बहुत सी महिलाओं की शिकायत होती है कि उन्हें अक्सर सेक्स के बाद जलन यानी बर्निंग की समस्या होने लगती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो इसकी बहुत सी वजहें हो सकती हैं। जिनके बारे में जानना जरूरी है।
सेक्सोलॉजिस्ट डॉ अनूप धीर, सीनियर कंसल्टेंट के मुताबिक सबसे आम कारण तो लुब्रिकेशन का ना होना या जिसे हम आसान भाषा में कहें कम फ्रिक्शन होना है।
लेकिन एक्सपर्ट बताते हैं कि इसके अन्य भी और कारण हो सकते हैं। माना कि यह महिलाओं के लिए एक आशाए स्थित है लेकिन यह गंभीर समस्या नहीं है।
बहुत सी महिलाओं को लगता है कि उन्हें STI की समस्या है तो ऐसा नहीं। अक्सर बर्निंग के साथ साथ आपको और भी लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे पेशाब करते समय जलन होना या वेजाइना में दर्द होना आदि। यह स्थिति कारण पर निर्भर करती है। इस समस्या को डिस्पेर्यूनिया भी कहा जाता है। आइए जान लेते है बर्निंग होने के कुछ आम कारणों के बारे में।
अपर्याप्त लुब्रिकेशन

जब आप सेक्स करते समय लुब्रिकेशन का प्रयोग नहीं करते हैं या फिर कम करते हैं तो आपको बाद में बर्निंग होने लगती है। ड्राइनेस की वजह से भी ऐसा होता है। वैसे तो वेजाइना में खुद का लुब्रिकेशन होता है लेकिन अगर आप को वह महसूस नहीं होता है तो लुब्रिकेंट्स का प्रयोग किया जा सकता है जिससे इंटर कोर्स में भी ज्यादा तकलीफ न हो और बाद में बर्निंग भी महसूस न करनी पड़े। आप वाटर सॉल्यूबल लुब्रिकेंट्स का प्रयोग कर सकते हैं।
ज्यादा रफ इंटर कोर्स

कई बार आपके पार्टनर काफी रफ इंटर कोर्स करते हैं जिसकी वजह से ज्यादा फ्रिक्शन हो जाता है और बाद में महिला को बर्निंग का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपके पार्टनर ज्यादा तेज या फिर हार्ड स्ट्रोक दे रहे हैं जो आपसे सहन नहीं हो रहा है तो आप उन्हें रुकने के लिए बोल सकती हैं और अपनी गति मेंटेन कर सकती हैं जिससे बाद में बर्निंग न हो सके और आपको ज्यादा दर्द न हो।
एलर्जिक रिएक्शन

अगर सेक्स के दौरान आप किसी ऐसे प्रोडक्ट का प्रयोग करते हैं जिससे आपका शरीर एलर्जिक है तो इस वजह से भी आपको बाद में बर्निंग महसूस हो सकती है। जैसे उदाहरण के तौर पर अगर आप कंडोम में प्रयोग होने वाले लेटेक्स से एलर्जिक हैं तो आपको बर्निंग हो सकती है इसलिए ऐसे प्रोडक्ट्स का प्रयोग करने से बचें और इसकी बजाए कुछ अन्य प्रोडक्ट्स का प्रयोग कर सकते हैं।
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन

कई बार किसी UTI के कारण भी आप को बर्निंग महसूस हो सकती है। आपको इसमें पेशाब करने में भी दिक्कत आ सकती है और हर समय इन्फेक्शन की वजह से बर्निंग महसूस हो सकती है। इसका इलाज आपके डाक्टर आपको बता सकते हैं। इसलिए आपको UTI होने पर अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए और इसका अच्छे से इलाज करवा लेना चाहिए। इस स्थिति में आप को पेल्विक पेन भी हो सकता है इसलिए इसके लक्षणों को अच्छे से जरूर जान लें ताकि इसको पहचानते समय आपको दिक्कत न आ सके।
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यूरेथराइटिस

यह एक तरह का बैक्टिरियल इन्फेक्शन होता है जो यूरेथरा में होता है। यह किसी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के कारण भी हो सकता है इसलिए इसके लक्षणों को अच्छे से पहचानना जरूरी होता है। इसके लक्षणों में पेशाब करते समय काफी दर्द होना, जलन होना, बार बार पेशाब करने जाना आदि शामिल होते है। इसके बारे में भी अपने डॉक्टर को जरूर बताएं और अपना इलाज करवाएं ताकि यह जल्द से जल्द ठीक हो सके।
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