Editorial Review: नये वर्ष की शुरुआत पढ़ने, सोचने और स्वयं से जुड़ने के संकल्प के साथ करें। नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।डिजिटल दौर ने बहुत कुछ आसान कर दिया है, पर सच कहें तो इसी सुविधा के साथ पढ़ने की आदत कहीं पीछे छूटती जा रही है। छोटे-छोटे संदेश, त्वरित जानकारियां और लगातार बदलती स्क्रीन, […]
Author Archives: नरेंद्र कुमार वर्मा
संपादक की कलम से
Editorial Review: दुर्गा पूजा के बाद का समय नई उमंग और शक्ति से भर देता है क्योंकि इसके तुरंत बाद धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज और छठ क्रम से आते हैं और घर को दीपों की रोशनी, पकवानोंकी मिठास और खुशियों से भर देते हैं। यह पर्व-श्रृंखला केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: वर्ष का यह समय केवल त्यौहारों का ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का संगम भी है। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा की उपासना हमें शक्ति, भक्ति और साधना का संदेश देती है। दुर्गा पूजा के पंडाल केवल सजावट नहीं, बल्कि सामूहिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक बनते हैं। वहीं […]
संपादक की कलम से
Editorial Review: सावन-भादो का महीना अपनी पूरी हरीतिमा और सौंदर्य के साथ हमारे बीच उपस्थित है। वर्षा की फुहारें जहां धरती की प्यास बुझा रही हैं, वहीं मन-मस्तिष्क को भी एक नई ताजगी और ऊर्जा से भर रही हैं। इस मौसम में प्रकृति हमें सिखाती है कि परिवर्तन आवश्यक है- सूखी टहनियों पर भी नये […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: गर्मियों की तेज धूप जब धरती को तपाती है, तो यह समय हमें बाहर से नहीं, भीतर से शीतलता खोजने का आमंत्रण देता है। साधनापथ का यह मई अंक उसी आंतरिक विश्राम और जागरण का संदेश लेकर आपके समक्ष उपस्थित है। इस विशेषांक में हम जगद्गुरु आदिशंकराचार्य के जीवन और उनके अद्वैत दर्शन […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: गर्मियों की शुरुआत के साथ ही धार्मिक यात्राओं, त्यौहारों और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का समय भी आ जाता है। इस माह चार धाम यात्रा आरंभ हो रही है, जो न केवल उत्तराखंड की पवित्र धरा से जुड़ी है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक भी है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: 45 दिन तक चलने वाले महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो चुका है लेकिन लोगों में अगले कुंभ के प्रति उत्साह अभी खत्म नहीं हुआ है। लोग यह जानना चाहते हैं कि 12 साल बाद होने वाला अगला कुंभ कहां होगा और क्या उसमें स्नान करने का प्रतिफल, महाकुंभ जैसा होगा! विशेषकर […]
संपादक की कलम से: Editorial Review
Editorial Review: बसंत पंचमी के साथ ऋतु परिवर्तन की सुगंध हर ओर फैलने लगती है। प्रकृति अपने सुनहरे परिधान में सजीव हो उठती है और ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन से विद्या, बुद्धि और संगीत की साधना आरंभ होती है। यह पर्व विद्याॢथयों और ज्ञान-साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है लेकिन यह […]
