Narendra Kumar Verma
Narendra Kumar Verma

Editorial Review: वर्ष का यह समय केवल त्यौहारों का ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का संगम भी है। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा की उपासना हमें शक्ति, भक्ति और साधना का संदेश देती है। दुर्गा पूजा के पंडाल केवल सजावट नहीं, बल्कि सामूहिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक बनते हैं। वहीं श्राद्ध पक्ष हमें अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता और स्मरण का अवसर देता है।

इस अंक में हमने आपके लिए इन पर्वों से जुड़े गहन और रोचक लेख प्रस्तुत किए हैं। आप पाएंगे कि नवरात्र का उपवास केवल शरीर को नहीं, आत्मा को भी शुद्ध करता है। दुर्गा पूजा के उत्सवों का वर्णन आपको परंपरा की जड़ों से जोड़ देगा। साथ ही, श्राद्ध के महत्व और उसकी विधियों को लेकर जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी। हमने रामलीला और दशहरा पर भी विशेष लेख दिए हैं, जो न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा को जीवंत करते हैं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की विजय के शाश्वत संदेश को भी याद दिलाते हैं।

सितम्बर का यह समय स्वास्थ्य की दृष्टि से भी विशेष सावधानी बरतने का संकेत देता है। ऋतु परिवर्तन के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और मानसिक शांति बेहद आवश्यक है। नवरात्र के उपवास यदि सही ढंग से किए जाएं, तो वे शरीर को डिटॉक्स करने और ऊर्जा से भरने का उत्तम साधन बन सकते हैं। ‘साधना पथ’ का यह अंक इन्हीं आयामों को समर्पित है- जहां श्रद्धा, संस्कृति और स्वास्थ्य का संतुलन पाठकों को एक नई दिशा देगा। इसमें शामिल लेख आपको न केवल धार्मिक पर्वों की गहराई से परिचित कराएंगे, बल्कि स्वास्थ्य और जीवनशैली को भी संतुलित रखने का मार्ग सुझाएंगे।

कृपया इन विषयों पर लिखे हमारे विशेष लेख अवश्य पढ़ें। यह केवल जानकारी नहीं देंगे, बल्कि आपको अपनी संस्कृति और आस्था के और निकट ले जाएंगे।
आपको यह अंक कैसा लगा? आपके विचार हमें और श्रेष्ठ पठन सामग्री को आपके पास पहुंचाने में मदद करेगा। स्वस्थ रहें और आशावादी बने रहें।

धन्यवाद।

आपका…
नरेन्द्र कुमार वर्मा
nk@dpb.in