इंटिमेसी से लगता है डर, तो ये अचूक उपाय हैं आपके काम के: Afraid of Intimacy
Afraid of Intimacy Credit: Istock

Afraid of Intimacy: इंटिमेसी की परिभाषा हर किसी के लिए अलग-अलग होती है। वहीं इसका अनुभव शारीरिक, बौद्धिक या भावनात्‍मक रूप से हर व्‍यक्ति के लिए भिन्‍न हो सकता है। कुछ कपल इंटिमेसी को इंज्‍वॉय करते हैं कुछ के मन में इसके प्रति डर या फियर बैठ जाता है। इंटिमेसी का डर अक्‍सर चिंता या बचपन के आघात के कारण होता है। इस स्थिति में व्‍यक्ति दूसरे के साथ असहज महसूस करता है और करीब आने से डरने लगता है। कई बार ये समस्‍या रिश्‍ते के टूटने का कारण भी बन जाती है। इससे व्‍यक्ति के सामाजिक अलगाव और मानसिक स्‍वास्‍थ्य संबंधी समस्‍याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि कुछ आसान से उपायों से इस समस्‍या से छुटकारा मिल सकता है, तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

Also read: पार्टनर का फोन चेक करने की है आदत, तो जानिए इससे रिलेशन में होते हैं क्या नुकसान: Relationship Tips

इंटिमेसी डर के प्रकार

Afraid of Intimacy-इंटिमेसी डर नहीं है बीमारी
Types of Intimacy Fears

शा‍रीरिक: किसी के साथ सेक्‍स, फिजिकल टच, किस और ह‍ग करने में डरना।

भावनात्‍मक: अपनी कमजोर भावनाओं और आघात पर दूसरों के साथ चर्चा करने से डरना।

आध्‍यात्कि: दार्शनि‍क मान्‍यताओं और मूल्‍यों को दूसरों के साथ शेयर न कर पाना।

बौद्धिक: किसी भी मुद्दे या घटना पर अपने विचार दूसरों से शेयर न कर पाने का डर।

अनुभवात्‍मक: अपनी हॉबीज या किसी खेल में दूसरों के साथ शेयर या कॉम्‍पटीशन का डर।

इंटिमेसी डर के लक्षण

  • – खुद को चोट पहुंचाना
  • -हर चीज में परफेक्‍शन
  • -खुद को कमतर मानना
  • -भरोसा न करना
  • -दूसरों से जलना
  • -अपनी इच्‍छाओं को छुपाना

इंटिमेसी डर को कैसे करें कम

इंटिमेसी डर नहीं है बीमारी
How to reduce intimacy fear

रिश्‍तों को दें अहमियत

इंटिमेसी डर की स्थिति में व्‍यक्ति को अपने रिश्‍ते को एक्‍सेप्‍ट करने में थोड़ी परेशानी आ सकती है। वह नहीं जानता कि उसका रिश्‍ता कितने समय तक चलेगा लेकिन हर समय इस विषय के बारे में सोचने से वह फियर का शिकार हो सकता है। इसलिए रिश्‍ते को अहमियत देते हुए अपने पुराने अनुभवों को भूलने का प्रयास करें और आगे बढ़ें।

खुद को पहचानें

डर के कारण कई बार व्‍यक्ति खुद को दूसरों से कमतर मानने लगता है। यही वजह है कि वह इंटिमेसी के दौरान असहज महसूस करने लगता है और बेहतर परफॉर्मेंस देने की चाह में गलतियां कर बैठता है। बेहतर होगा कि आप अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानें और अपनी काबलियत के बारे में पार्टनर से बात करें।

Also Read: दादा-दादी का साथ बच्चों के लिए है जरूरी, मिलते हैं ये 5 फायदे: National Grandparents Day

नकारात्‍मक विचारों से रहें दूर

क्‍या आपके मन में भी पुरानी घटनाओं या बातों को लेकर नकारात्‍मक विचार आते हैं। यदि ऐसा है तो आप भी इंटिमेसी डर का शिकार हो सकते हैं। हर व्‍यक्ति का एक पास्‍ट होता है जो अक्‍सर उसे परेशान करता है। यदि आप हमेशा उन नकारात्‍मक विचारों में उलझे रहेंगे तो आप अपना प्रेजेंट और फ्यूचर खराब कर लेंगे। इसलिए मन में सकारात्‍मक विचार लाएं। पुरानी बातों को भूलने का प्रयास करें।

लक्ष्‍य निर्धारित करें

क्‍या आप अपने पार्टनर के साथ पॉजिटिव और लॉन्‍ग टर्म रिलेशनशिप बनाना चाहते हैं, लेकिन इंटिमेसी डर से परेशान हैं। तो इस स्थिति में रिश्‍ते को सुधारने के लिए लक्ष्‍य निर्धारित करें। अपने आप को दूसरों के लिए खोलें। रिश्‍ते में किसी प्रकार का बंधन न रखें। पार्टनर के साथ इंटिमेसी के दौरान इंज्‍वॉय करें। इससे रिश्‍ते में तो सुधार आएगा ही साथ ही आपका डर भी कम हो जाएगा।