ये गलतियां बना सकती हैं आपके बच्चे को टाइप 2 डायबिटीज का शिकार: Diabetes Risk in Kids
बच्चों के किन गलत आदतों की वजह से वो टाइप 2 डायबिटीज का शिकार बन जाते हैं।
Diabetes Risk in Kids: टाइप 2 डायबिटीज, जिसे आमतौर पर उम्रदराज लोगों में देखा जाता है, अब बच्चों में भी बढ़ती जा रही है। यह विशेष रूप से गलत लाइफस्टाइल और आहार की आदतों से जुड़ा हुआ है। चलिए जानते हैं कि बच्चों के किन गलत आदतों की वजह से वो टाइप 2 डायबिटीज का शिकार बन जाते हैं।
फिजिकल एक्टिविटी कम होना

बच्चों के लिए शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं, क्योंकि यह शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं और इंसुलिन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाती हैं। आजकल बच्चों में स्क्रीन टाइम (जैसे टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल) बढ़ गया है, जिससे वे शारीरिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं। यदि बच्चे नियमित रूप से खेलने, दौड़ने या किसी खेल में भाग नहीं लेते हैं, तो उनकी शारीरिक फिटनेस में कमी आती है, जो अंततः डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकती है।
खराब आहार देना
बच्चों को जंक फूड, चीनी और वसायुक्त आहार की आदतें जल्दी लग जाती हैं। इन चीजों का अधिक सेवन वजन बढ़ाने और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा देता है, जो टाइप 2 डायबिटीज के विकास का प्रमुख कारण है। अधिक कैलोरी, शुगर और सैचुरेटेड फैट्स खाने से बच्चे मोटापे का शिकार हो सकते हैं, जिससे उनका डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
शुगर वाले भोजन अधिक देना

सॉफ्ट ड्रिंक, जूस और अन्य शुगर से भरपूर पेय बच्चों के लिए सामान्य होते हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन शरीर में रक्त शर्करा (Blood Sugar) का स्तर बढ़ा सकता है। यह वजन बढ़ाने और शरीर में इंसुलिन के प्रति प्रतिरोध पैदा करने में योगदान कर सकता है। इस कारण से बच्चों के आहार से शुगर और शर्करा-युक्त पेय पदार्थों की खपत को नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण है।
नींद की कमी
आजकल के बच्चे देर रात तक मोबाइल या टीवी पर होते हैं, और इसके कारण उनकी नींद की आदतें खराब हो जाती हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में तनाव और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। एक अच्छी और नियमित नींद के बिना शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया प्रभावित होती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।
मोटापा
मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का सबसे बड़ा जोखिम तत्व है। बच्चे जो अधिक वजन वाले होते हैं, उनके शरीर में इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी क्षमता अधिक होती है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। अस्वास्थ्यकर आहार और कम शारीरिक गतिविधियों के कारण बच्चे अधिक वजन के शिकार हो सकते हैं, जो उनके स्वास्थ्य को जोखिम में डालता है।
