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बाल अगर बिल्कुल सीधे और सिल्की हों तो लुक में चार चांद लग जाते हैं। इसी वजह से बहुत सी लड़कियां और महिलाएं रोजाना स्ट्रेटनर, कर्लिंग आयरन और तरह-तरह के हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह आदत आपके लिए खतरनाक हो सकती है।
Hair Straightener Effects: आजकल स्टाइलिश दिखना हर किसी की चाहत है। और लुक्स में काफी मायने रखते हैं आपके बाल। बाल अगर बिल्कुल सीधे और सिल्की हों तो लुक में चार चांद लग जाते हैं। इसी वजह से बहुत सी लड़कियां और महिलाएं रोजाना स्ट्रेटनर, कर्लिंग आयरन और तरह-तरह के हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह आदत आपके लिए खतरनाक हो सकती है।
अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने की रिसर्च

हाल ही में अमेरिका के पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक हैरान कर देने वाली रिसर्च की है। इसमें पता चला है कि जब आप अपने बालों को स्ट्रेटनर या कर्लिंग आयरन से स्टाइल करती हैं तो आपके आस-पास की हवा में दस अरब से ज्यादा नैनोकण फैल जाते हैं। ये कण बहुत ही छोटे होते हैं, लेकिन उतने ही हानिकारक भी हैं। ये एक हैवी ट्रैफिक हाईवे जितना ही प्रदूषण पैदा करते हैं। और आप अनजाने में रोज इस प्रदूषण का शिकार होते हैं।
इसलिए खतरनाक है बाल स्टाइल करना
जब आप अपने बालों पर कंडीशनर, हेयर स्प्रे, क्रीम या जेल लगाती हैं और फिर उन पर हीट टूल्स चलाती हैं तो ये प्रोडक्ट्स 150 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ज्यादा तापमान में गरम होते हैं। इतनी गर्मी में इनमें मौजूद वाष्पशील रसायन उड़कर हवा में घुल जाते हैं और नैनोकण बनकर आपकी सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचते हैं। ये कण सीधे फेफड़ों के सबसे अंदर वाले हिस्से तक पहुंचते हैं और वहां सूजन, तनाव और गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। कुछ मामलों में ये दिमाग पर भी असर डाल सकते हैं।
केमिकल से ढके हैं आपके बाल
एनवायर्नमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित इस रिसर्च में एक खास रसायन ‘डी5 सिलोक्सेन’ पर भी गौर किया गया है। यह रसायन ज्यादातर हेयर प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होता है। इसी के कारण बालों में चमक बनी रहती है। लेकिन यूरोपीय रसायन एजेंसी ने इस केमिकल को शरीर में जमा होने वाला माना है। जानवरों पर किए गए टेस्ट में पता चला कि यह रसायन फेफड़ों, लीवर और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसलिए अहम है यह रिसर्च
यह रिसर्च करने के लिए शोधकर्ताओं ने एक खास तरह की लैब बनाई। जहां लोगों को उनके अपने हेयर प्रोडक्ट्स और टूल्स लाकर बाल स्टाइल करने को कहा गया। जैसे ही उन्होंने बालों पर हीट टूल्स का इस्तेमाल किया, हवा में खतरनाक कणों की संख्या तेजी से बढ़ गई। इन कणों को नापने के लिए वही डिवाइस इस्तेमाल किए गए जो गाड़ियों के धुएं को मापने में इस्तेमाल होते हैं। हर स्टाइलिंग सेशन के दौरान 10,000 से 1 लाख तक नैनोकण प्रति घन सेंटीमीटर हवा में फैल रहे थे। ऐसे में साफ है कि बाल स्टाइल करने के साथ ही आप प्रदूषण की चपेट में भी आते हैं।
हमेशा चुनें सही विकल्प
अगर आप रोज बालों को स्ट्रेट या कर्ल करती हैं तो संभलने की जरूरत है। अगर आप अपने बालों और शरीर को खतरनाक प्रदूषण से बचाना चाहती हैं तो इन प्रोडक्ट्स और टूल्स का इस्तेमाल कम करें। बाल स्ट्रेट या कर्ल करते समय बंद कमरे की जगह, खुली हवादार जगह चुनें। खिड़कियां खोलकर रखें और एग्जॉस्ट फैन चलाएं।
लोग नहीं जानते ये सच्चाई
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर कोई 10 से 20 मिनट तक स्ट्रेटनर का उपयोग करता है तो वो दस अरब से ज्यादा नैनोकणों के संपर्क में आता है। यह एक गंभीर बात है। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. नुसरत जंग का कहना है कि यह एक चिंताजनक सच्चाई है। क्योंकि अभी तक लोगों को इस बात की बहुत कम जानकारी है।
