पिता के संग बच्चों की बॉन्डिंग को ऐसे सुधारें
किसी कारण से बच्चे के मन में डर पैदा हो जाता है और वह अपने पापा से बात नहीं शेयर कर पाता है और उनसे दूर-दूर रहना पसंद करता हैI
Father-Son Relationship: क्या आपका बच्चा आपसे अपनी सारी बातें व जरूरतों के बारे में बताता है, लेकिन जब पापा उससे पूछते हैं तो वह कुछ भी नहीं कहता है? क्या जब आपका बच्चा अपने पापा के संग रहता है तो एकदम शांत रहता है, ना कोई शैतानी करता है और ना किसी चीज़ की कोई जिद? क्या आपका बच्चा जब अपने पापा से बात करता है तो उसकी आवाज बहुत धीमी हो जाती है? अगर ऐसा है तो इसका साफ अर्थ है कि आपका बच्चा अपने पापा से बहुत ज्यादा डरता है, इसी वजह से वह अपने पापा से कोई बात शेयर नहीं करता हैI
दरअसल किसी कारण से बच्चे के मन में डर पैदा हो जाता है और वह अपने पापा से बात नहीं शेयर कर पाता है और उनसे दूर-दूर रहना पसंद करता हैI लेकिन पापा के संग बच्चों का ऐसा रिश्ता बिलकुल भी सही नहीं है, जितनी जल्दी हो सके इस रिश्ते को मजबूत बनाना बहुत जरूरी होता हैI आइए जानें कि आप अपने बच्चे के मन से पापा के डर को कैसे दूर कर सकती हैंI
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पति से कहें बच्चों से प्यार से बात करें

अधिकांश घरों में ऐसा देखा जाता है कि पिता को अपने बच्चों से कुछ भी कहना होता है तो वे कड़ी आवाज में बोलते हैंI वे हमेशा बच्चों के साथ केवल पढ़ाई के बारे में ही बातें करते हैंI अगर बच्चे अच्छे से नहीं पढ़ते हैं तो उन्हें डाँटते हैं, जिसकी वजह से बच्चों के मन में एक डर पैदा हो जाता है और वे पिता से कुछ भी शेयर नहीं करते हैंI ऐसे में आप अपने पति से कहें कि वे बच्चों से पढ़ाई के अलावा भी थोड़ा प्यार से बात करें, ताकि बच्चों को लगे कि उनके पापा उन्हें प्यार करते हैंI
बच्चे के सामने आपस में कभी ना झगड़े

बच्चों के मन में पिता के प्रति डर इसलिए भी पैदा हो जाता है क्योंकि जब वे अपने पिता को आपसे तेज आवाज में झगड़ा करते देखते हैं तो उन्हें ऐसा लगता है कि उनके पिता अच्छे नहीं हैंI वे हमेशा उनकी मम्मी के साथ लड़ते ही रहते हैं और इसी वजह से उनके मन में एक डर पैदा हो जाता है और वे अपनी कोई भी बात उनसे शेयर नहीं करते हैंI
बच्चे की हर गलती पर मारे नहीं

बच्चे की छोटी-छोटी गलती पर मारना बिलकुल भी सही नहीं हैI ऐसा करने से बच्चा डरा-सहमा सा रहने लगता है और अपनी बातें शेयर करना बंद कर देता हैI इसलिए जब बहुत ज्यादा जरूरत हो तब ही बच्चों के साथ सख्ती से पेश आएं, कोशिश करें उन्हें प्यार से चीजें समझाएंI
पिता के साथ बच्चे को ज्यादा समय बिताने दें

बच्चे अपना ज्यादा समय अपनी माँ के साथ बिताते हैं, जिसकी वजह से वे माँ के साथ सहज महसूस करते हैं और दिल खोलकर अपनी हर बात बताते हैंI आप कोशिश करें कि जब आपके पति घर पर रहें तो वे अपना ज्यादा से ज्यादा समय बच्चों के साथ बिताएं, उनसे बातें करें और उनकी परेशानियों के बारे में पूछें, ताकि बच्चों को यह एहसास हो कि उनके पापा उनसे बहुत प्यार करे हैं और वे बिना डरे उनसे अपनी बातें शेयर कर सकते हैंI
