Indian single mother managing household and child expenses thoughtfully
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Overview: सिंगल मदर अपनी कमाई में बच्चों के खर्च को यूं करें मैनेज

अगर आप एक सिंगल मदर हैं तो सिर्फ अपनी कमाई में भी बच्चों के खर्च को आसानी से मैनेज कर सकती हैं। जानिए इस लेख में।

Single Mother Money Management: सिंगल मदर होना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। एक सिंगल मदर के लिए सही फाइनेंशियल मैनेजमेंट बेहद ही जरूरी है। उन्हें सिर्फ घर का किराया या राशन ही मैनेज नहीं करना होता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनकी जरूरतों, खुशियों व भविष्य तक के बारे में सोचना पड़ता है। जब हर महीने सैलरी आती है तभी से यह जद्दोजहद शुरू हो जाती है कि बच्चों की फीस कैसे जाएगी, घर का खर्च कैसे निकलेगा और अगर अचानक कोई खर्च आ जाए तो उसे किस तरह मैनेज करना होगा।

अक्सर सिंगल मदर्स को बेहद ही समझदारी के साथ पैसों से जुड़े फैसले लेने पड़ते हैं। अगर वह सही योजना के साथ आगे बढ़ें तो ऐसे में वे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम जानते हैं कि सिंगल मदर सिर्फ अपनी कमाई में बच्चों के खर्च को किस तरह मैनेज कर सकती हैं-

Understand monthly expenses
Understand monthly expenses

आप सही तरह से पैसों को मैनेज कर पाएं, इसके लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले यह समझने की कोशिश करें कि पैसा कहां जा रहा है। आप बच्चों की स्कूल फीस से लेकर कॉपी-किताब, खाना, मोबाइल, किराया व बिजली के खर्च को एक कागज या मोबाइल नोट्स में लिख लें। इससे आपको यह समझ में आ जाएगा कि आपके जरूरी खर्च कौन से हैं और उनमें कितना खर्च हो रहा है। ऐसे में आपको फालतू खर्च अपने-आप दिखने लगते हैं।

अगर आप चाहती हैं कि आप महज अपनी कमाई में भी बच्चों के खर्च को आसानी से मैनेज कर पाएं, इसके लिए जरूरी है कि आप पहले गैर जरूरी खर्चों को समझने की कोशिश कीजिए। आप बच्चों की चीजों को दो हिस्सों में बांटिए, सबसे पहले जरूरी खर्च, जिसमें पढ़ाई, खाना, दवा व  कपड़े को शामिल करें। दूसरा वो खर्चे, जिन्हें बाद में भी किया जा सकता है, जैसे महंगे खिलौने, नया फोन या बार-बार बाहर खाना। इससे आप के लिए चीजों को समझदारी से संभालना आसान हो जाएगा। साथ ही, बच्चों को प्यार से समझाइए कि अभी सब कुछ तुरंत नहीं हो सकता।

Indian single mother saving money for emergency expenses
emergency expenses

आप एक सिंगल मदर हैं और ऐसे में आपको कभी भी किसी भी तरह का अचानक का खर्च करना पड़ सकता है। बीमारी से लेकर स्कूल का अचानक खर्च आपको परेशान कर सकता है। इसलिए, हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे अलग रखें। धीरे-धीरे 3-4 महीने का खर्च जमा हो जाएगा। इससे आपको कभी भी परेशान नहीं होना पड़ेगा।

हम सभी का सबसे ज्यादा पैसा बीमारी में खर्च होता है। जिससे सारा बजट बिगड़ जाता है। लेकिन अगर हेल्थ इंश्योरेंस है, तो ऐसे में आप बड़ी टेंशन से बच जाती हैं। याद रखें कि यह खर्च नहीं, बल्कि एक सिक्योरिटी है।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...