Summary : रेखा के पति की मौत ने उनका जीवन बदल दिया
रेखा ने आसान जीवन नहीं जिया। वे बचपन से तकलीफें झलती रहीं और शादी के बाद भी सुख हासिल नहीं हो पाया।
Rekha called Vamp: रेखा को हम इसी नाम से जानते हैं… उनके आगे या पीछे कोई नाम लगाने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई। इसी नाम से उनकी पहचान है। बस जानकारी के लिए बता देते हैं कि उनका असली नाम भानुरेखा है। वे नाजायज रिश्ते से पैदा हुईं, पिता ने कभी अपनाया नहीं और कम उम्र में ही उन्हें फिल्मों में धकेल दिया गया। इंडस्ट्री में 13 साल की उम्र में ही उन्हें परेशानियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। रेखा का सपना हमेशा यही था कि वे एक पत्नी और मां बनें, लेकिन समय के साथ उन्होंने समझ लिया कि इस दुनिया में उन्हें अपने दम पर खड़ा होना होगा।
1990 में रेखा ने शुरू की नई जिंदगी
जब वे एक बड़े फिल्म स्टार से प्यार करने लगीं तो वह रिश्ता भी विवाद और अफवाहों में घिर गया, क्योंकि वह शख्स शादीशुदा था और उसने कभी रेखा के बारे में न कुछ कहा, न अफवाहों का खंडन किया। इसी बीच रेखा ने सोचा कि शादी शायद उनकी जिंदगी की नई शुरुआत बनेगी। उन्होंने 1990 की शुरुआत में दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी की। दोनों की मुलाकात दोस्तों के जरिए हुई थी। रेखा फिल्मों से ब्रेक लेना चाहती थीं और मुकेश भी वैसी ही जिंदगी चाहते थे। कुछ मुलाकातों के बाद उन्होंने शादी का फ़ैसला कर लिया।
हनीमून पर रेखा और मुकेश का प्यार खत्म
शादी के बाद वे हनीमून पर लंदन गए। वहीं पर रेखा को अहसास हुआ कि दोनों के बीच सोच और स्वभाव में गहरी खाई है। कुछ महीनों में ही उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दे दी। रेखा ने बाद में कहा कि तलाक की बात पहले मुकेश ने ही उठाई थी। उनके मुताबिक़, “हमने सोचा कि प्यार से ही अलग होना बेहतर है, क्योंकि रिश्ता निभाना अब संभव नहीं था।”
मैंने मुकेश को नहीं मारा
लेकिन कुछ ही महीनों बाद मुकेश ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद रेखा को मीडिया और समाज ने कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्हें “चुड़ैल” तक कहा गया और कई गॉसिप मैगज़ीन ने संकेत दिए कि मुकेश की मौत के पीछे वही वजह थीं। रेखा ने लंबे समय तक चुप्पी साधी, लेकिन जब बातें हद से ज़्यादा बढ़ने लगीं तो उन्होंने फ़िल्मफेयर को इंटरव्यू दिया, जिसका शीर्षक ही था – “I didn’t kill Mukesh” (मैंने मुकेश को नहीं मारा)।
आठ महीने बाद मौत

मुकेश की मौत के समय उनकी शादी को महज आठ महीने ही हुए थे। सालों बाद, 2004 में सिमी गरेवाल से बातचीत में रेखा ने इस बारे में खुलकर कहा कि यही वह दौर था जब वह सचमुच “बड़ी” हुईं। उन्होंने कहा –”जितना भयानक लगता है, यह मेरी ज़िंदगी की सबसे अच्छी घटना थी, क्योंकि इससे मुझे लोगों की असलियत समझने का तेज कोर्स मिल गया।”
एक ही झटके में कई इमोशन्स
रेखा ने यह भी बताया कि पति के निधन के बाद उन्होंने हर तरह के इमोशन महसूस किए… पहले सदमा, फिर इंकार कि “नहीं, ये मेरे साथ नहीं हो सकता”, उसके बाद गुस्सा, फिर आत्म-दया कि “मैंने ऐसा क्या गलत किया था?”, और अंत में समझने की कोशिश… लेकिन असलियत यह है कि आप कभी समझ नहीं पाते। और आखिरकार जो बचता है, वह होता है… स्वीकार करना। इसके बाद रेखा ने कभी शादी नहीं की।
