Hindi Kahaniya: गांव में पंचायत लगी थी ,सभी को पंचायत के फैसले का इंतजार था। पंचायत प्रमुख विष्णु पावनी के मुंह से सुनना चाहते थे कि उसके साथ क्या हुआ और किसने किया । लेकिन पावनी नीचे सिर झुकाए रो रही थी ,उसकी आंखों का झरना रुकने का नाम नहीं ले रहा था, उसके साथ […]
Author Archives: ऋतु गुप्ता
शादी का कार्ड-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Story: जून की दोपहर का वक्त है, गरम-गरम लू चल रही है, गर्मी की वजह से एक चिड़िया का बच्चा भी बाहर नजर नहीं आ रहा था। हर छोटा बड़ा गांव में अपने घर में बैठे हैं । बच्चों के स्कूल की छुट्टियां चल रही है, तो मांए भी छोटे बच्चों को कुछ समय […]
सुदामा के चावल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Moral Story: तारा का विवाह एक संपन्न परिवार में हुआ था। वो जल्द ही मां बनने वाली थी, लेकिन पूरे समय उसे बेड रेस्ट पर रखा गया। पूरे सात महीने की परेशानी उठाने के बाद तारा को प्रसव पीड़ा होने लगी।डॉक्टर के हिसाब से प्रसव समय में अभी कुछ समय था,समय से पहले होने वाले […]
गुलाबी सुबह- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: ओ प्रिया ,प्रिया ,प्रिया कितना इंतजार किया तुमने और मैंने इस दिन का, आया भी तो इतने शुभ दिन पर ,होली का त्यौहार है गुलाबी सुबह , गुलाबी मौसम और हम दोनो एक दूसरे के साथ इतने लंबे इंतजार के बाद… पलाश ने अपनी पत्नी की गोद में अपना सर रखे हुए […]
मां लक्ष्मी के कदम-गृहलक्ष्मी की कहानियां
God Story: दीपावली की खुशनुमा दोपहर पूरा परिवार सुबह की पूजा व खाना प्रसाद के बाद शाम को होने वाली पूजा की तैयारी में लगा था। निर्मला देवी बैठी बैठी अपनी बहु वृन्दा को रंगोली बनाना समझा रही थी, वृंदा भी बहुत मन से अपनी सास के द्वारा बनाई हुई रंगोली के तौर तरीके सीख […]
श्रावण मास में शिवाराधना-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Sawan Kavita: श्रावण मास अति पावन है,लो शिव को जल चढ़ाएंँ,हर-हर हर महादेव के जयघोष से सारी सृष्टि गुंजाएंँ।बम बम बम बम भोले शिव ,शिव का ही नाम जपाएंँ,जो शिवजी का ध्यान करें,शिव की भक्ति पाए।मन से करें जो शिवाराधना,वो ही शिव को पाए।कर लो सुमिरन शिव नाम का,जप लो ॐ नमः शिवाय,ॐ नमः शिवाय, […]
“बस अब और नहीं…”-गृहलक्ष्मी की कहानियां”
Reality of Women Story: सत्रह बर्ष की सलोनी दो बर्ष की बेटी का हाथ थामे और आठ महीने के पेट के साथ अपने पिता के मरने पर उसके लिए रोने मायके आई है। दिल कहता है बाप था तेरा, जरा तो संवेदना दिखा, इन आंखों से दो आंसू तो इस रिश्ते के लिए गिरा दे, […]
मां का वजूद-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Maa ka Vajud: घर में छोटी सी पार्टी रखी थी, प्राची की बेटी अवनि और बेटा आकाश दोनों ही अपनी पढ़ाई करके कामयाबी की सीढ़ी पर कदम रख चुके थे । पर प्राची का मन पार्टी के दौरान भी थोड़ा उदास और मन खिन्न था रह-रह कर उसके पति अनुज की मजाक में की हुई […]
जीवनसाथी-प्रेम कहानी
Jeevansathi Story: रुचिता उस दिन सुबह से ही काम में व्यस्त थी। घर की सारी जिम्मेदारी संभालते-संभालते वह जैसे बूढ़ी हो गई थी। काम निपटा कर वह मशीन पर बैठी थी कि तभी फोन की घंटी बजी। स्क्रीन पर देखा तो नंबर अंजान था। उसने फोन उठाया तो दूसरी ओर सुरीली आवाज सुनाई दी, “हैलो […]
बड़ी अम्मी—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Badi Ammi: नजमा तेज बुखार में तप रही थी और छत पर बैठी चुपचाप स्नेह भरी नजरों से नूर को निहार रही थी, जो पास के ही छज्जे पर चढ़ कर पतंग उड़ा रहा था। नजमा नूर से कहना चाहती थी कि बेटा संभाल कर कहीं पतंग के चक्कर में चोट मत मार लेना,पर नूर […]
