Overview: नींद पूरी न होने से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जो भूख बढ़ाते हैं
अधूरी नींद सिर्फ़ थकान ही नहीं बढ़ाती, बल्कि मोटापे का एक बड़ा कारण भी बनती है। हार्मोनल असंतुलन, बढ़ी हुई भूख, धीमा मेटाबॉलिज़्म और स्ट्रेस — ये सभी वजहें वज़न को तेजी से बढ़ाती हैं। अगर आप मोटापा कम करना चाहते हैं, तो डाइट और एक्सरसाइज़ के साथ-साथ रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद लेना उतना ही ज़रूरी है।
Obesity and Sleep Link: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में नींद सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। देर रात तक काम करना, मोबाइल इस्तेमाल करना या तनाव में जागना आम हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधूरी नींद सीधे तौर पर मोटापे से जुड़ी हुई है? रिसर्च बताती हैं कि रोज़ पर्याप्त नींद न लेने वालों में वज़न बढ़ने का खतरा कहीं ज्यादा होता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि नींद की कमी से शरीर पर क्या असर पड़ता है और मोटापा क्यों बढ़ता है।
नींद की कमी और भूख हार्मोन का असंतुलन
कम नींद लेने से शरीर में घ्रेलिन हार्मोन (भूख बढ़ाने वाला) बढ़ जाता है और लेप्टिन हार्मोन (पेट भरने का संकेत देने वाला) कम हो जाता है। इसका सीधा असर खाने की मात्रा पर पड़ता है और इंसान ज़रूरत से ज़्यादा खा लेता है।
देर रात तक जागना और स्नैकिंग

ज्यादा देर तक जागने से रात में बार-बार भूख लगती है। ऐसे में लोग जंक फूड, चिप्स, मीठे और तैलीय पदार्थ ज्यादा खाते हैं, जिससे कैलोरी इनटेक बढ़कर वज़न बढ़ाने लगता है।
मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाना
अच्छी नींद न लेने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है। यानी शरीर खाने को जल्दी कैलोरी में नहीं बदल पाता और फैट के रूप में उसे जमा करने लगता है।
स्ट्रेस हार्मोन का बढ़ना
नींद की कमी से शरीर में कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ता है। इससे भूख ज्यादा लगती है और खासकर पेट और कमर के आसपास चर्बी जमा होने लगती है।
शारीरिक गतिविधियों में कमी
थकान और नींद पूरी न होने की वजह से दिनभर आलस और सुस्ती रहती है। इसका असर एक्सरसाइज़ और शारीरिक गतिविधियों पर पड़ता है और कैलोरी बर्न कम हो जाती है।
कितनी नींद है ज़रूरी
वयस्कों के लिए रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद ज़रूरी मानी जाती है।
नींद पूरी होने से हार्मोनल संतुलन सही रहता है और मोटापे का खतरा घटता है।
5 घंटे से कम नींद लेने वालों में मोटापा और डायबिटीज का रिस्क दोगुना पाया गया है।
बेहतर नींद के लिए आसान आदतें
रोज़ समय पर सोएं और जागें।
सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन से दूर रहें।
रात का खाना हल्का और समय पर खाएं।
कमरे का माहौल शांत और आरामदायक रखें।
