Quit Smoking Tips: सिगरेट पीना धीमे जहर का काम करता है। स्टाइल, स्टेटस और पियर प्रेशर से शुरू हुआ सिगरेट पीने का शौक अक्सर अनचाही लत बन जाती है। जिससे छुटकारा पाना लगभग नामुमकिन सा लगता है। बहुत हुआ तो कुछ लोग सिगरेट से कुछ समय के लिए ब्रेकअप तो कर लेते हैं लेकिन दोबारा पीना शुरू कर देते है। असल में सिगरेट पीने से हमारे अंदर निकोटीन जाता है जो हमारे ब्रेन में डोपामाइन कैमिकल रिलीज करता है। ब्रेन रिलेक्स महसूस करता है, स्ट्रेस और एंग्जाइटी कम होती है और फील गुड महसूस होता है। हम बार-बार अच्छा महसूस करना चाहते हैं, तो बार-बार सिगरेट पीते हैं। ब्रेन को भी सिगरेट की आदत पड़ जाती है।
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क्यों है खतरनाक

एक सामान्य आकार 70 एमएम की सिगरेट में 4 हजार से ज्यादा कैमिकल होते हैं, जो जहरीले और जानलेवा होते हैं। निकोटिन के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, टार, नाइट्रोजन, अमोनिया, सल्फर , एल्कोहल, मीथनाॅल, कैडमियम, मिथेन, आर्सेनिक जैसे खतरनाक कैमिकल मिलते हैं। सिगरेट में मौजूद निकोटिन व्यक्ति को सिगरेट की लत लगाता है, फिर दूसरे कैमिकल मिलकर व्यक्ति को सिगरेट का आदी बना देते हैं। हर कश के साथ 50 से ज्यादा जहरीले कैमिकल शरीर में पहुंचते हैं। ये कैमिकल धीरे-धीरे मस्तिष्क के काॅर्टेक्स हिस्से में पहुंचते हैं और उसे कमजोर कर देते हैं। इससे व्यक्ति की सोचने-समझने की और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। मस्तिष्क से निकलने वाले हार्मोन्स के जरिये पूरे शरीर में फैल जाते है। शुरू-शुरू में भले ही सिगरेट का नशा व्यक्ति को सखद अनुभूति या खुशी का अहसास कराता है, लेकिन ये जहरीले पदार्थ व्यक्ति के शरीर में पहुंचकर उसे कई तरह की बीमारियों का शिकार बनाते हैं।
सिगरेट की लत है जानलेवा
डब्ल्यूएचओ के हिसाब से हर साल दुनिया में तंबाकू की बीमारियों के कारण 80 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। भारत की 35 प्रतिशत आबादी किसी न किसी तंबाकू का सेवन करती है। जिनमें 48 प्रतिशत पुरुष और 20 प्रतिशत महिलाएं हैं। औसतन 17 साल की उम्र में भारत में तंबाकू के सेवन की शुरूआत हो जाती है। ग्लोबल एडल्ट टबैको सर्वे के मुताबिक सिगरेट पीने वाले 92 प्रतिशत लोगों को यह पता होता है कि स्मोकिंग कई खतरनाक बीमारियों का कारण बन सकती है। इनमें से 69 प्रतिशत लोग स्मोकिंग छोड़ना भी चाहते हैं, लेकिन वो ऐसा कर पाने में असफल हो जाते हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए दुनिया भर में हर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को ‘नो स्मोकिंग डे’ मनाया जाता है। ताकि सिगरेट पीने की लत में फंसे लोगों को स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के प्रति सचेत किया जाए और इस जानलेवा लत को छोड़ने में यथासंभव मदद की जा सके। साल 2024 में 13 मार्च को ये दिवस मनाया जा रहा है।
विड्रॉल सिम्टम्स से न घबराएं

सिगरेट की लत72 घंटे तक ही व्यक्ति को चुनौती देती है। उसमे कई विड्राॅल सिम्टम्स (सिगरेट पीने की तलब होना, बैचेनी और डिप्रेशन होना, चिड़चिड़ापन और भूख बढ़ना, सिरदर्द होना, एनर्जी की कमी) आदि देखें जा सकते हैं लेकिन अगर वो अपने 3 दिन बिना सिगरेट के गुजार सकें, तो वह कामयाब हो सकता है। इसके लिए मेडिकल साइंस में इसके सपोर्ट की बहुत अच्छी मेडिकेशन जैसे निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी, निकोटिन पैचेज़, निकोटिन च्यूंगम,मेडिसिन उपलब्ध हैं। डाॅक्टर को कंसल्ट करके इनकी मदद ली जा सकती है। सिगरेट छोडने के तकरीबन एक साल बाद कई तरह के बदलाव आने लगते हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है।
सिगरेट छोड़ना मुश्किल नहीं
हालांकि सिगरेट छोड़ने की राह में उन्हें कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, घर-बाहर के लोगों और दोस्तों के सपोर्ट की बदौलत सिगरेट केे जाल से निकल सकते हैं।
- सबसे पहले सिगरेट छोड़ने की एक समय या टार्गेट तय करें। कुछ भी हो जाए इतने समय में हर हालत में स्मोकिंग छोड देंगे। लेकिन ध्यान रखें कि यह समय-सीमा पर्याप्त हो ताकि आप किसी परेशानी में न पडे़।
- स्मोकिंग छोड़ने के फायदों को हमेशा याद रखें जैसे- स्मोकिंग छोड़ने से हैल्थ अच्छी होगी, फिजूलखर्ची कम होगी, जिंदगी बेहतर होगी। चाहें तो फायदों की लिस्ट अपने कमरे में लगा लें।
- निकोटीन के लिए बार-बार क्रेविंग को मैनेज करना सबसे मुश्किल है। यह क्रेविंग 15-20 मिनट रहती है, इसे एक चैलेंज की तरह लें और अपनी क्रेविंग पर कंट्रोल करें। इससे बचने के लिए खुद को पसंदीदा काम में व्यस्त रखें। या फिर परिवार के सदस्यों या दोस्तों से बात करें, उनका सपोर्ट लें।
- अपने घर में एक सपोर्टिव एनवायरनमेंट बनाएं। अपने रूम में से लाइटर, एश ट्रे, सिगरेट को हटाएं।
- सिगरेट छोड़ने पर क्रेविंग दूर करने के लिए ड्राई फ्रूट्स, फल या पसंदीदा स्नैक्स या पानी हमेशा अपने पास रखें। सिगरेट पीने की क्रेविंग होने पर इन्हें खाएं। बेशक इससे कई लोग स्मोकिंग छोड़ने के बाद ज्यादा खाने और वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं। लेकिन यह शिकायत कुछ दिनों बाद ठीक हो जाती है।
- कई लोगों को खाना खाने के बाद सिगरेट पीने की क्रेविंग होती है। पुरानी आदत छोड़कर नई आदत डालें। जैसे वाॅक करें, इससे आप सेहतमंद भी रहेंगे।
- सिरदर्द और चक्कर आना हल्के लक्षण होते हैं जिन्हें थोड़ी सी मेहनत से काबू किया जा सकता है।कई लोगों को कब्ज की भी शिकायत रहती है जिसके लिए व्यक्ति को हैल्दी फाइबरयुक्त डाइट लें।
- स्मोकिंग की कमी से नींद न आना, डिप्रेशन बढ सकता है। लेकिन अगर ये लक्षण 3-4 सप्ताह से ज्यादा समय तक चलते हैं तो डाॅक्टर को कंसल्ट करना बेहतर है।
(डाॅ नरेश कुमार, जनरल फिजीशियन, दिल्ली)
