उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं। हालांकि बढ़ती उम्र में पेरेंट्स के सेहत को अच्छा और तंदुरुस्त रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। कुछ लोग उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले बदलावों को प्राकृतिक मानकर दरकिनार करने लगते हैं। लेकिन अगर आप नहीं चाहते कि आपके माता पिता उम्र बढ़ने के बाद भी स्वस्थ रहें तो आपको उनके स्वस्थ से जुड़ी चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इसके साथ साथ उन्हें खुश भी रखना चाहिए क्योंकि जिस व्यक्ति का दिल खुश रहता है वो आसानी से किसी भी उम्र में स्वस्थ रहता है।
आपको अपने घर के बड़ों की अच्छी देखभाल करनी चाहिए। ताकि वे अपने बुढ़ापे का आनंद उठा सकें। कई बार ऐसा भी होता है कि बूढ़े पेरेंट्स बोर हो जाते हैं और बहुत ज्यादा सोचते हैं और आपसे मदद मांगने में झिझकते हैं। इस वजह से बुजुर्गों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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पेरेंट्स के साथ अधिक समय बिताएं

अपने पेरेंट्स का सही समय पर इलाज कराना या फिर उनकी हेल्थ का ध्यान रखना ही केवल उनके प्रति जिम्मेदारी को पूरा करना नहीं है। आपको उनके साथ समय बिताना चाहिए। अगर आप बिजी हैं तो थोड़ा सा समय अपने माता-पिता के लिए निकालकर उनसे बातचीत करें। उनसे उनके दिन के बारे में पूछें। साथ ही बताएं कि इन दिनों दुनिया किस तरीके से आगे बढ़ रही है और क्या क्या बदलाव आ चुके हैं।
हर समय आराम करने को न कहें

हर समय आराम करना किसी को पसंद नहीं आता है। अगर आपके पेरेंट्स की सेहत ठीक नहीं रहती है तब भी उन्हें हर समय आराम करने को न कहें। इससे वो चिरचिरे हो सकते हैं। आप उन्हें सुबह घुमाने लेकर जा सकते हैं। इससे वो फ्रेश फील करेंगे। साथ ही उनके उम्र के लोगों से मिलने-जुलने दें। अगर वो बच्चों के साथ खेलना चाहते हैं तो उन्हें खेलने दें। इससे वो खुश रहेंगे और उनका ध्यान भी बटा रहेगा।
साथ ही कई बार अपने लिए भी मदद मांग लें। जैसे आप उनसे पानी मांग सकते हैं, सब्जी खरीदने को भेज सकते हैं, अपने बालों में तेल लगाने को कह सकते हैं। पेरेंट्स को बच्चों के लिए काम करना बहुत पसंद आता है।
अपने माता-पिता से अधिक बार मिले

अगर आप काम की वजह से बाहर रहते हैं तो आपको उनसे समय निकालकर अक्सर मिलने जाना चाहिए। साथ ही मोबाइल फोन के जरिए कॉनेक्ट में रहें। कई बार बच्चों से दूर रहने की वजह से माता-पिता उदास हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आपको उनसे मिलने जाते रहना चाहिए। इससे उनके अंदर अलग एनर्जी आ जाती है और वो खुद को इंपोर्टेंट महसूस करते हैं।
पेरेंट्स को नए टेक्नोलॉजी सिखाएं

नई टेक्नोलॉजी सीखना महत्वपूर्ण क्यों है इसके दो कारण हैं। एक, यह आपको नियमित रूप से उनके साथ संबंध बनाए रखने में मदद करता है। कई वृद्ध माता-पिता आधुनिक तकनीकों के बारे में नहीं जानते हैं जो अब 21वीं सदी में उपयोग की जा रही हैं। तकनीक की मदद से आप बहुत व्यस्त होने पर भी उनसे जुड़े रह सकते हैं। साथ ही वो अगर मोबाइल फोन इस्तेमाल करना सीख जाएंगे तो जरूरत पड़ने पर मदद के लिए कॉल भी कर सकते हैं।
