Summary: करते हैं माता पिता प्यार एक दूसरे से, बच्चे को ऐसे दिलाएं एहसास
अगर बच्चे माता पिता के सामने एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार करते नज़र आते हैं तो बच्चों के कोमल मन पर इसका बहुत सकारात्मक असर होता है।
Parents Relationship Impact: माता पिता के रिश्तों का सीधा असर उनके बच्चों पर पड़ता है। उनका बात करना, रियेक्ट करना, एक दूसरे के साथ हंसना बोलना इन सभी बातों पर बच्चे काफी गौर करते हैं। अगर बच्चे माता पिता के सामने एक दूसरे से अपने प्यार का इजहार करते नज़र आते हैं तो बच्चों के कोमल मन पर इसका बहुत सकारात्मक असर होता है। बच्चे शांत स्वभाव के बनने लगते हैं। प्यार का महत्त्व समझने लगते हैं। कभी कभी हम बच्चों के सामने प्यार का इजहार करने से बचते हैं। हमें लगता है बच्चों के सामने प्यार का इजहार करना गलत है। शायद बच्चे पर इसका गलत असर होगा। बच्चे के लिए सबसे अनमोल तोहफा है
उसके माता पिता के बीच अटूट प्यार और समझ होना।
अकेले क्यों

बच्चे के सामने अपने प्यार का इजहार करने का सबसे सरल तरीका है एक साथ बैठ कर खाना। एक पार्टनर व्यस्त है तो डिनर टेबल पर आप उनका इन्तजार करें। इस तरह बच्चा समझ पायेगा साथ में खाना खाने का महत्त्व क्या होता है। माता पिता को अपने साथ बैठा देख बच्चे को बहुत सुकून का अनुभव होता है। बेशक बच्चा जता नहीं पाता इसलिए आप उसके हाव भाव से पता लगा सकते हैं। बच्चा समझ पायेगा आप दोनों एक दूसरे के बिना खाना पसंद नहीं करते हैं।
ख्याल रखें

किसी एक के बीमार या परेशान होने की स्तिथि में दूसरा पार्टनर उसे प्यार से समझाए। गले लगा कर दिलासा दे और जताए की आप हमेशा उनके साथ हैं। इस तरह का प्रेम देख कर बच्चा भी उतना ही संवेदनशील बनेगा और हर दुःख मुसीबत में आपको और साथ में अपने सभी जानने वालों का ठीक उसी तरह से ख्याल रखेगा, जैसे उसके माता पिता को उसने देखा है। ये एक ऐसा भाव है जो हर माता पिता को अपने बच्चे में डालना ही चाहिए। इस तरह बच्चा दयालु प्रवत्ति का बनता है।
जादू की झप्पी
प्रेम जताने का तरीका बेहद सरल है। हम प्रेम जताने के लिए किसी को गले लगाते हैं, हाथ पकड़ते हैं या पीठ थपथपाते हैं। अपने बेहद निजी रिश्तों में हम एक दूसरे के गालों या माथे पर बोसा रख देते हैं। माता पिता को एक दूसरे को गले लगाते देखना एक बच्चे के लिए बहुत प्यारा पल होगा। ये इजहार आपके बच्चे के चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान ले आएगा। इस तरह आप साथ में बच्चे को भी प्यार करें और बच्चे को प्यार का इजहार करना सिखाएं।
ये तेरा मेरा क्या है
जीवन साथी होना मतलब हर चीज में एक दूसरे का आधा हिस्सा होना। आदर्श माता पिता बनें। बच्चे के सामने कभी एक दूसरे से ये ना कहें की ये काम आपका नहीं उनका है। बच्चों को तेरा मेरा के कांसेप्ट से दूर रखें। माता पिता हर काम मिल कर करें, खाना बनाना, बाहर के काम, मार्किट जाना, शॉपिंग और अगर आप एक दूसरे के ऑफिस के काम को थोड़ा बहुत जानते हैं तो एक दूसरे की मदद जरूर करें। बच्चा समझ जाएगा की आप दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं।
