Dada dadi ki kahani : तुम्हें मैंने एक भुलक्कड़ और बुद्ध महिला नीमा की कहानी सुनाई थी। शायद तुम्हें याद होगा कि कहानी का नाम था-‘राघव को गुस्सा क्यों आता है?’ उसी नीमा के बुद्धूपन का एक और किस्सा सुनो। एक दिन नीमा के पति राघव ने नीमा को बहुत सारे छोटे-छोटे पैकेट्स दिए। इन […]
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खाने की मेज़ – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : राजीव एक छोटा-सा व्यापारी था। उसके घर में उसकी पत्नी और एक छोटी-सी बेटी थी-श्वेता। राजीव अक्सर अपने काम के सिलसिले में बाहर जाया करता था। आते समय वह श्वेता के लिए कोई छोटा-सा उपहार ज़रूर लाता था। एक बार राजीव अपने काम से सहारनपुर गया। सहारनपुर उत्तर प्रदेश का […]
बत्तख का कुरूप बच्चा -दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बत्तख अपने अंडों के ऊपर कई दिनों से बैठी हुई थी। अंडों को सेने के लिए हिले-डुले बिना बैठना पड़ता था। इसलिए वह बैठे-बैठे थक गई थी। लेकिन अपने प्यारे-प्यारे बच्चों को देखने के लिए वह कुछ भी कर सकती थी। इसलिए धैर्यपूर्वक बैठी हुई थी। तभी उसे कुछ […]
भाग्यवान नौकरानी – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक धनी व्यक्ति के घर में एक नौकरानी काम करती थी। उसकी पाँच वर्ष की एक सुंदर बेटी थी। अमीर व्यक्ति का एक बेटा था। वह सात वर्ष का था। अमीर व्यक्ति अपनी नौकरानी को बहुत भला-बुरा कहता था। उसकी बेटी को वह हर समय डाँटता रहता था। यदि वह […]
दुष्टता – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक जंगल में एक शेर रहता था। वह बूढ़ा हो गया था। इसीलिए उसको जानवरों का शिकार करने में परेशानी होती थी। उसने सोचा कि क्यों न चालाकी से जानवरों को यहाँ बुलाकर पकड़ लिया जाए। उसने सब जानवरों को बुलाया और बोला, ‘भाइयो, अब मैं बूढ़ा हो गया हूँ। […]
जादुई घोड़ा -दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक बहुत बड़े जादूगर के यहाँ एक नौकर काम करता था। उसका नाम था नीरज। उसकी सेवा से खुश होकर जादूगर ने उसे एक घोड़ा दिया। यह कोई मामूली घोड़ा नहीं था, उसके मुँह से चाँदी के सिक्के झड़ते थे। नीरज बहुत खुश था। उसने अपने मालिक को धन्यवाद दिया […]
भूल गए शैतानी – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : एक शहर की एक छोटी-सी गली के आखिर में एक घर था। उसमें रहते थे शैतानराम। अपने नाम की तरह ही उनके काम भी थे। हर समय सबको सताने में उन्हें बड़ा मज़ा आता था। उनके घर के लोग उन्हें समझाते थे। लेकिन आदत से मजबूर शैतानराम समझते ही नहीं […]
मैंने झूठ नहीं बोला – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : दो किसान भाई एक गाँव में रहते थे। बड़े भाई का नाम था राहुल और छोटे भाई का नाम था माहुल। उन्हीं के गाँव के पास एक और गाँव था। वहाँ के ज़मींदार की एक सुंदर बेटी थी-माला। माहुल और माला एक-दूसरे को पसंद करते थे। माहुल माला से विवाह […]
शक्तियाँ – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : यह उस समय की घटना है, जब ईश्वर ने मनुष्य को बनाया था। कहते हैं कि जब वे मनुष्य को धरती पर भेज रहे थे तो उन्होंने तरह-तरह की चीजें उसे दीं, जैसे कि सुनने की और बोलने की शक्ति, देखने की, सूंघने की और महसूस करने की शक्ति। फिर […]
‘आह’ और ‘ओह’ – दादा दादी की कहानी
Dada dadi ki kahani : जादूगर ‘आह’ और जादूगर ‘ओह’ एक-दूसरे से जलते थे। एक बार जादूगर आह ने ओह पर हमला कर दिया। ओह ने अपने आपको एक घोड़े में बदला और भाग गया। तब आह एक हिरन बन गया और घोड़े के पीछे गया। जैसे ही आह, ओह के पास पहुँचा, ओह भेड़िया […]
