प्रेग्नेंसी ब्रेन क्या होता है? जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
Pregnancy brain : प्रेग्नेंसी ब्रेन गर्भावस्था के दौरान होने वाली मानसिक परेशानी है, जिसमें कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव के कारण महिलाएं भूलने लगती हैं। आइए जानते हैं इस समस्या के बारे में विस्तार से-
Pregnancy Brain: आपने कई बार गर्भवती महिलाओं के द्वारा कहते हुए सुना होगा कि वे छोटी-छोटी चीजें भूल जाती हैं। इस स्थिति को मोमनेसिया या “प्रेग्नेंसी ब्रेन” कहा जाता है। यानि ‘प्रेग्नेंसी ब्रेन’ एक आम शब्द है, जो गर्भावस्था के दौरान महिलाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली मानसिक धुंध या ध्यान केंद्रित करने में होने वाली कठिनाई को वर्णित करने के लिए इस्तेमाल होती है। इसे “मॉमी ब्रेन” के नाम से भी जाना जाता है। इस स्थिति में गर्भवती महिलाएं याददाश्त से जुड़ी समस्याएं, अस्थिरता और सामान्य से अधिक भावुकता महसूस कर सकती हैं। आइए जानते हैं किन कारणों से होता है प्रेग्नेंसी ब्रेन?
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किन कारणों से होता है प्रेग्नेंसी ब्रेन?

हार्मोनल बदलाव : गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। मुख्य रूप से प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजेन जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिसकी वजह से मस्तिष्क में कई तरह के बदलाव आते हैं। इस वजह से महिलाओं की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
नींद की कमी : गर्भावस्था के दौरान नींद की कमी एक आम समस्या होती है, जिससे थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। अगर आप पर्याप्त रूप से नहीं सो रहे हैं, तो आपको प्रेग्नेंसी ब्रेन की शिकायत हो सकती है।
तनाव और चिंता : गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अपने शरीर में हो रहे बदलावों, आने वाले बच्चे और भविष्य की चिंताओं के कारण मानसिक रूप से तनाव महसूस कर सकती हैं, जो उनकी याददाश्त और मानसिक स्पष्टता को प्रभावित कर सकती है।
शारीरिक बदलाव : प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखे जा सकते हैं, जिसकी वजह से उनके मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इससे मानसिक रूप से भी बीमार महसूस होता है।
प्रेग्नेंसी ब्रेन के क्या हैं लक्षण?
प्रेग्नेंसी ब्रेन की स्थिति में मरीजों को कई तरह के संकेत दिख सकते हैं। आइए जानते हैं इसके कुछ लक्षणों के बाेर में-
- छोटी-छोटी चीजें भूल जाना
- मानसिक थकान महसूस करना
- ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना
- निर्णय लेने में मुश्किल होना
- चीजें रखने की जगह भूल जाना
- कामों को समय पर पूरा न कर पाना, इत्यादि।

प्रेग्नेंसी ब्रेन से बचाव के उपाय?
गर्भावस्था के दौरान होने वाली प्रेग्नेंसी ब्रेन की शिकायत होने पर आप कुछ बचाव के तरीके अपना सकते हैं, जिससे आपकी स्थिति में सुधार आ सकता है, जैसे-
पर्याप्त नींद लें : प्रेग्नेंसी के दौरान जितना संभव हो, उतनी अधिक नींद लें। नींद की कमी के कारण ब्रेन फॉग और भूलने की समस्या बढ़ सकती है।
सही आहार का करें चुनाव : अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान प्रेग्नेंसी ब्रेन से बचना चाहते हैं, तो अपने आहार पर ध्यान दें। मुख्य रूप से कुछ पोषक तत्वों से भरपूर आहार को शामिल करें, जैसे- ताजी फल और सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त आहार, इत्यादि। इस तरह के आहार का सेवन करने से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली बेहतर हो सकती है।
नियमित रूप से हल्के-फुल्के करें व्यायाप : एक्सरसाइज करने से न सिर्फ आपका शरीर फिट रहता है, बल्कि यह मस्तिष्क को एक्टिव और हेल्दी बनाता है। योग और ध्यान भी मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
तनाव को करें कम : रिलैक्सेशन तकनीकी जैसे – मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग और हल्की फुल्की एक्टिविटीज की मदद से आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं। इससे काफी हद तक प्रेग्नेंसी ब्रेन से बचा जा सकता है।
परिजनों की लें मदद : परिवार और दोस्तों की मदद मांगने में संकोच न करें। अगर आप चीजें भूल रही हैं, तो उन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करें, ताकि आप खुद को अधिक बोझिल महसूस न करें।

प्रेग्नेंसी ब्रेन एक सामान्य और अस्थायी स्थिति है। यह आमतौर पर डिलीवरी के बाद धीरे-धीरे पूरी तरह से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आप यह समस्या आपकी दिनचर्या और जीवन पर अधिक प्रभाव डाल रही है, तो डॉक्टर से परामर्श करना सही रहेगा।
