fifty shades freed novel in Hindi
fifty shades freed novel in Hindi

fifty shades freed novel in Hindi: “मुझे तो लगा था कि तुम्हारा जन्म सिएटल में हुआ था।” मैंने हौले से कहा।

इस बात का जैक से क्या लेना-देना है। उसने एक तकिया लिया और उस पर अपनी कोहनी टिका कर मेरे हाव-भाव देखने लगा।

“नहीं, मुझे और इलियट, दोनों को ही डेट्रॉयट में गोद लिया गया था। उसके बाद हम यहां आ गए थे। ग्रेस पश्चिमी तट के पास कोलाहल से दूर रहना चाहती थीं और उन्हें नार्थ वेस्ट अस्पताल में नौकरी मिल गई। मुझे बहुत ज्यादा याद नहीं है। ईया को यहीं गोद लिया गया था।”

“तो जैक भी वहीं से है क्या?”

“हां”

“ओह! तुम्हें कैसे पता?”

“मैंने जांच की थी।”

“क्या उसके बारे में भी सब पता लगा रखा है।”

“हां”

“उस फाइल में क्या लिखा है?”

“क्या तुम सचमुच जानना चाहती हो।”

“क्या बहुत बुरा है।”

“नहीं, उससे भी बदतर।”

क्या वह अपनी बात कर रहा है। मुझे बचपन का वह बेबस बालक याद आ गया। मैंने उसे अपने पास खींचा और छाती पर सिर रख लिया।

“क्या हुआ?”

“कुछ नहीं।”

“नहीं, नहीं। एना कुछ तो है?”

मैंने सोचा उसे बता ही दिया जाए।

“कभी-कभी मैं सोचती हूं कि जब तुम ग्रे के पास नहीं आए थे तो कैसे दिखते थे।”

“मैं अपनी बात नहीं कर रहा था। मैं किसी की दया नहीं चाहता। एनेस्टेसिया! मेरी जिंदगी का वह हिस्सा बीत चुका है।”

“यह दया नहीं है। यह तो करुणा है।” किसी भी बच्चे को इस रूप में देख कर ऐसा भाव मन में आ सकता है।

“क्रिस्टियन! तुम्हारी जिंदगी का वह हिस्सा अभी बीता नहीं है। तुम ऐसा नहीं कह सकते। तुम हर रोज उसके साथ जीते हो। याद करो, तुमने ही तो बताया था।”

उसने अपने बालों में हाथ फेरा पर मुंह से कुछ नहीं कहा।

“फिर भी तुम मेरा दिल दुखाती हो।” वह बोला।

हे भगवान! क्या मैंने जान कर ऐसा किया? भीतर बैठी लड़की का भी यही कहना है। मैंने तय किया कि उसे अनसुना कर दूंगी। ये सब कितनी उलझन से भरा है। मैं उसकी पत्नी हूं। उसकी सेक्स गुलाम या कोई जायदाद नहीं हूं। मैं उसकी दुष्टा मां भी नहीं हूं। डॉक्टर के शब्द मेरे दिल को कचोटने लगे।

जो भी कर रही हो। वही करती रहो। क्रिस्टियन को इसी तरह संभाला जा सकता है। …उसे तरक्की करता देख अच्छा लगा। मैं तो वही कर रही हूं। जो हमेशा से करती आई हूं। क्या उसे मेरी यही खूबी पसंद नहीं आई थी?

“शायद मैं तुम्हें तुम्हारे अतीत के साए से दूर ला कर अच्छा ही कर रही हूं। बस यही नहीं जान पाती कि किसी भी बात पर तुम्हारी प्रतिक्रिया क्या होगी?”

“भाड़ में जाए डॉक्टर!”

“क्या वह तुम्हें अब भी ऐसी बातें कहता है?”

“क्रिस्टियन! मैं जानती हूं कि तुम अपनी मां से प्यार करते थे और उसे बचा नहीं सके पर वह तुम्हारा काम नहीं था और मैं भी वह नहीं हूं।”

“चुप करो।”

“तुम्हें सुनना होगा।” उसने मानो अपनी सांस रोक ली।

“मैं वह नहीं हूं। मैं कहीं ज्यादा ताकतवर हूं। मेरे पास तुम हो और तुम पहले से कहीं ताकतवर हो और मैं जानती हूं कि तुम मुझसे प्यार करते हो। मैं भी तुमसे प्यार करती हूं।”

“क्या तुम अब भी मुझसे प्यार करती हो?” उसने मुझसे पूछा।

“बेशक! प्यार करती हूं और हमेशा करती रहूंगी।”

उसने मुझे अपने पास खींचा पर अपने चेहरे को बांह से ढ़क लिया।

“ऐसा मत करो। तुम सारी जिंदगी अपने-आप को छिपाते आए हो। अब ऐसा मत करो।”

“पर तुम एक बात बताओ कि एना तुमने सेफ वर्ल्ड का प्रयोग नहीं किया?”

उसे नहीं बता सकती। नहीं बता सकती कि मैं डर गई थी कि वह मेरी बात मानेगा भी या नहीं। मैं नहीं चाहती थी कि वह बात आगे बढ़े और मुझे वह वक्त याद आ गया था जब उसने मुझे अपनी बेल्ट से मारा था।

“क्योंकि तुम बहुत गुस्से में और मुझसे बहुत दूर और खोए हुए दिख रहे थे।”

“क्या तुम नहीं चाहते थे कि मैं चरम सुख तक पहुंचूं?” यह पूछते ही मेरे चेहरे पर लाली आ गई, पर पूछना जरूरी था।

“नहीं।”

“ओह… ऐसा कठोर बर्ताव!”

“पर मुझे खुशी है कि तुमने टोक दिया”

“क्यों?”

“क्योंकि मैं अपनी हद से आगे चला गया था। तुम्हें चोट तो नहीं पहुंचाना चाहता था पर अपने पर काबू नहीं रहा था।”

…और बातों ही बातों में हम एक-दूसरे से लिपट गए। उसने मेरी बांहों में आ कर चैन की सांस ली।

“एना! जिस तरह मुझे तुम्हारी जरूरत है। उसी तरह मुझे हर चीज को अपने वश में करना पसंद है। मैं ऐसे ही जी सकता हूं। कोशिश भी कर ली पर कोई और उपाय नहीं है।”

ओह! यह कैसी दुविधा है। मुझे चाहता भी है और बस में भी रखना चाहता है। यह दोनों ही बातें अपने-आप में अनूठी है।

“मुझे माफ करो। मैं आगे से इन बातों को ध्यान रखूंगी।”

“मैं चाहता हूं कि तुम भी मुझे चाहो”

“मैं चाहती हूं।”

“हां! मुझे तुमसे दूर जाना पसंद नहीं है।”

“एना! तुमसे बहुत प्यार करता हूं।”

“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं।”

अचानक आंख खुली तो पाया कि हम प्लेरूम में ही सो गए थे। अचानक उसके हिलने से मेरी आंख खुली। ये क्या वह तो कांप रहा था। क्या वह कोई बुरा सपना देख रहा था।

“नहीं!” वह चिल्लाया।

“क्रिस्टियन उठो!” मैंने चादर हटा कर उसे जगाना चाहा। उसे कंधों से पकड़ कर हिला दिया और मेरे आंसू टपकने लगे।

“क्रिस्टियन उठ जाओ!”

वह झट से उठ बैठा और खाली-खाली आंखों से मुझे ताकने लगा।

“तुम बुरा सपना देख रहे थे। तुम अपने घर में हो। तुम सही-सलामत हो।”

उसने पागलों की तरह पलकें झपकाते हुए, यहां-वहां ताका।

“एना!” वह मुझे बांहों में भर कर चूमने लगा। वह मुझे दीवानों की तरह चूम रहा था।

ओह! ऐसा लगा मानो उसे यकीन न आ रहा हो कि वह मेरे साथ है। और अचानक ही मेरी सोई हुई वासना भी जाग उठी।

“मैं यहीं हूं। तुम्हारे पास हूं।” मैंने अपने-आप को उससे सटाते हुए कहा।

“ओह एना! मुझे तुम्हारी जरूरत है।”

मुझे भी। मैं उसे चाहती हूं। उसे अपने लिए अभी चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि हम दोनों इस नशे में खो कर, बाकी सब कुछ भूल जाएं।

ओह! दो पल पहले तो हम सो रहे थे और अब..

“क्या मैं…”

“हां क्यों नहीं… ओह!” अचानक ही मुंह से आह निकली और हमारे मुुंह आपस में जुड़ गए।

ये बस इतनी जल्दी हुआ कि सोचने का भी वक्त नहीं मिला। वह दीवानों की तरह अपनी भूख मिटा रहा था और मैं केवल साथ दे रही थी। शायद आज रात मेरी नहीं है। कुछ ही देर में वह तृप्त हो कर, मेरे ऊपर ही लेट गया और मैंने उसे संभलने का वक्त दिया। फिर वह एक ओर लेटा और मुझे खुल कर सांस आया।

ओह एना! उसने बड़े ही लगाव से मेरा माथा चूम लिया।

“तुम ठीक हो।” मैंने उससे पूछा पर उसका चेहरा स्याह पड़ गया है। शायद सपने का असर अभी गया नहीं है। वह मेरी आंखों में ऐसे झांकने लगा मानो जानना चाहता हो कि वह दरअसल कहां है।

“तुम कितनी सुंदर हो।”

अचानक ही उसने अपनी टेक बदल दी। कुछ ही देर में मैं उसकी मनपसंद मुद्रा में उसके साथ थी और उसके होंठ मेरे शरीर के सबसे संवेदनशील अंग के साथ खेल रहे थे। फिर वह धीरे-धीरे अपनी अंगुलियों से उस हिस्से की मालिश करने लगा। उसे शरीर में दबी वासना को उभारने और शांत करने की कला में महारत हासिल है। मैंने आगे हो कर उसके बाल चूम लिए और इस आनंद में मग्न हो गई।

अभी ये सब खत्म नहीं हुआ। उसने कहा और एक ही झटके में उसने खुद को मेरे भीतर उतार दिया।

ओह बेबी। वह मुझे अपनी गोद में बिठा कर, नितंबों के सहारे उछाल रहा है। और मैं उसके हाथों का खिलौना बन कर भी बहुत खुश हूं। मैं जानती हूं कि इस समय यही उसकी जरूरत थी। बहुत देर तक हम उसी झूले में हिचकोले खाते रहे। बहुत से प्यार से भरे शब्दों का आदान-प्रदान हुआ और जब ये तूफान थमा तो मैं उसके पास लेट गई। दरअसल मैं जानना चाहती हूं कि वह कौन सा बुरा सपना देख कर उठ गया था पर उसके बारे में पूछते ही उसने झटक दिया।

समझ नहीं आता कि इसके मूड के इतने उतार-चढ़ाव का मैं क्या कर सकती हूं। हमने तय किया कि अपने कमरे में जा कर सोएंगे। मैंने खुद को चादर में लपेट कर चलना चाहा तो उसने रोक कर मुझे बांहों में भर लिया।

“मैं नहीं चाहता कि तुम यहां गिर जाओ।”

रात को आंख खुली तो पाया कि वह बिस्तर में नहीं था। अभी तो रात के तीन बज कर बीस मिनट ही हुए थे। वह कहां गया। मैंने पिआनो का सुर सुना।

मैं गाउन पहन कर बाहर लपकी। वह बहुत ही उदास कर देने वाली विरक्त सी धुन बजा रहा है। मैंने उसके कंधे पर सिर रख दिया और वह पिआनो बजाता रहा। वह इतना उदास क्यों है? क्या मेरी कोई गलती है? वह इस तरह बर्ताव क्यों कर रहा है। उसने अपनी धुन पूरी करने के बाद मुझे देखा।

“तुम इतने परेशान क्यों हो?”

“मेरे घर में एक आदमी घुसा जो मेरे बीबी का अपहरण करना चाहता था। मेरी बीबी मेरी बात नहीं सुनती। वह अपने वादे तोड़ देती है। वह मुझ पर भरोसा नहीं रखती। मैं बुरी तरह से दहल गया हूं।”

“सॉरी! ”

“मैंने सपने में तुम्हें मरा हुआ देखा।

“तुम फर्श पर लेटी थीं और लगता था कि तुम कभी नहीं उठोगी।”

ओह मेरा फिफ्टी!

“छोड़ो भी, वह तो एक बुरा सपना भर था।” मैंने उसका हाथ थामा और उसे अपने साथ कमरे में ले गई।

जब उठी तो वह मेरे साथ लिपट कर गहरी नींद में मग्न था। मैं हिली तक नहीं। मैं बहुत देर तक उस आनंद में मग्न रहना चाहती थी।

ओह कल कैसी शाम थी । क्या मेरी जिंदगी इसी तरह रहेगी। इसी तरह मुझे इसके मूड के उतार-चढ़ाव का सामना करना होगा। खैर, इतना तो तय है कि मैं उससे कहीं ज्यादा मजबूत हूं और सब कुछ संभाल सकती हूं। मैं इससे प्यार करती हूं इसलिए इसके लिए कुछ भी कर सकती हूं। मैं उसके लिए और वह मेरे लिए सब कुछ है। मैंने सोचा कि अगले सप्ताहांत को कुछ खास बना दूंगी और कोशिश करूंगी कि उसे परेशानी में न डालूं।

तभी वह उठ गया और कुछ मीठी बातों के बाद उसने बताया कि वह मुझे एस्पेन ले जाना चाहता था।

“एस्पेन?”

“एस्पेन कोलोराडो?”

“हां भई। वही जिसके लिए तुमने सारा पैसा दान कर दिया था।”

“वह तुम्हारा पैसा था।”

“हमारा पैसा था”

“नहीं, तब वह तुम्हारा ही था”

“ओह! तुम्हारा आंखों का मटकाना।”

“पर वहां जाने में तो घंटों लगेंगे।”

“जेट में नहीं लगते।”

“बेशक मेरे पति के पास जेट है। मैं कैसे भूल सकती हूं।

टेलर हमें जेट के पास ले गया। मेरा पति खास मूड में है। वह किसी छोटे बच्चे की तरह उमंग से भरा है जो कोई राज छुपाना चाहता है। आज वह सीईओ नहीं लग रहा।

“तुम्हारे लिए सरप्राइज रखा है।”

“ये क्या है?”

जैसे ही मैं जेट के अंदर गई तो मुझे वहां ईया, ईथन, केट और इलियट भी बैठे दिखाई दिए।

“ओह ये क्या!”

“तुमने ही तो कहा था कि तुम्हें अपने दोस्तों से मिलने का मौका नहीं मिलता।”

“मैं आप सबका धन्यवाद करता हूं कि आप सब इतने कम समय में आने के लिए राजी हो गए।”

“ओह! हमें भी खुशी हुई।” सबने एक साथ कहा।

मैं तो जैसे यकीन नहीं कर पा रही।

अचानक उसने मुझे अपने कंधों पर उठा लिया।

“ओह मुझे नीचे उतारो।” मैं चिल्लाने लगी।

“माफ करना! अपनी बीबी से अकेले में कुछ बात करनी थी।”

हाय! ये क्या हो रहा है। मुझे तो शर्म आ रही है।

क्रिस्टियन मुझे उसी केबिन में ले गया। जहां शादी के बाद…।

“हां, यह तो वही जगह है।”

“मि. ग्रे! आपने तो अच्छा तमाशा बना दिया।”

“मिसेज ग्रे! मुझे तो बड़ा मजा आया।”

उसके चेहरे की मुस्कान चौड़ी हो गई। ओह! आज वह कितना जवान और बेलौस दिख रहा है। मुझे अपना क्रिस्टियन इसी तरह अच्छा लगता है।

“क्या तुम इस बारे में फिर से सोच रही हो। दोबारा करना चाहती हो।” मुझे वह समय याद आया तो चेहरे पर लाली छा गई। शादी वाली रात भी भला कैसे भूल सकती है। कल हमने कितनी बातें कीं। कितना दिल खोला पर डर इसी बात का लगता है कि यह सब अनजान है। मैं जान नहीं सकती कि वह कब तक इस मूड में रहेगा।

“अरे हमारे मेहमान इंतजार में है। चलो अंदर चलें।” वह बोला।

यह कब से लोगों की परवाह करने लगा? उसने झुक कर बड़े ही प्यार से मेरा नाक सहलाया और हम भीतर चले गए।

“क्रिस्टियन! मैं तो इस सरप्राइज को देख कर दंग हूं।” मैंने उसकी छाती पर हाथ फिराते हुए चूम लिया।

“तुमने ये सब तैयारी कब की?”

“कल रात। जब जाग रहा था तो मैंने इलियट व ईया को मेल किया और प्लान बना लिया। …और देखो वे आ भी गए।”

“हां, धन्यवाद।”

“इस तरह हम एस्पेन में प्रेस से भी बचे रहेंगे जो लोग हमारे घर के बाहर चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें हम वहां नहीं मिलेंगे।” वह बोला।

“हां, उसने सही कहा।” मैं भी आज सुबह उन प्रेस वालों को दरवाजे पर जमघट लगाए देख चुकी थी।

“चलो सीट पर आ जाओ। हम उड़ान भरने ही वाले हैं।”

मैं बड़े प्यार से सबसे मिली और उन्हें आने के लिए धन्यवाद दिया। क्रिस्टियन का यह उपहार मुझे कभी नहीं भूलेगा। तभी नतालिया अंदर आ गई। अरे यह तो वही है जो हमारी उस उड़ान के दौरान भी थी। वही लाल बालों वाली युवती। नतालिया का मेकअप बड़ा ही ज़बरदस्त होता है। यह अपनी चुस्त पोशाक में प्यारी दिखती है। उसने हमें उड़ान से जुड़ी औपचारिक जानकारी दी और सभी अपनी सीट बेल्ट बांध कर बैठ गए।

केट ने मौका पाते ही हाइड के बारे में जानकारी लेनी शुरू कर दी। जब वह पूछताछ करने के मूड में आती है तो किसी के रोके नहीं रुकती। मैं नहीं चाहती थी कि वह इन बातों से मेरे पति का मूड खराब करे पर उसे मनाना मुश्किल है। उसने पता लगा लिया कि हाइड ने मेरे साथ बद्तमीज़ी की थी इसलिए उसे काम से निकाला गया था।

उसने मुझे घूरा।

“एना! तूने बताया नहीं?”

मैंने उसे मेज के नीचे से ठोकर मार कर चुप रहने का संकेत भी किया पर वह उसके सिर के परे निकल गया। उसने फिर से मेरे पति को टहोका दिया।

“हाइड भी डेट्रायट का ही रहने वाला है न?”

ओह! अब हद हो गई। बस भी कर…।

मैंने अपने पति का हाथ कस कर थाम लिया। उसे पता है कि मुझे उड़ान भरते समय बहुत घबराहट होती है। तभी इलियट भी अपनी जिज्ञासा के साथ आगे आ गया। वह भी हाइड के बारे में जानना चाहता है। अब मेरे पति को बताना ही होगा।

वह बोला, “यह बातें उसके रिकॉर्ड में नहीं हैं पर हम जानते हैं। उसके पिता एक बार झड़प के दौरान मारे गए। उसकी मां बहुत पियक्कड़ थी और वह बार-बार बाल सुधार गृहों से निकाला जाता रहा। फिर वह थोड़ा संभला और प्रिंसटन के लिए छात्रवृत्ति ले ली।”

“अच्छा जी।”

“हां पढ़ने में अच्छा था। ”

“पर पकड़ा तो गया न?”

“मुझे तो लगता है कि कोई और भी उसके साथ है। वह अकेला यह काम नहीं कर सकता।”

“वह कितने साल का है।” मैंने उसके पास होते हुए पूछा

“क्यों पूछ रही हो?”

“बस यूं ही।”

“वह 32 साल का है।”

“हाइड की बातें मत करो। मुझे खुशी है कि वह पकड़ा गया।” मैं चुप लगा गई।

“क्या तुम्हें लगता है कि वह किसी के साथ यह काम कर रहा है?”

“मैं नहीं जानता।” क्रिस्टियन ने बात का विषय बदलना चाहा।

“कहीं ऐसा तो नहीं कि वह किसी एलीना जैसी के साथ मिल कर तुम्हारे खिलाफ़ साजिश रच रहा हो?” मैंने यह बात हौले से कही।

केट व इलियट अपनी बातों में मग्न थे। बेशक उन्होंने इस बारे में नहीं सुना होगा।

“भले ही वह दोस्त नहीं रही। पर वह मेरे साथ ऐसा कभी नहीं कर सकती। अब उसकी बातें बंद करो। मुझे पता है कि तुम उसके बारे में ज्यादा बात करना पसंद नहीं करतीं।”

“क्या तुम उससे मिले?”

“मेरे जन्मदिन के बाद से, हमारी मुलाकात नहीं हुई। मैं उस बारे में बात भी नहीं करना चाहता।” उसने मेरा हाथ चूम लिया।

इलियट ने चुटकी ली, “कोई कमरा ले लो…।”

फिर मेरे पति ने जवाब दिया और वे चुहलबाज़ी करने लगे। मुझे शर्म आने लगी तो केट बीच में कूदी।

“अब बस भी करो इलियट…।”

“तुम्हें इससे क्या?”

केट व उसके बीच कोई अनबन चल रही है। हम सभी उसे केबिन में महसूस कर सकते थे।

इलियट ने ठीक ही तो कहा था कि मैं अपने पति की पहली गर्लफ्रेंड थी और उसने मुझसे ही शादी कर ली। यही इल्ज़ाम मुझ पर भी लगाया गया था पर क्या करें, यही सच है। केट सब जानती है और मैं यह जानती हूं कि उसके पास मेरे राज़ सुरक्षित रहेंगे।

“अच्छा! अब आप लोग अपनी बेल्ट खोल कर केबिन में घूम सकते हैं। हम करीब दो घंटे में पहुंच जाएंगे।”

नतालिया उठ कर बोली

“क्या आप लोगों में से कोई कॉफी लेना चाहेगा?”