Posted inहिंदी कहानियाँ

चित्रकेतु – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, शूरसेन नामक राज्य में चित्रकेतु नामक एक प्रतापी राजा राज्य करते थे । उनके राज्य में पृथ्वी स्वयं ही प्रजा की इच्छानुसार अन्न आदि दे दिया करती थी । चित्रकेतु की अनेक रानियाँ थीं, जिनमें सुंदरता, उदारता, कुलीनता आदि अनेक गुण विद्यमान थे, किंतु फिर भी उन्हें […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

ध्रुव का विष्णुलोक गमन – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: ध्रुव की विष्णु भक्ति की कथा आपने पीछे पड़ी । उत्तराधिकार में उसे पिता का राज्य मिला तो वह धर्मपूर्वक पृथ्वी का पालन करने लगा । उसके राज्य में प्रजाजन धर्म-कर्म में लीन रहते थे । चारों ओर सुख-शांति का राज्य था । उसका विवाह प्रजापति शिशुमार की पुत्री भ्रमि के साथ […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

कलियुग का आगमन – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: पाण्डवों के स्वर्ग जाने के पश्चात् राजा परीक्षित ऋषि-मुनियों के आदेशानुसार धर्मपूर्वक शासन करने लगे । उनके जन्म के समय ज्योतिषियों ने जिन गुणों का वर्णन किया था, वे समस्त गुण उनमें विद्यमान थे । उनका विवाह राजा उत्तर की कन्या इरावती से हुआ । उससे उन्हें जनमेजय आदि चार पुत्र प्राप्त […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

श्रीराम-कथा का सारांश – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है-अयोध्या में इक्ष्याकु वंश के वीर और पराक्रमी राजा दशरथ राज्य करते थे । सूर्यवंशी राजाओं में उनकी बड़ी प्रतिष्ठा थी । उनकी सभा में देवता और ऋषि, मुनि सदा आदर पाते थे । कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी नाम की उनकी तीन रानियाँ थीं । अग्निदेव की कृपा […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: एक बार देवर्षि नारद भ्रमण करते हुए पृथ्वी लोक पर आ निकले । उस समय कलियुग ने पृथ्वी को पीड़ित कर रखा था । पृथ्वी पर सत्य धर्म और तप का पूर्णतः नाश हो गया था । जीव विकारों में डूबे हुए पापी, दुराचारी, मंदबुद्धि और भाग्यहीन हो गए थे । साधु-संत […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

मत्स्य अवतार – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, द्रविड़ नामक देश में सत्यव्रत नामक एक परम वीर, पराक्रमी और तेजस्वी राजा राज्य करते थे । वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे । उनका मन सदा विष्णु भक्ति में लीन रहता था । एक दिन वे कृतमाला नामक नदी में जल तर्पण कर रहे थे […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

त्रिपुर दहन – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है-दैत्य वंश में मयासुर नाम का एक बड़ा भयंकर और दुष्ट दैत्य हुआ । उसे दैत्यों का विश्वकर्मा अर्थात् वास्तुकार भी कहा जाता है । अन्य दैत्यों के समान उसके मन में भी तीनों लोकों का अधिपति बनने की इच्छा थी । किंतु देवता अधिक बलशाली थे । […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भौत्य मनु – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, अंगिरा ऋषि के भूति नाम के एक शिष्य थे । वे बड़े क्रोधी स्वभाव के थे और छोटी-सी गलती पर भी कठोर शाप दे देते थे । उनकी वाणी बड़ी कठोर थी । उनके क्रोध से ऋषि, मुनियों, मनुष्यों, गंधर्वों, यक्षों के साथ-साथ देवता भी भयभीत रहते […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

नवरात्रि व्रत की महिमा – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: कौशल देश में सुशील नाम का एक निर्धन ब्राह्मण रहता था । प्रतिदिन मिलने वाली भिक्षा से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था । उसके कई बच्चे थे । प्रात:काल वह भिक्षा लेने घर से निकलता और सायंकाल लौट आता था । देवताओं, पितृों और अतिथियों की पूजा करने के बाद […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

रौच्य मनु – पुराणों की कथाएं

Bhagwan Vishnu Katha: प्राचीन समय की बात है, प्रजापति बनने से पूर्व रुचि नामक युवक ने अपने लिए न तो किसी घर या महल की स्थापना की और न ही कभी किसी आश्रम की । वह मोह और अहंकार का त्याग कर सदा एक स्थान से दूसरे स्थान पर विचरता रहता था । वह दिन […]

Gift this article