Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

“परिपक्वता”-लघु कहानी

Hindi Maturity Story: पूरे घर में जब से पता चला है कि उनकी प्यारी श्रेया किसी अबराम फल वाले को पसंद करती है, मिलती है, अभी उम्र ही क्या है श्रेया की, अभी पिछले महीने ही तो 18 वर्ष की पूरी हुई है।हमारे प्यार, लाड दुलार का और हमारी छूट का श्रेया ने नाजायज फायदा […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

“सन्यासी कौन?”-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Kahani in Hindi: गुलमोहर और पारिजात के वृक्षों से छनकर आ रहा सूर्य का प्रकाश सीधे उमा के चेहरे को छू रहा था, सुरभित पवन के वेग के साथ साथ फूलों की महक भी उमा के हृदय में समा रही थी। कुछ एक फूल आते जाते लोगों के पांव तले अपने अस्तित्व को बचाने का […]

Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ, Latest

नवरात्रि पर शक्ति आराधना का महत्व – लघु कहानी

Navratri Story: नवरात्रि यानी शक्ति की पूजा आराधना , शक्ति की आराधना हमारे समाज में दर्शाती है कि स्त्री एक शक्ति है और शक्ति के बिना तो शिव भी अधूरे हैं, फिर हम सामान्य इंसान की तो बात ही क्या करें? नवरात्र में चाहे पुरुष हो या स्त्री सभी शक्ति की पूजा आराधना करते हैं […]

Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

कन्या पूजन -लघु कहानी

Kanya Puja Story: शांता भाभी ओ शांति भाभी कैसी हो,जरा अपनी पोती खुशी को हमारे घर कन्या पूजन के लिए तो भेज देना, यहां आसपास कन्या कोई दिखती ही नही,बस एक तुम्हारी पोती ही नजर आवे है। और बताओ शांता भाभी तुम्हारी बहू रूपा कैसी है,कौन सा महीना चल रहा है उसे? क्या लागे है […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

 गुलाबी सुबह  की लाल गुलाबी होली-गृहलक्ष्मी की कहानियां 

Love Story in Hindi: गुलाबी सुबह  की लाल गुलाबी होली ओ प्रिया ,प्रिया ,प्रिया कितना इंतजार किया तुमने और मैंने इस दिन का, आया भी तो इतने शुभ दिन पर ,होली का त्यौहार है गुलाबी सुबह , गुलाबी मौसम और हम दोनो एक दूसरे के साथ इतने लंबे इंतजार के बाद… पलाश ने अपनी पत्नी […]

Posted inप्रेम कहानियां, हिंदी कहानियाँ

अमर प्रेम-लव स्टोरी

Hindi Prem Kahani: क्या बाबू जी अब तो मान लो कि मां अब इस दुनिया में नहीं रहीं, कब तक यूं मां का फोटो लिए उसे दर दर ढूंढते रहोगे? आज आठ महीने हो गए पर आप हैं कि मानने को तैयार नहीं की मां…….अपने पिताजी से इतना कहने के बाद प्रभात आगे ना बोल […]

Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi

औरत पहले हूं- लघु कहानी

Women Story: चलो जीजी ओर बताओ और क्या बनाना है? अपना राघव आता ही होगा, पूरे चार बरस बाद आ रहा है, शहर से पढ़ाई करके। बहुत सही करा जीजी जो तुमने उसे सही समय पर पढ़ने भेज दिया। मुझे तो बहुत फिक्र होती है, अपने बेटे सूरज की । आपके देवर ने उसे शुरू […]

Posted inदुखद हिंदी कहानियां, लघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

किन्नर की मां-दुखद हिंदी कहानियां

Kinnar Story: जिस घर में नेहा और आकाश के होने वाले बच्चे की तैयारी में घर भर में खुशियां मनाई जा रही थी, तैयारियां हो रही थी, हर एक सदस्य इस नए मेहमान के आने का इंतजार बेसब्री से कर रहा था, तो आज बच्चा होने पर ऐसा क्या हुआ कि घर भर में उदासी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

“तू मां कहलाने लायक नहीं”—गृहलक्ष्मी की कविता

Mother Poem: जो तू लड़ती मेरे हक को, मुझ को जिंदा दफनाती नहीं,मैं दिल से कहती हूं औरत, तू मां कहलाने लायक नहीं। मां बनना तो सौभाग्य होता, चाहे बेटा हो या बेटी हो,मैं अगर जन्मी बेटी तो इसमें मेरा दोष नहीं।तू मां कहलाने लायक नहीं। मां तो खुद गीले में सोती, ताकि बच्चे का […]

Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi

श्राद्ध की खीर-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Shradh Story: हृदेश जी की पत्नी का आज पहला श्राद्ध था, बहू और बेटे ने हर चीज उनकी पत्नी रमा की पसंद की बनाई थी । तर्पण भी बहुत मन से किया था, और जो ब्राह्मणी श्राद्ध का भोजन करने आईं थी उन्हें बड़े चाव से खाना खिला दान दक्षिणा देकर विदा किया।  खाने में […]

Gift this article