Child Mental Health
Child Mental Health

Child Mental Health: बच्चों के लिए मानसिक सेहत का महत्व उतना ही है, जितना शारीरिक सेहत का। शारीरिक सेहत अच्छा होने से बच्चे हस्त हृष्ट-पुष्ट, निरोग तथा शारीरिक रूप से स्वास्थ बनते हैं, तो मानसिक सेहत के अच्छा होने से वह भावनात्मक रूप से सेहतमंद होते हैं, तथा किसी भी प्रकार के मनोरोग से बचे रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य के अच्छा होने से बच्चा खुद को आत्मविश्वासी और खुश महसूस करता है। उसके अंदर खुद को स्वीकार करने की भावना प्रबल होती है। वह अपने अंदर के कमियों को देखने की बजाय अपनी खूबियों पर काम करता है, जिससे उसे जीवन में सफलता मिलती है।

अगर आपका बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है तो उसका भावनात्मक विकास अच्छे से होता है। वह अपने डर, खुशी, उदासी, गुस्सा जैसी भावनाओं को समझ पाता है। वह अपने इन भावनाओं के पीछे होने वाले कारण को समझता है, तथा वह अपने भावनाओं को सही शब्दों और करण के साथ समझा पाता है। तथा अपने भावनाओं को समझ कर अपने कार्य में उनकी मदद से बेहतर कर पाता है।

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अगर आप अपने बच्चों के अंदर प्यार और समझ के साथ उनका मानसिक विकास करने में सफल है तो आपको उनके आत्मविश्वास बढ़ाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। क्योंकि जब बच्चा मानसिक रूप से खुश होता है तो अपने आप ही उसका आत्मविश्वास बढ़ जाता है। आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही उनके कार्य करने की समझ और क्षमता दोनों का विकास होता है।

जब आपका बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ होता है तो वह चिंता जैसे महारोग से भी बचा रहता है। जब एक बच्चे का मन मजबूत होता है तो वह मेहनत से, मुश्किलों से और असफलता से नहीं डरता। वह फिर से प्रयास करने के नियम पर कार्य करता है। जिसके कारण उसे हार जाने की ना चिंता होती है, ना ही इस बात का वह तनाव लेता है। क्योंकि जीवन को बड़े पैमाने पर देखने की उसमें क्षमता का विकास हो जाता है। मानसिक रूप से स्वस्थ होना आपके बच्चों को तनाव जैसे कई माहरोग से बचाता है।

जब किसी बच्चे का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होता है तो वह आसानी से सामाजिक संबंधों को स्थापित कर पाता है। वह समाज के अंदर अपने आप को दूसरों के सामने खुद को हीन भावना से नहीं देखा। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के कारण वह अपने स्वयं का सम्मान करने के महत्व को समझता है, इस कारण वह समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफलता को प्राप्त करता है।

बच्चों का मन बहुत ही कोमल होता है। आप शुरुआती दौर में अपने बच्चों के साथ जैसा पेश आएंगे उनके मन पर वैसी ही रेखा बनेगी। इसलिए आप अपने बच्चों के साथ सकारात्मक रहे। उनके अच्छे कार्यों की सरहाना करें। उनके सामने गलत शब्दों का प्रयोग ना करें। यह कुछ छोटी-छोटी बातें हैं, जिनका ख्याल रखकर आप अपने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छे वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...