम गोपाल वर्मा ने इस बात का खुलासा किया कि ‘कंपनी’ में मलिक का रोल पहले शाहरुख खान को ऑफर किया गया था। लेकिन कुछ कारणों की वजह से यह रोल बाद में अजय देवगन के हिस्से में आया।

राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जब उन्होंने ‘कंपनी’ की कहानी लिखी, तो उनके दिमाग में सबसे पहले शाहरुख खान का नाम आया। उन्होंने कहा, “मेरा पहला ख्याल शाहरुख खान को कास्ट करने का था। मैं उनके पास गया, कहानी सुनाई और उन्हें दिलचस्पी भी थी।”

लेकिन निर्देशक को जल्द ही एहसास हुआ कि शाह रुख की पर्सनालिटी मलिक के किरदार से मेल नहीं खाती। उन्होंने बताया कि शाहरुख की बॉडी लैंग्वेज और उनका जोश बहुत एनर्जेटिक है। वह हर सीन में एक अलग चमक और एनर्जी लेकर आते हैं। जबकि मलिक का किरदार शांत, संयमी और ठंडे दिमाग वाला इंसान था।

राम गोपाल वर्मा के मुताबिक, “शाहरुख को शांत दिखाना उनके साथ भी नाइंसाफी होती और फिल्म के साथ भी। उनकी एनर्जी मलिक के किरदार के विपरीत थी।”

निर्देशक ने यह भी बताया कि उन्होंने शाहरुख से सिर्फ एक ही मीटिंग की थी। उसी मीटिंग में उन्हें महसूस हुआ कि शाहरुख इस किरदार में पूरी तरह फिट नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा, “मैं शाहरुख से मिला, उन्होंने दिलचस्पी दिखाई। लेकिन जैसे ही मीटिंग खत्म हुई, मैंने समझ लिया कि यह किरदार उनके लिए नहीं बना।”

उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार परफॉर्मर हैं, लेकिन हर एक्टर का अपना नेचुरल स्टाइल होता है। “मुझे लगता है कि शाहरुख जैसे कलाकार को उनके नैचुरल एनर्जी के साथ काम करने देना चाहिए। अगर कोई डायरेक्टर उन्हें एकदम अलग तरह के किरदार में फिट करने की कोशिश करेगा, तो वह असर खो देगा।”

राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जैसे ही वे शाहरुख के घर से निकले, उन्होंने उसी दिन अजय देवगन को फोन कर फिल्म ऑफर की। “शाहरुख से निकलने के बाद मैंने उसी दिन अजय से बात की और उन्हें फाइनल कर लिया।”

उनके मुताबिक अजय देवगन इस रोल के लिए नैचुरली परफेक्ट थे। “अजय में एक नेचुरल शांति और ठहराव है। वे बिना कुछ बोले भी बहुत कुछ कह जाते हैं, और यही मलिक के किरदार की सबसे बड़ी खूबी थी।” वर्मा का कहना है कि अजय का साइलेंट लेकिन स्ट्रॉन्ग अंदाज़ इस किरदार को एक अलग गहराई देता है, जो शायद किसी और एक्टर से उतनी प्रभावशाली नहीं बन पाती।

राम गोपाल वर्मा ने इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया कि फिल्म के दूसरे अहम किरदार चंद्रकांत “चंदू” नागरे के लिए उनकी पहली पसंद अभिषेक बच्चन थे। लेकिन अभिषेक उस समय किसी और फिल्म में बिजी थे, जिसके कारण वे ‘कंपनी’ नहीं कर पाए। इसके बाद वर्मा ने इस रोल के लिए विवेक ओबेरॉय को साइन किया और यह उनके करियर की सबसे यादगार फिल्म साबित हुई।

‘कंपनी’ न सिर्फ क्रिटिक्स बल्कि दर्शकों के बीच भी खूब पसंद की गई। यह फिल्म वर्मा की गैंगस्टर ट्राइलॉजी की दूसरी कड़ी थी, जिसकी शुरुआत 1998 में आई ‘सत्या’ से हुई थी। फिल्म में अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, मोहनलाल, मनीषा कोइराला, अंतरा माली और सीमा बिस्वास जैसे मजबूत कलाकारों ने शानदार अभिनय किया।

बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया और करीब 25 करोड़ रुपए की कमाई की, जो उस दौर के हिसाब से बड़ी सफलता थी। इस फिल्म ने अजय देवगन को एक गंभीर और इंटेंस एक्टर के रूप में स्थापित किया।

राम गोपाल वर्मा अब फिर एक बार अपने पुराने स्टार मनोज बाजपेयी के साथ काम करने जा रहे हैं। दोनों की जोड़ी एक नई हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘पुलिस स्टेशन में भूत’ में नजर आएगी। फिल्म की रिलीज डेट और बाकी स्टारकास्ट की जानकारी जल्द ही सामने आएगी।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...