अगर आप इस चीज को लेकर चिंतित रहते हैं कि कहीं आपका फोन हैक तो नहीं हो गया है तो आपकी चिंता जायज है क्योंकि आजकल पर्सनल डेटा का लीक होना और अपराधी केसों में बढ़ोतरी होना हमें यह सोचने और चिंता करने पर मजबूर कर देता है कि क्या हमारा फोन सुरक्षित है या क्या  इसे कोई ट्रैक कर रहा है? आजकल हैकर्स आपके मोबाइल में बड़ी आसानी से ऐसी चीजें डाउनलोड कर सकते हैं जिनसे आपके प्राइवेट फोटो और आपके बैंक खाते की सभी डिटेल्स उनके पास चली जाती है। हैकर्स आपको ई मेल के माध्यम से भी लॉटरी, शॉपिंग पर अधिक डिस्काउंट या आसन लोन के झांसे में फंसा कर आपको लालच देकर सारा डेटा लीक कर सकते हैं।

फोन किस प्रकार हैक किए जाते हैं?

रिसर्च के मुताबिक हैकर फोन के पिन को ट्रैक करके फोन हैक कर सकते हैं। 4 डिजिट के पिन को क्रैक कर पाना बहुत आसान काम होता है और बहुत से लोग उसे एक बार में ही कर लेते हैं। 5 बार गैस करने पर तो 100% सही गैस किया जा सकता है और यह सब आपके फोन से एकत्रित डेटा के माध्यम से होता है।

बहुत से ऐप और वेबसाइट आपके जीपीएस, कैमरा और अन्य चीजों की परमिशन मांगते हैं और इस बहाने उनके लिए आपका डेटा हैक कर पाना बहुत आसान बन जाता है। अगर वह इन सब चीजों की परमिशन नहीं भी मांग रहे हैं तो सेंसर केवल सुनने से ही इन सब चीजों का एक्सेस ले लेता है और आपकी सारी जानकारी चुरा लेता है।

अगर आप कोई ऐसी वेबसाइट खोल लेते हैं जिसमें हैक होने का डर रहता है और उसे बिना बंद करे ही बैकग्राउंड में अपना अकाउंट या खाते का पिन एंटर करते हैं तो उन हैकर्स के लिए यह जान पाना और भी ज्यादा आसान हो जाता है। वह आपके फोन को लॉक होने के बाद भी स्पाई कर सकते हैं और हैकर आपके फोन का पासवर्ड भी बदल सकता है ताकि वह आपका सारा डेटा चुरा सके।

इसी प्रकार के बहुत सारे उदाहरण हम प्ले स्टोर पर कुछ ऐसे ऐप्स देख सकते हैं जिनकी वेरिफिकेशन कर पाना बेहद मुश्किल होता है। हैक हुए फोन क्रिप्टो करेंसी जैसे नेटवर्क को चलाने में भी प्रयोग किए जा सकते हैं।

यह कैसे जानें कि आपके फोन को कोई ट्रैक कर रहा है?

अगर आपका फोन आपके बिना पता हुए ही किसी और द्वारा चलाया जा रहा है तो आप इस चीज का आसानी से पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ कोड जैसे  ##002#, *#21#,  *#62# अपने फोन पर डायल करके देखने होते हैं।

#02# : अगर आपकी वाइस कॉल या मैसेज फॉरवर्ड किए जा रहे हैं तो यह कोड उन्हें मिटा देगा।

#21# : अगर आपकी कॉल्स कहीं और डायवर्ट हो रही हैं तो इस कोड के द्वारा यह पता लगाया जा सकता है।

#62# : अगर आपकी जानकारी के बिना आपके कॉल्स या मैसेज फॉरवर्ड किए जाते हैं तो इस कोड को डायल करने से यह पता लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

अगर आप इन नंबर्स को डायल करते हैं तो आप आसानी से जान सकते हैं कि कोई आप का फोन ट्रैक कर रहा है या नहीं और इसके साथ ही आप ऐसा होने से रोक भी सकते हैं। इसलिए आज के बाद बिना वेरिफाई किए किसी भी ऐप या वेबसाइट को अपने फोन या डेटा को एक्सेस करने का मौका न दें वरना आपका सारा डेटा लीक हो सकता है और इसके प्रयोग से काफी अपराध भी किए जा सकते हैं। इसलिए आपको सावधान रहना चाहिए।

यह भी पढ़ें-

कोविड -19 रोगियों में ​​ब्लैक फंगस