Dealing with Controlling Partner: जब आप पहली बार किसी रिश्ते में आते हैं, तो आप इस बात से अनजान होते हैं कि आपको क्या मिलने वाला है। अगर आप अरेंज मैरिज कर रहे होते हें तो आपको अपने पार्टनर के बारे में कुछ भी पता नहीं होता। आप बस एक-दूसरे की पसंद-नापसंद जानते हैं लेकिन एक-दूसरे का असली स्वभाव तभी पता चलता है जब आप एक साथ होते हैं और एक ही घर में रहते हैं। लेकिन आपको उनके साथ रहने से ही अहसास होने लगता है कि वो हर चीज में आपको कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे हैं। यह सिर्फ पुरुषों के साथ नहीं होता कि वो कंट्रोलिंग होते हैं कई बार महिलाएं भी बहुत हद तक हर चीज पर कंट्रोल रखती हैं। ऐसे में दूसरा पार्टनर अपने आप को असहाय और बंधनों से जकड़ा हुआ महसूस करता है। अगर आपको भी लगता है कि आपका पार्टनर कंट्रोलिंग है तो आप इस तरह से उन्हें डील कर सकते हें। हर कोई चाहता है कि वो एक खुशहाल शादीशुदा जीवन व्यतीत करे।
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इसके पीछे की वजह क्या है

कई बार लोगों का अतीत कुछ नॉर्मल नहीं होता। ऐसे में सबसे पहले एक अच्छे पार्टनर होने के नाते आपको इसकी वजह भी जानना जरुरी है। कई बार लोगों को साइकोलॉजिकल इशू भी होते हैं। दूसरे को कंट्रोल करना खुद को बचाने का एक तरीका है। हो सकता है कि उन्हें किसी किस्म की इनसिक्योरिटी हो। जो लोग इस तरह का व्यवहार दिखाते हैं वे अक्सर अपनी इमोशन को शांत करने के प्रयास में अपने आस-पास की चीजों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं।
आप शांत रहें
अक्सर कंट्रोलिंग बहुत ज्यादा एक्सप्रेसिव होते हैं और उनके पास अपने बहुत से लॉजिक मौजूद होते हैं। जिस समय उन्हें कंट्रोल करने की फीलिंग हाई होती है उस समय उनसे बात करना एक झगड़े को दावत देना है। यह बात भी जानें कि यह लोग स्वाभाव के जिद्दी होते हैं। यह आपको उस समय जीतने का मौका बिल्कुल भी नहीं देंगे। बेहतर है कि उस समय आप शांत रहें। लेकिन जब आपको लगे कि उनका मूड कंट्रोल में है तो बहुत तसल्ली से उन्हें बताएं कि आप उनसे असहमत क्यों थे? आप उन्हें यह बताएं कि आप क्या फील कर रहे हैं? बातचीत के दौरान शांत रहना शुरू में थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे, समय के साथ, आप सीख जाएंगे कि अपने और उनके स्वभाव को कैसे बैलेंस कर सकते हैं। आप उनसे पूछें कि क्या उन्हें इस बात का अहसास है कि वह जो कर रहे हैं वह आपके नजरिए से गलत है और यह लंबे समय में आपके रिश्ते को नुकसान भी पहुंचा सकता है। तब शायद आप इस मुद्दे को हल करने के लिए मिलकर काम करना शुरू कर सकते हैं। इस प्रकार की समस्या के समाधान के प्रयास में सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।
एक टीम की तरह काम करें

जब कंट्रोलिंग पाटर्नर आपके साथ इस हद तक बातचीत करने को तैयार होगा तो आप उन्हें बातों- बातों में बता सकते हैं कि आप उनसे बेइंतेहा मोहब्बत करते हैं लेकिन उनका इस तरह का रवैया आपका दिल दुखाता है। आप इस मामले को एक साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास करें। अपने साथी को ईमानदारी से बताएं कि उसकी हरकतें आपको कैसे नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्हें समझाएं कि उनका व्यवहार कभी-कभी आपको परेशान, उदास और यहां तक कि एकदम अकेला महसूस कराता है। उनका इस तरह का रवैया आपके कॉन्फिडेंस और सेल्फ एस्टीम को ठेस पहुंचा रहा है। आप उनके साथ एक खुशहाल जिंदगी जीना चाहते हैं।
खुद को बदलें
इस बात को जानें कि दुनिया में कोई भी परफैक्ट नहीं होता न आप हैं और न ही आपका पार्टनर। अगर उनको आपकी कोई चीज पसंद नहीं है तो आप उसे छोड़ें। हम यह नहीं कह रहे कि आप पूरी तरह से बदल जाए। लेकिन अगर आपको उस खास बदलाव से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता तो अपने रिश्ते की मिटास के लिए ऐसा करने में कोई बुराई भी नहीं है। लेकिन आप उन्हें बताकर यह बदलाव करें। उन्हें अच्छा लगेगा। आप देखेंगे कि धीरे ही सही लेकिन वो भी बदलने की कोशिश करेंगे। बस एक रिश्ते में यही तो चाहिए कुछ तुम बदलो कुछ हम बदलें।
एक्सपर्ट से करें बात
आप देखें कि अगर इन सब तरीकों के बाद भी स्थति और संबंधों में भी कोई ज्यादा सुधार नहीं आ रहा तो आपको एक्सपर्ट की सलाह की जरुरत होगी। इनकी मदद से आप अपने रिश्ते में जो भी गलत हो रहा है उसे सुधारने का प्रयास कर सकते हैं। आप अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए जो भी करें, इतना याद रखें कि आप दोनों की ही फीलिंग्स हर्ट नहीं होनी चाहिए। बस एक दूसरे के साथ ईमानदार रहें। अपने प्रयासों से ले आएं वो फिल्मों वाला प्यार जिसकी आपको और उनको जरुरत है।
