शारदीय नवरात्र उद्यापन के दौरान कन्या भोजन में क्या खिलाना चाहिए?: Navratri Kanya Puja Bhog Vidhi
Navratri Kanya Puja Bhog Vidhi

Navratri Kanya Puja Bhog Vidhi : हिंदू धर्म में हर साल नौ दिनों तक नवरात्रि पर्व को बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान भक्त मां दुर्गा के स्वरूपों की पूरे नौ दिनों तक श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा अर्चना करते हैं और उपवास रखते हैं। नवरात्रि के दौरान साधक नौ दिनों तक सात्विक भोजन और फलाहार करके उपवास रखते हैं। और अंत में नवमी तिथि के दिन नौ छोटी कन्याओं को शुद्ध शाकाहारी भोजन करके अपने व्रत या उपवास को पूर्ण करते हैं। नवरात्रि उपवास के उद्यापन की ये विधि और परंपरा सालों से आज तक चली आ रही है। लेकिन, आजकल छोटे बच्चों में खाने पीने की बदलती पसंद के चलते कई लोग भोग में चॉकलेट, केक, मैगी और अलग अलग चीजों का भोग लगाने लगे हैं। अगर आप भी ऐसा कुछ करते हैं, तो आपके लिए कन्या भोज से जुड़े कुछ जरूरी नियमों और मान्यताओं को जान लेना जरूरी है।

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नवरात्रि उद्यापन में कन्या भोज से जुड़ी मान्यताएं और जरूरी नियम: Navratri Kanya Puja Bhog Vidhi

Navratri Kanya Puja Bhog Vidhi
Navratri Kanya Puja Bhog Niyam

शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि उपवास के बाद उद्यापन के दिन नवमी को छोटी छोटी कन्याओं को भोजन कराने का बड़ा महत्व है। जिसमें चावल की खीर, पूड़ी, हलवा और काले चने का भोग लगाना मान्यताओं के अनुसार सबसे अच्छा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार चावल में मां महालक्ष्मी जी का वास होता है। और ऐसे में सुख समृद्धि पाने और मनवांछित फल पाने के लिए माता दुर्गा को खीर और पूड़ी का भोग लगाना जरूरी होता है।मान्यताओं के अनुसार कन्या भोग का आयोजन करते समय आपको सबसे पहले कन्याओं के लिए साफ और स्वच्छ स्थान पर शुद्ध बर्तन में खीर, हलवा, पूड़ी और काला चना तैयार कर लेना चाहिए। उसके बाद सबसे पहले माता रानी को भोग लगाके वही भोग कन्याओं को खिलाना चाहिए।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि कन्या भोजन में क्या खिलाएं, जानिए

आजकल नवरात्रि कन्या भोजन में लोग अपनी क्षमता अनुसार कन्याओं को कई अलग-अलग प्रकार का भोजन करवाते हैं। और अच्छे अच्छे गिफ्ट्स भी भेंट में देते हैं। लेकिन यदि हम पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि कन्या भोजन के बारे में बात करें। तो कन्याओं को तीखी मिर्च वाला और खट्टा भोजन बिल्कुल नही करवाना चाहिए। इसके अलावा आप भोजन की शुरुआत मीठी खीर और हलवा खिलाने से करके कन्याओं को फल दे सकते हैं। और उसके बाद पूड़ी और काले चने परोस सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है नवरात्रि कन्या भोजन में तीखी सब्जी का भोग लगाना निषेद है। ऐसे में आपको भी सब्जी का भोग लगाने से बचना चाहिए।

कन्याओं के खुश होने से खुश होती हैं, मां दुर्गा और पूरा होता है उपवास

यूं तो शास्त्रों के अनुसार कन्या पूजन में बच्चों को खीर, पूड़ी और हलवा खिलाने का विधान है। लेकिन अगर आप कन्याओं को खुश करने के लिए उन्हें छोटी-छोटी भेंट देना और उन्हें मनपसंद भोजन करवाना चाहते हैं। तो पहले विधिवत खीर, पूड़ी और फल का भोग लगाने के बाद उनकी इच्छा अनुसार भोजन करवा सकते हैं।

हिंदू धर्म में छोटी छोटी कन्याओं को माता दुर्गा का रूप माना जाता है। इसीलिए नवरात्रि उपवास पूर्ण होने पर कन्याओं को भोजन करवाया जाता है और उन्हें खुश करने के लिए छोटे छोटे उपहार दिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी नवरात्रि उपवास को पूर्ण करना चाहते हैं, तो नियमों के अनुसार कन्याओं को भोग लगाकर खुश करने का प्रयास कर सकते हैं।

मैं रेनुका गोस्वामी, विगत पांच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। डिजिटल पत्रकारिता में एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और हेल्थ पर लेखन का अनुभव और रुचि है, वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं। पूर्व में मैंने दैनिक...