Communication Between Couples
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Communication Between Couples: यह तो हम सभी जानते हैं कि किसी भी रिश्ते के लिए कम्युनिकेशन ही आधार है। जब आप अपने पार्टनर से हेल्दी व ओपन कम्युनिकेशन करते हैं तो इससे आपके रिश्ते की कई तरह की समस्याएं खुद ब खुद दूर हो जाती हैं। साथ ही साथ, इससे उनका अधिक प्यारा व खुशहाल बनता है। हालांकि, यहां पर आपको यह समझना जरूरी है कि सिर्फ पार्टनर से बातचीत करना ही हैप्पी रिलेशन के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि आप अपने पार्टनर के किस तरह बात करते हैं, इस पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है।

कई बार यह देखने में आता है कि कपल्स एक-दूसरे से असम्मानजनक तरीके से बात करते हैं, जिससे उनके बीच की समस्याएं दूर होने की जगह बढ़ती ही चली जाती हैं। इतना ही नहीं, जब वे साथ होते हैं तो उनके बातचीत का अंदाज कुछ ऐसा होता है, जिससे सामने वाले व्यक्ति को बार-बार ठेस पहुंचती है और फिर एक वक्त के बाद पार्टनर आपसे दूर हो जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ कम्युनिकेशन के तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके रिश्ते को पूरी तरह से बर्बाद कर सकते हैं-

आलोचनात्मक तरीके से बात करना

Communication Between Couples
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कई बार यह देखने में आता है कि कपल्स जब एक-दूसरे से बात करते हैं तो उस दौरान उनका रवैया आलोचनात्मक होता है। वे लगातार अपने साथी की अलोचना करते हैं और उनके द्वारा लिए गए गलत फैसलों या फिर उनकी असफलता को लेकर अक्सर आलोचना करते हैं। जिससे सामने वाले व्यक्ति को ना केवल दुख होता है, बल्कि कहीं ना कहीं इससे क्रोध व नाराजगी जैसी भावनाएं भी जन्म लेने लगती हैं। इससे सामने वाला व्यक्ति भी असम्मानजनक तरीके से बात करने लगता है। जब बार-बार उसके सम्मान को चोट लगती है तो वह उस रिश्ते को तोड़ देना ही अधिक बेहतर उपाय समझता है।

बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे बातचीत के दौरान बहुत अधिक प्रोटेक्टिव हो जाते हैं। वे अपनी इमेज को लेकर बहुत अधिक कॉन्शियस होते हैं और इसलिए जब पार्टनर के साथ किसी मुद्दे पर बात करते हैं तो ऐसे में किसी भी तरह से अपनी गलती मानना उन्हें स्वीकार नहीं होता है। यहां तक कि, कई बार तो खुद को प्रोटेक्ट करने के चक्कर में वे अपने पार्टनर की ही गलतियां निकालना शुरू कर देते हैं। ऐसे में कभी भी उनके बीच का कम्युनिकेशन सक्सेसफुल नहीं हो पाता है। इस तरह का व्यवहार आपसी कम्युनिकेशन ब्रिज को तोड़ता है और उनके रिश्ते में कई तरह के अनसुलझे मुद्दे ऐसे ही रह जाते हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे मन-मुटाव बढ़ने लगते हैं और कपल्स एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं। 

आज के अधिकतर कपल्स में यह समस्या देखी जाती है कि वे अपने पार्टनर के साथ असम्मानजनक तरीके से बात करते हैं। यहां तक कि परिवार व रिश्तेदारों के बीच भी वे अपने पार्टनर का मजाक उड़ाने या उनकी कमियां गिनाने से नहीं चूकते हैं। अकेले में वे कभी-कभी अपने पार्टनर के साथ गाली-गलौच भी करने लगते हैं। इस तरह का कम्युनिकेशन कभी भी सार्थक नहीं हो सकता है। जब एक या दोनों पार्टनर एक-दूसरे से असम्मानजनक तरीके से बात करते हैं तो इससे सामने वाले व्यक्ति के आत्म-सम्मान पर चोट लगती है। जिससे वे दोनों एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं। अगर आपको अपने पार्टनर से किसी तरह की कोई शिकायत है तो ऐसे में आप उससे लड़ाई करने या गलत शब्दों का इस्तेमाल करने की जगह शांतिपूर्वक बैठकर बात करें और समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करें। अपशब्दों के इस्तेमाल से रिश्ते में सिर्फ और सिर्फ दूरियां ही आती हैं।

कुछ लोगों में इतना धैर्य नहीं होता है कि वे अपने पार्टनर की बात को पूरा खत्म होने दें। अक्सर ऐसे लोग बीच में ही बोल देते हैं। हो सकता है कि आपको इसमें किसी तरह की कोई बुराई नजर ना आए, लेकिन इस तरह से बीच में बोलना सम्मान की कमी को दर्शाता है। इससे उन्हें लग सकता है कि उन्हें अनसुना किया जा रहा है। ऐसे में अधिकतर लोग अपने मन की बात अपने पार्टनर से कहना धीरे-धीरे छोड़ देते हैं। जब कपल्स के बीच ओपन कम्युनिकेशन बंद हो जाता है तो इससे उनके बीच की परेशानियां कम होने के स्थान पर बढ़ने लगती हैं। इस तरह दोनों पार्टनर एक-दूसरे से दूर होने लगते हैं और अंततः उनका रिश्ता बिखर जाता है। इसलिए, जब पार्टनर या फिर कोई भी व्यक्ति कुछ कहता है तो उसे धैर्य के साथ सुनें। इससे आपको सामने वाले व्यक्ति के पक्ष को अधिक बेहतर तरीके से जानने व समझने में भी मदद मिलती है।

Communication Between Couples
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स्टोनवॉलिंग तब होती है जब एक साथी चुप हो जाता है और संवाद करने से इनकार कर देता है। इससे दूसरे साथी को अनदेखा और महत्वहीन महसूस हो सकता है। समय के साथ, यह विश्वास और भावनात्मक अंतरंगता को खत्म कर देता है, क्योंकि जिस साथी को स्टोनवॉल किया जा रहा है वह खुद को अलग-थलग महसूस कर सकता है। इससे उनके बीच के मुद्दे भी हल नहीं हो पाते हैं। जब समय के साथ समस्याएं बढ़ती चली जाती है तो इसका सीधा व नकारात्मक प्रभाव उनके रिश्ते पर पड़ता है।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...