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basant panchami poem
basant panchami poem

आया बसंत पंचमी का त्योहार 
 जीवन में भरी खुशियां अपार।
 मां शारदे आई मेरे द्वार
 अपने वाहन हंस पर होके सवार ।
कलम में देकर मेरी ताकत मां,
अब दूर करो मेरा भी अंधकार ।
ज्ञान बुद्धि से भर दो मां ,आत्मसात करू अच्छा व्यवहार ।
धूप दीप फल मेवा लेकर
आशा की ज्योति जला कर
कब से खड़ी हूं इसे करो स्वीकार।
 संयम, सत्य, स्नेह देकर
दे दो मां मुझ में अच्छा संस्कार ।
कमल पुष्प पर बैठ मां,
 लेकर तुम सरस्वती अवतार।
कहती कीचड़ का तुम कमल बनो ,
अपने कर्म का वन पतवार।

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