Parenting Tips in Hindi: बच्चों को समझना कोई छोटी-मोटी बात नहीं है बल्कि हम अपने बच्चों को सही परवरिश देने के लिए जी जान से मेहनत करते हैं। वह अपने अंदर भी कई बदलाव करते हैं। बच्चे जिस वातावरण में रहते हैं। उनका व्यवहार वैसे ही होने लगता है। इसलिए बच्चों के सामने बहुत सोच समझकर रहना चाहिए। पेरेंट्स को अपने बच्चों के सामने वैसे ही नजर आना चाहिए जैसे कि वह अपने बच्चों के लिए उम्मीद करते हैं। आईए जानते हैं उन बातों को जो पेरेंट्स को भूलकर भी अपने बच्चों के सामने नहीं करनी चाहिए।
लड़ाई झगड़ा और बहस से बचें

पेरेंट्स को बच्चों के सामने बहस और लड़ाई झगड़ा करने से बचना चाहिए। पेरेंट्स को अपने घर में बहुत ही रिलैक्स्ड एनवायरमेंट बनाना चाहिए ना कि स्ट्रेसफुल और अनहेल्थी। लड़ाई झगड़ा करने से बच्चों में और सुरक्षा और तनाव का भाव पैदा हो सकता है।
गाली गलौज ना करें
पेरेंट्स को अपने बच्चों के सामने गाली गलौज करने से बचना चाहिए क्योंकि कहीं ना कहीं बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और बच्चे भी गाली गलौज सीखने लगते हैं। इसलिए बच्चों के सामने सोच समझ कर बोलें।
बच्चों के सामने नशा करने से बचें
पेरेंट्स को अपने बच्चों के सामने किसी भी तरह का नशा नहीं करना चाहिए। शराब और धूम्रपान बच्चों के सामने करने से बच्चों में भी यह आदत पैदा हो सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा किसी भी तरह के नशे से दूर रहे तो उनके सामने नशा करने से बचना चाहिए।
बेईमानी और झूठ
पेरेंट्स को अपने बच्चों के सामने बेईमानी और झूठ बोलने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से बच्चों में भी यह आदतें पैदा होने लगती हैं। बच्चों के लिए उनके मां-बाप ही सबसे आइडियल होते हैं, जो उनका आइडियल करता है बच्चे वही चीज सीखते हैं।
अनुशासनहीनता से बचें
बच्चों के सामने आपको अपने अनुशासन पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर आपकी दिनचर्या काफी अनुशासित होगी तो बच्चा भी अनुशासन का महत्व समझ पाएगा और अपने जीवन में वह अनुशासित रहेगा।
नीचा दिखाने या बुराई करने से बचें

पेरेंट्स को अपने बच्चों के सामने दया और सहानुभूति का भाव दिखाना चाहिए। बच्चों के सामने किसी के बारे में नेगेटिव ना बोलें। ना ही किसी को नीचा दिखाने का प्रयास करें। यह बुराइयां आपके बच्चे के जीवन में भी जगह बना लेंगे।
रिस्की बिहेवियर से बचें
आपको अपने बच्चों के सामने ऐसा बिहेवियर नहीं करना चाहिए, जो रिस्की हो सकता है। जैसे आप बहुत तेज गाड़ी चला रहे हैं या फिर किसी हथियार का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा करने से आपका बच्चा भी आपको कॉपी करने की कोशिश करेगा और गलत आदतों का शिकार हो जाएगा।
वादें ना तोड़ें
पेरेंट्स को अपने हर कमिटमेंट्स और वादों पूरा करना चाहिए। बच्चों के अंदर भी विश्वास पैदा होगा और वह भी अपने कमिटमेंट्स और प्रोमीसेज को पूरा करने की आदत डालेंगे।
बच्चों की भावनाओं को इग्नोर ना करें
पेरेंट्स को अपने बच्चों की भावनाओं को इग्नोर नहीं करना चाहिए। अपने बच्चों के भावनाओं को सुनें, समझें और जहां जरूरत हो वहां अपनी राय भी दें। इससे आपके बच्चे की मानसिक स्थिति मजबूत होगी और वह अपने इमोशंस को आपके सामने रख पाने में सक्षम होगा।
