बादल आसमान में घूमर घूमर कर मौसम को खूबसूरत बना रहे थे। मैं एक कप चाय के साथ बालकनी में बैठ कर मौसम का आनंद ले रही थी। अचानक चाय पीते पीते कहीं खो सी गई यादों की दुनिया में , पहली बार जब मैं मां बनने वाली थी तो परिवार वालों ने मेरा अल्ट्रासाउंड […]
Author Archives: डॉक्टर कुमारी रिचा
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बसंत पंचमी का त्योहार -गृहलक्ष्मी की कविता
आया बसंत पंचमी का त्योहार जीवन में भरी खुशियां अपार। मां शारदे आई मेरे द्वार अपने वाहन हंस पर होके सवार ।कलम में देकर मेरी ताकत मां,अब दूर करो मेरा भी अंधकार ।ज्ञान बुद्धि से भर दो मां ,आत्मसात करू अच्छा व्यवहार । धूप दीप फल मेवा लेकरआशा की ज्योति जला करकब से खड़ी हूं इसे करो स्वीकार। संयम, सत्य, […]
