Love and Romance
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Lip Kissing Benefits: होठों पर किस करना प्यार जताने का तरीका माना जाता है। यूं तो किस (Kiss) शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकती है- हाथ, माथे, कंधे, गाल, और होठों पर। आमतौर पर किस माथे, गाल और हाथ पर अपने पेरेंट्स, सिबलिंग, दोस्त किसी को भी की जा सकती है। लेकिन होठों पर किस किसी स्पेशल व्यक्ति यानी गर्ल फ्रेंड, ब्वॉय फ्रेंड या जीवनसाथी को ही की जाती है। होठों पर किस प्यार की अभिव्यक्ति करने और स्पेशल महसूस कराने का माध्यम रहता है। कई लोग तो लिप-किसिंग के साथ ही रोमांस करना शुरू करते हैं।

असल में लिप-किसिंग का कॉन्सेप्ट बर्ड या चिड़िया के एक्शन से शुरू हुआ है। जब एक मां चिड़िया अपनी चोंच से अपने बच्चों को खाना खिलाती है, तो बच्चे को अपनेपन का अहसास होता है। समय के साथ-साथ यह कॉन्सेप्ट प्रेमी युगल या कपल्स में विकसित हो गया। वर्तमान में सेक्स लाइफ में लिप-किसिंग बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। लिप-किसिंग कहीं न कहीं आपको सेन्स अटैचमेंट का अहसास कराती है। जब व्यक्ति अपने पार्टनर या गर्ल फ्रेंड या ब्वॉय फ्रेंड के साथ लिप-किसिंग करते हैं, वहां से उनके सेक्सचुअल रिलेशनशिप की इंटेमेसी और सेक्सचुअल रिलेशनशिप की ग्रोथ होती है।

सेक्स लाइफ में जरूरी है लिप-किसिंग

लिप-किसिंग सेक्स करते समय फोरप्ले ही नहीं, इंटरकोर्स के बाद होने वाले आउटप्ले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फोरप्ले में लिप्स या टंग से किस करके एक-दूसरे को उत्तेजित किया जा सकता है। अच्छा चुंबन उत्तेजना है, जो एक अच्छे सेक्स को जन्म दे सकता है। सेक्स करने से पहले आप अपने पार्टनर को जितना ज्यादा किस करेंगे, वो उतने ही उत्तेजित वह होते जाएंगे।

इसी तरह इंटरकोर्स के बाद एक-दूसरे को प्यार करने या लिप-किसिंग की जाती है। इससे पार्टनर एक-दूसरे की वेल्यू बताने के साथ इस बात को आसानी से अभिव्यक्त कर सकते हैं कि सेक्स में भरपूर एंजाय किया। इससे आपसी रिलेशन मजबूत करने और बॉन्डिंग बढ़ाने में मदद मिलती है।

पर्सनल चॉयस

Lip kissing
Personal Choice

जरूरी नहीं कि लिप-किसिंग करना सबको यह पसंद हो। कई ऐसे कपल्स होते हैं जो किस नहीं करते। उन्हें अपने पार्टनर को लिप-किसिंग करना बोरिंग लगता है या लिप-किसिंग करने से उन्हें किसी तरह की फीलिंग नहीं आती। किस करना पुरूष महिलाओं की पर्सनल चॉयस है, किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। किसिंग किसी को पसंद होती है, तो किसी को लिप्स छूना भी पसंद नहीं होता। लेकिन इस बात से नकारा नहीं जा सकता कि रेगुलर किस करने से एक-दूसरे के बीच बॉन्डिंग बढ़ती है।

किस के टाइप्स

हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है, सीधे-सीधे किस करने से जरूरी नहीं कि पार्टनर को आनंदानुभूति हो। बेहतर है कि पार्टनर के साथ कम्यूनिकेट करना चाहिए कि उसे किस तरह की किस पसंद है। जैसे- कई लोगों को फ्रेंच किस पसंद होती है जिसमें वो टंग रोल करते हैं। तो कुछ लोग टंग से किस नहीं करना चाहते। कुछ लोग सिर्फ लिप्स से किस करना पसंद करते है यानी लिप्स को हल्के-से टच करते हैं, तो कुछ डीप किस करना चाहते हैं। कई लोग किस करते समय पार्टनर की कमर, सिर या शरीर के अन्य अंगों को छूते हुए किस करते हैं। कुछ कपल्स यूनिवर्सल किस एंजाय करते हैं जिसमें पार्टनर के शरीर के किसी भी भाग पर किस करके अपने प्यार का इजहार करते हैं। होंठों के अलावा पार्टनर के गाल, आंख, जीभ, माथा, गर्दन और यहां तक कि स्तनों पर भी किस करते हैं।

क्या हैं फायदे

किसिंग करना आपकी रिलेशनशिप की सेहत के लिए ही नहीं बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है।

  • वर्किंग कपल्स के लिए तो लिप-किसिंग करना और जरूरी हो जाता है। प्यार की अभिव्यक्ति का बेहतर माध्यम होने के कारण बिजी शेड्यूल में अगर अपने पार्टनर को किस करना उन्हें अच्छी फील कराएगा। रेगुलर रूटीन में ज्यादा नहीं तो एक बार लिप-किस जरूर करना चाहिए।
  • लिप-किस आपको यह अहसास कराती है कि पार्टनर को आपसे प्यार है। दोनों के रिश्ते को मजबूत बनाता है। आपके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैै कि यह पार्टनर मेरा है और वो भी आपके प्रति समर्पित है।
  • ओरल या लिप-किस को सेक्स का स्टार्टर कहा जाता है। यह व्यक्ति के डोपामाइन सेक्सचुअल हार्मोन को स्टीमुलेट करता है यानी रोमांटिक भावनाओं को बढ़ाने में सहायता करता है। जब आप अपने पार्टनर को किस करते हैं या छूते हैं, तो इंटीमेसी की शुरूआत होती है। किस करने के बाद अक्सर व्यक्ति सेक्सुअल प्लेज़र में चले जाते हैं।
  • किस करना आपसी प्यार, एक विश्वास की निशानी भी है। इससे आपका रिश्ता भी बहुत मजबूत होता है। आप अपने पार्टनर के साथ जब यौन संबंध बना रहे होते हैं और अगर आप उन्हें बिना किस किए ही सेक्स करने लगते हैं तो आपके पार्टनर को इस बात का बुरा लग सकता है। उन्हें ऐसा लग सकता है कि आप उनके साथ सिर्फ सेक्स करना चाहते हैं।
  • लिप-किसिंग कहीं न कहीं आपके शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक हैप्पी हार्मोन को रिलीज करता है, जो सुखद और संतुष्टि का अहसास होता है।
  • शरीर से कोर्टिसोल का स्तर लगातार कम होता है। तनाव कम होता है, डिप्रेशन दूर होता है। एक छोटा-सा किस शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और आपको रिलेक्स करने में मदद करता है।
  • जब हम किस करते हैं तो हमारे शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है, जो कि हमारे दिल के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे हमारा दिल अच्छे से पंप करता है और इससे पूरे शरीर में रक्तसंचार होता है। इससे हमारा ब्लड प्रेशर भी कम होता है।

लिप-किसिंग के वक्त रखें ध्यान

Lip Kissing
Lip Kissing
  • लिप-किसिंग करते समय जल्दबाजी न करके रिलेक्स रहना बहुत जरूरी है।
  • किसिंग करते समय सांस लेने का पूरा ध्यान रखें। किस करते हुए अपनी नाक से नॉर्मल तरीके से सांस लेते रहें। यानी किस करने की उत्तेजना में सांस रोकना या गहरी-गहरी सांसे लेना गलत है। सांस रोक कर किस करने पर असुविधा हो सकती है।
  • लिप-किसिंग करते हुए यथासंभव आंखें बंद रखें। आंखें खोलकर किस करने से एंगजाइटी ज्यादा होगी। आंखें बंद करके प्यार की फीलिंग को एंजाय करें और रिलेक्स करें।
  • सबसे बड़ी बात है कि लिप्स मुलायम और हेल्दी हों। लिप्स शरीर या नैन-नक्श का खास अंग होने के साथ सेक्स प्रक्रिया के दौरान फोरप्ले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिए लिप-केयर करना जरूरी है।
  • ओरल हाइजीन का रूटीन से ज्यादा ध्यान रखना चाहिए ताकि मुंह से बदबू न आए और किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस न हो। ऐसा होने पर संभव है कि पार्टनर लिप-किस करने से कतराने लगे।

(डॉ भारती कालरा, गाइनाकोलॉजिस्ट, भारती अस्पताल, करनाल)