Parenting Advice: हम सभी चाहते हैं कि बच्चों में अच्छे संस्कार आए और वे जीवन में बहुत अधिक खुशियां व सफलता प्राप्त करें। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बचपन से ही बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएं। अमूमन देखने में आता है कि बचपन में पैरेंट्स अपने बच्चों की गलतियों व हरकतों को अनदेखा करते हैं, लेकिन फिर वह उनकी आदत में शुमार हो जाता है और ऐसे में बाद में उन्हें सुधारना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप सच में चाहते हैं कि आपका बच्चा बड़ा होकर एक जिम्मेदार व्यक्ति बने तो इसके लिए आपको बचपन से ही उसकी परवरिश वैसी करनी होगी।
आज के समय में अधिकतर घरों में देखने को मिलता है कि बच्चे काम से बचने की कोशिश करते हैं और इसके लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। ऐसे में पैरेंट्स उनकी इस आदत की अनदेखी करते हैं और खुद ही बच्चे के काम कंप्लीट करने लग जाते हैं। हालांकि, पैरेंट्स के रूप में आपका यह रवैया बच्चे को और भी ज्यादा बिगाड़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बच्चे की इस आदत को सुधार सकते हैं-
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पहले जानें कारण

अमूमन यह देखने में आता है कि जब बच्चे काम से बचना शुरू करते हैं तो या तो पैरेंट्स उसे इग्नोर करते हैं या फिर उसे डांटना शुरू कर देते हैं। हालांकि, यह दोनों ही अप्रोच गलत मानी जाती है। अगर बच्चा बार-बार काम करने से बचता है तो आपको पहले उसके कारण को समझने की कोशिश करनी चाहिए। आप यह जानने का प्रयास करें कि बच्चा काम क्यों नहीं करना चाहता है। मसलन, वह काम करने में बोरियत महसूस करते हैं या फिर किसी काम को करते हुए उनका ध्यान बाकी चीजों में अधिक होता है। जब आप सही कारण को जान पाएंगे तो आपके लिए बच्चे की इस आदत में सुधार कर पाएंगे। उसके वास्तविक कारण को समझने के लिए आप बच्चे से बात कर सकते हैं और उससे आप उनके मन की भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
सेट करें रूटीन
अगर आप बच्चे में अच्छी आदतों का संचार करना चाहते हैं और उसकी काम से बचने की आदत को सुधारना चाहते हैं तो ऐसे में एक रूटीन सेट करना बेहद जरूरी है। जब आप शुरुआत से बच्चे के लिए रूटीन सेट करते हैं तो इससे बच्चों को यह जानने में मदद मिलती है कि उन्हें किस समय क्या करना चाहिए। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप पैरेंट के रूप में बच्चे के रूटीन में सिर्फ काम ही शामिल ना करें। बल्कि उन्हें खेलने व अन्य मनपसंद चीजें करने के लिए भी समय सेट करें। अगर बच्चा रूटीन फॉलो नहीं करता है तो आप प्यार से बैठकर उसे रूटीन को फॉलो करने के फायदों के बारे में समझाएं। आप उसके लिए एक रिवॉर्ड सिस्टम भी सेट कर सकते हैं। इससे यकीनन वह प्रोत्साहित होगा।
काम को छोटे-छोटे स्टेप में बांटें

कई बार बच्चा काम करने के लिए इसलिए भी कतराता है, क्योंकि उसे काम बहुत अधिक भारी व बोझिल लगता है। इसलिए, बच्चे को प्रोत्साहित करने के लिए आप उस काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें। मसलन, अगर आप चाहते हैं कि बच्चा अपना पूरा कमरा आर्गेनाइज करे तो ऐसे में आप उसे सीधे ही कमरा आर्गेनाइज करने के लिए ना कहें। बल्कि उनसे कहें कि वे अपनी बुक्स और टॉयज को सही तरह से अरेंज करें। बच्चा इन्हें आसानी से कर लेगा। जब वह ऐसा करता है, तब आप उसकी दिल खोलकर प्रशंसा करें और फिर आप उन्हें अगला टास्क दें। इस तरह जब एक टास्क को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर बच्चे को करने के लिए दिया जाता है, तो वे बेहद खुशी से उसे करते हैं, क्योंकि उन्हें काम आसान महसूस होता है।
बनें रोल मॉडल
अगर आप सच में बच्चे में अच्छी आदतों का संचार करना चाहते हैं तो ऐसे में आपको उनके लिए रोल मॉडल बनना होगा। अक्सर यह देखने में आता है कि बच्चे अपने बड़ों को देखकर सीखते हैं। इसलिए, अगर आप उनके सामने काम से बचने के लिए या फिर उसे ना करने के लिए बहाने बनाएंगे तो इससे बच्चा भी वही सीखेगा और फिर वह भी ऐसा ही करेगा। इसलिए, आप बच्चे को दिखाएं कि आप किस तरह से ध्यान केंद्रित करके और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करते हैं। इससे बच्चे में भी खुद ब खुद यह आदत आ जाएगी और वह भी अपने काम को अधिक सीरियसली करना पसंद करेगा।
दें विकल्प

कई बार यह भी देखने को मिलता है कि जब पैरेंट्स बच्चे से किसी काम को करने के लिए कहते हैं तो उन्हें ऐसा लगता है कि उन पर वह काम थोपा जा रहा है। इसलिए, वे उस काम से बचने के लिए कई तरह के अलग-अलग बहाने बनाते हैं। इसलिए, जब आप उन्हें कोई काम करने के लिए दें तो साथ ही कुछ विकल्प भी दें। इससे उन्हें ऐसा लगता है कि वे अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं और कोई भी काम उनसे जबरदस्ती नहीं करवाया जा रहा है। बच्चे को विकल्प देने से उन्हें सशक्त महसूस करने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, उनसे पूछें कि क्या वे नाश्ते से पहले या बाद में अपना होमवर्क पूरा करना चाहते हैं। इतना ही नहीं, आप उन्हें यह चुनने दें कि वे पहले किस काम को करना चाहते हैं। बच्चे को उनकी उम्र के अनुसार काम को चुनने की अनुमति दें। जिम्मेदारी की यह भावना काम करने के लिए उन्हें मोटिवेट कर सकती है।
