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वाह, बढ़िया है! – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : एक दर्जी था। वह बहुत अच्छे कपड़े सिलता था। काफ़ी गुणवान होने पर भी वह लालची था। जल्दी से बहुत सारे पैसे कमाने के तरीके ढूँढ़ता रहता था। एक बार उसने पूरे शहर में यह ख़बर फैला दी कि उसने एक बिल्कुल नई तरह का कपड़ा बनाया है। यह कपड़ा […]

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सड़क कहाँ जाती है? – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : भीखू हलवाई का बेटा बच्चू एकदम मनमौजी था। मन है तो काम कर लिया नहीं है तो पड़ा रहने दो …… हो जाएगा जब होना होगा। एक दिन उसने दुकान से एक दौना भरकर जलेबियाँ लीं। वह गाँव के बाहर जानेवाली सड़क के किनारे जाकर बैठ गया और जलेबियाँ खाने […]

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राजू – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : एक नगर था अँधेरनगरी। वहाँ के राजा अक्सर उदास रहा करते थे। उनके दरबार के सभी लोग चाहते थे कि वे खुश रहें, क्योंकि जब वे खुश रहते थे तो उनकी प्रजा भी खुश रहती थी। तरह-तरह के लोग उनसे मिलने आते थे और ये कोशिश करते थे कि राजा […]

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खुरपी और माँ –  दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : दीनू एक मज़ाकिया लड़का था। साथ ही थोड़ा बुद्धू भी। वह एक छोटे से गाँव में रहता था। उसके पिता के कुछ खेत थे, जिनमें वे गेहूँ उगाते थे। एक दिन दीनू की माँ ने उससे कहा, ‘हमारे खेतों में जंगली घास बहुत उग आई है। जा बेटा, उसे उखाड़कर […]

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राजा की ज़िद – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : एक थे राजा मानसिंह। एक बार वे राज्य में वेष बदलकर घूम रहे थे। एक जगह उन्होंने बड़ी भीड़ लगी हुई देखी। उत्सुकतावश वे वहाँ जाकर देखने लगे। उन्होंने देखा कि एक मदारी अपने बंदर का खेल दिखा रहा था। मदारी का बंदर इतना समझदार था कि वही सब कर […]

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बुद्धूमल का सपना टूटा –  दादा दादी की कहानी

  Dada dadi ki kahani : तुमने सुना होगा कि दिन में सपने देखना अच्छी बात नहीं है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो दिन में आँखें खोलकर सपने देखते हैं। क्या कहा! आँखें खोलकर कोई सपने कैसे देख सकता है? अरे भाई, देख सकता है-कुछ ऐसे। एक थे बुद्धूमलजी। अपने नाम की […]

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देखो, धोखा मत देना – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani :दो कुत्ते थे-मोती और हीरा। मोती भोला-भाला था। लेकिन हीरा ज़रा चालाक था। दोनों ने एक दिन एक-दूसरे को चुनौती दी कि जो दौड़कर स्कूल तक जाएगा और वापिस आएगा, वह ज्यादा ताक़तवर होगा। स्कूल वहाँ से लगभग एक किलोमीटर दूर था। दोनों ने एक बात और तय की-वह यह कि […]

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चालाकी – दादा दादी की कहानी

Dada dadi ki kahani : एक लोमड़ी थी। वह बहुत ही चालाक थी। उसे लगता था कि उससे ज़्यादा समझदार और चालाक और कोई भी नहीं है। एक दिन वह बहुत भूखी थी। तभी उसे एक कछुआ दिखाई दिया। लोमड़ी ने लपककर उसे उठा लिया। भूखी लोमड़ी कछुए को खाने बैठ गई। लेकिन यह क्या? […]

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गड़बड़ – दादा दादी की कहानी

Stories in hindi for kids ‘Gadabad एक थी नीना। थोड़ी भोली, थोड़ी-सी बुद्धू और थोड़ी-थोड़ी पगली। एक दिन वह घर में किसी को भी बिना बताए जंगल में घूमने गई। उसे छोटे-छोटे ख़रगोश बहुत अच्छे लगते थे। थोड़ी-देर खेलने के बाद वह थक गई। जंगल में एक छोटी-सी नदी थी। नीना नदी के किनारे पर […]

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देखो गुस्सा न करना – दादा दादी की कहानी

Hindi story for kids ‘Dekho Gussa Na Karna’ सूरज और हवा एक दिन अपनी बहादुरी की कहानियाँ सुना रहे थे। सूरज कहता था कि वह ज़्यादा ताक़तवर है और हवा कहती थी कि वह ज़्यादा शक्तिशाली है। दोनों ने तय किया कि वे एक प्रतियोगिता करेंगे। दोनों एक बड़े से मैदान की ओर मुँह करके […]

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