दीवाली पर जूही परमार की तरह घर के कामों के साथ बच्‍चों को बनाएं जिम्‍मेदार: Juhi Parmar Parenting Tips
Juhi Parmar Parenting Tips

Juhi Parmar Parenting Tips: बचपन का वो दौर जब दीवाली आते ही घरों की सफाई, पुताई और न जाने कितने कामों में मां के साथ हाथ बंटाना आज भी यादों का हिस्‍सा है। त्‍यौहार उस समय जैसे घर के कामों के जरिए परिवार के लोगों को और पास लाने का काम करते थे। एक दूसरे का हाथ बंटाते काम करते त्‍यौहारों की रौनक की बात ही कुछ और हुआ करती थी। अब दीवाली भी वही है और सारे काम भी लेकिन घर के लोग साथ मिलकर उनका हिस्‍सा नहीं बनते। लेकिन टीवी एक्‍ट्रेस जूही सिंगल पेरेंट होने के बाद भी अपनी बेटी संग इस मौको को अपने बचपन की तरह ही मनाना चाहती हैं। त्‍यौहार की खुशियां ही नहीं वे उसके साथ इससे जुड़ी जिम्‍मेदारियां भी बांट उसे जीवन के इस अनोखे अनुभव का अहसास कराना चाहती हैं। आप भी त्‍यौहारों पर बच्‍चों को सिर्फ उपहार और खुशियों की सौगात ही न दें। उन्‍हें जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने का मौका दें।  

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बच्‍चों के साथ बांटें घर के काम और जिम्‍मेदार

क्‍या आपको बचपन की दीवाली याद है। कोई घर की खिड़की साफ करता तो कोई किचन के डिब्‍बों की सफाई में लगता। कोई पुरानी झालर निकाल उन्‍हें चेक करने में लगता तो कोई रंगोली की जिम्‍मेदारी लेता। लेकिन आजकल कुछ और ही देखने को मिलता है। दीवाली पर घर की सफाई के लिए बच्‍चे नहीं हाउस हैल्‍प की मदद ली जाती है। पहले की तरह घर पर कामों में संग न होकर बच्‍चे स्‍क्रीन पर बिजी रहते हैं। ऐसे में एक्‍ट्रेस जूही परमार की तरह अपनी बच्‍चों के संग मिल त्‍यौहारों की तैयारी करनी चाहिए। त्‍यौहारों को सिर्फ खुशियां नहीं जिम्‍मेदारी बांटने का भी मौका बनाएं। इससे वे घर के कामों के प्रति जिम्‍मेदार तो बनेंगे ही साथ ही वे आपके साथ ज्‍यादा समय बिताएंगे। ये मौका आपका उनके साथ बॉन्‍ड बढ़ाने का भी सुनहरा मौका हो सकता है। तो इस दीवाली घर को रौशन करने के साथ बच्‍चों के जीवन में सुनहरी यादों की रौशनी भरने का भी काम कर सकते हैं।

पर्यावरण के प्रति भी जागरूक बनाएं

सर्दियां आते ही देश के कई हिस्‍सों में पर्यावरण में ऐसा बदलाव आ जाता है जिससे सांस लेने भी दिक्‍कत होती है। दिल्‍ली और इसके आस पास के इलाकों में तो ये हर साल की समस्‍या होती जा रही है। इस बार मुंबई में भी हवा में प्रदूषण का स्‍तर बढ़ चुका है। ऐसे में दीवाली में पटाखे प्रदूषण बढ़ाने का काम करेंगे। बच्‍चों को पटाखे फोड़ना बेहद पसंद होता है। मगर उन्‍हें पर्यावरण के प्रति सचेत करना भी हमारा काम है। जूही परमार ने अपनी बेटी के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेअर किया है। जिसमें वे बेटी के साथ दिवाली की शॉपिंग के लिए निकली हैं। उसके पटाखे की मांग पर पहले तो वे लेने के लिए तैयार हो जाती हैं। लेकिन फिर वे उसे कुछ खबरें दिखाती हैं और मुंबई में बढ़े हुए प्रदूषण की बात करती हैं और पटाखे न लेने के लिए समझाती हैं। आप भी बच्‍चों को पर्यावरण के प्रति सचेत रहने के लिए बता सकते हैं। इसके लिए अपने आस पास के सभी बच्‍चों को अलग अलग पटाखे फोड़ने के बजाय एक साथ मिलकर कम पटाखों के लिए भी मना सकते हैं। इससे बच्‍चों का मन भी रह जाएगा और प्रदूषण भी कम होगा।

निशा सिंह एक पत्रकार और लेखक हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलेमें हुआ। दिल्‍ली और जयपुर में सीएनबीसी, टाइस ऑफ इंडिया और दैनिक भास्‍कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्‍थानों के साथ काम करने के साथ-साथ लिखने के शौक को हमेशा जिंदा...