7 ट्रिक्स से बच्चों का लगेगा पढाई में मन, नहीं होगा जरा भी तनाव
छोटे लक्ष्य तय करने करने से पहले ये देख लें कि इसे पूरा कर पाना आपके निर्धारित समय में आपके लिए ठीक है या नहीं
Goals for Effective Study: परीक्षा के समय बच्चे अक्सर तनाव से घिरे रहते हैं। एक विषय पढ़ते समय बाकी विषय के बारे में सोच सोच कर वो असमंजस में पढ़ जाते हैं की आखिर कैसे इतने सारे विषय एक साथ पढ़े जा सकते हैं। एक साथ उनके दिमाग में कई बातें चल रही होती हैं। परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए बच्चों को अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से करने में काफी आसानी होगी, इसलिए बड़े लक्ष्य और योजनाओं की जगह छोटे छोटे लक्ष्य रखें जो समय पर पूरे हों जाएँ इस तरह बच्चे अपने आप में सकारात्मक महसूस कर पाएंगे। इस तरह तनाव और थकावट भी नहीं होगी। छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने से उन्हें अपनी पढ़ाई में फोकस बनाए रखने में मदद
मिलती है। इस तरह कम समय में भी बच्चे अच्छी तरह से पढ़ाई कर पाएंगे और पूरी तरह से उनका मन तनावमुक्त रहेगा।
सुधार की गुंजाइश

हर हफ्ते या महीने में एक बार अपनी पढ़ाई के बारे में ठीक तरह से जांचें कि आपने जो छोटे लक्ष्य निर्धारित किए थे, वो पूरे हो रहें हैं या नहीं। जिस लक्ष्य को पूरा करने में आपको दिक्कत हो रही है, जल्द ही उसे सुधारने के लिए योजना बनाएं और फिर से सकारात्मक प्रयास करें।
लक्ष्य में स्पष्टता
छोटे लक्ष्य तय करने करने से पहले ये देख लें कि इसे पूरा कर पाना आपके निर्धारित समय में आपके लिए ठीक है या नहीं, या आपको काम या ज्यादा समय चाहिए। छोटे और स्पष्ट लक्ष्य तय करने से तनाव काफी हद तक कम हो जाता है और आप अपने काम पर पूरी तरह ध्यान दे पाते हैं।
छोटे हिस्से तय करें
आजकल के व्यस्त जीवन में हर किसी के पास काम समय है। इस सीमित समय में बड़े अध्याय को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। इस तरह आपके मन का बोझ हल्का हो जाएगा और आप अच्छी तरह अपनी पढाई पर ध्यान दे पाएंगे।
लिखित लक्ष्य तय करें
अपने सभी लक्ष्य एक डायरी में लिखे लें। लिखने से आपके लक्ष्य अधिक स्पष्ट होते हैं और आप उन्हें पूरा करने के लिए अपने ऊपर अधिक जिम्मेदारी महसूस करते हैं। जैसे किसी भी विषय के एक अध्याय को 4 दिन में पूरा करना है तो उसे 4 हिस्सों में बाँट लें ।
पहले क्या हो
अपने लक्ष्य को निर्धारित करते समय हमेशा एक बात का ध्यान रखें, तय करें कि सबसे पहले क्या होना है। क्या सबसे जरुरी है। कुछ विषय या अध्याय दूसरों की तुलना में ज्यादा पेचीदा होते हैं। पहले उन पर ध्यान दें और उसके बाद छोटे लक्ष्य तय करें।
अपने लिए हो समय
लगातार और ज्यादा पढाई से मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार कि थकावट होना तय है। इसलिए समय समय पर पढ़ाई से थोड़ी देर विराम लेना भी जरुरी है। अपना लक्ष्य बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि पढ़ाई के बीच में थोड़ी देर शरीर और दिमाग दोनों को थोड़ा विराम भी देना है।
दिनचर्या हो ऊर्जा से भरपूर

अच्छी सेहत और सकारात्मक ऊर्जा पढाई में काफी मदद करती है। आपकी दिनचर्या में पर्याप्त नींद, सही और पोषण से भरपूर खाना और योगा ध्यान और व्यायाम भी शामिल हो। परिवार के साथ बैठ कर बातें करें। एक स्वस्थ शरीर आपके मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई की क्षमता को काफी बेहतर बनाता है।
