पुरानी कथा है, महाभारत के समय की। पांडवों को वनवास मिला था और वे वन में रहकर अपने दिन काट रहे थे। उस पर भी कौरव उन्हें तरह-तरह से परेशान करने की कोशिश करते। फिर भी पांडवों की हिम्मत को तोड़ नहीं पाए। यों भी पांडवों की वीरता, खासकर अर्जुन के तीरों से वे बहुत […]
Author Archives: प्रकाश मनु
एक स्कूल मोरों वाला
तान्या कंधे पर बस्ता टाँगे मम्मी के साथ स्कूल जा रही थी। अभी वे स्कूल के पिछवाड़े वाली दीवार के पास ही पहुँचे थे कि एकाएक मोर की प्रसन्न आवाज सुनाई दी, ‘केऊँ- केऊँ!’ और उसके बाद तो बार-बार हवा को गुँजाने लगी यह टेर, ‘केऊँ- केऊँ…केऊँ-केऊँ… केऊँ- केऊँ….केऊँ…!!’ तान्या अचानक चौंकी। बोली, “मम्मी-मम्मी, मोर…!” […]
दोस्ती का हाथ – नैतिक कहानी
राजू और चोरी! भला कौन इस पर यकीन कर सकता है? बात ही कुछ ऐसी थी। शहर के सबसे बड़े वकील का लड़का। दोस्तों पर हमेशा ढेरों पैसे खर्च करने वाला राजू। भला वह चोरी करेगा? क्यों? अगर कल तक कोई यह बात कहता, तो लोग इस पर यकीन करना तो दूर, उलटा झगड़ने लगते। […]
ऐसे मना पिंकी का जन्मदिन
पिंकी का जन्मदिन था। पर उसके मम्मी-पापा दोनों ही काम पर गए थे। पिंकी के पापा तो रोज रात के ग्यारह बारह बजे आते थे। एक कंपनी में मैनेजर थे। जल्दी आना उनके लिए मुश्किल था। मम्मी के दफ्तर में भी उस दिन कोई जरूरी काम आ पड़ा था। उन्होंने कहा था, “पिंकी, मैं कोशिश […]
बुजुर्गों का आशीर्वाद – नैतिक कहानी
पुराने समय में एक सुंदर राज्य था, पूपापुर। वहाँ के राजा थे राजदेव। दूर-दूर तक उनकी कीर्ति फैली थी। बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी सम्मान से उनका नाम लेते थे। इसलिए कि राजा राजदेव अपनी प्रजा को बहुत चाहते थे। पंपापुर को उन्होंने बिल्कुल स्वर्ग जैसा बना दिया था। एक बार की बात, राजा राजदेव का जन्मदिन […]
खुशी को मिला मकई का दाना
छोटी-सी थी खुशी और हरदम खुश रहती थी। इसीलिए मम्मी ने उसका नाम रखा खुशी खुशी को भी अपना नाम बड़ा प्यारा लगता। है। इसीलिए वह खुद तो खुश रहती ही है, दूसरों को भी अपनी भोली बातों और नटखटपन से खुश कर देती है। पर इधर कुछ दिनों से नन्ही खुशी जरा सीरियस है। […]
सबसे कड़वी चीज – नैतिक कहानी
एक राजा था धौला मौला। वह बड़ा सनकी था। दरबारियों से अजीब-अजीब सवाल पूछा करता था। न बताने पर दरबार से निकाल देता था। कभी-कभी सख्त सजाएँ भी देता था। एक दिन राजा धौला मौला ने दरबारियों से पूछा, ”अच्छा, आप लोग बताइए, दुनिया में सबसे कड़वी चीज क्या है?” इस पर सबने अलग-अलग चीजों […]
फारस से आया फूलदान – नैतिक कहानी
एक था राजा रंगप्पा। वह बड़ा शौकीन मिजाज था। एक बार किसी ने कहा, ”फारस के फूलदान बहुत खूबसूरत होते हैं।” सुनकर राजा ने फौरन एक दरबारी को फारस भेजा और काँच के दो खूबसूरत फूलदान मँगवाए। वे महल में राजा के सिरहाने रखे रहते थे। सेवक भूलाराम राजा के महल की सफाई करता था। […]
मैना की खरी आवाज – नैतिक कहानी
एक था तोता, एक थी तोती। दोनों बड़े प्रेम से रहते थे। एक दिन तोता बोला, ”चलो तोती, कहीं घूमकर आएँ।” तोती बोली, ”चलो।” उड़ते-उड़ते दोनों पहुँच गए कौओं के देश में। वहाँ एक बड़ा बाग था। बाग में ढेरों आम के पेड़ थे। एक पके आम को देखकर तोती के मुँह में पानी आ […]
जानकीबाई है एक परी का नाम – नैतिक कहानी
जानकीबाई का नाम आज कौन नहीं जानता? जियावनपुर में तो लोग जानकीबाई को देवी की तरह पूजते हैं। और बहुत से लोग तो यह भी कहते हैं कि वह तो एक सुंदर परी है, जो जियावनपुर का नाम ऊँचा करने के लिए आई है। आसपास के गाँव-कसबों और शहर के लोग उसे बड़े प्यार से […]
