​A split-screen image showing two sides of medical care. The left side features a real-world surgical team in blue scrubs working under bright operating lights. The right side shows the exterior of the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) building in Delhi, framed by green lawns and a cloudy blue sky.
​A split-screen image showing two sides of medical care. The left side features a real-world surgical team in blue scrubs working under bright operating lights. The right side shows the exterior of the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) building in Delhi, framed by green lawns and a cloudy blue sky.

Summary: AIIMS दिल्ली ने 10,000 से ज्यादा सफल ऑपरेशन किए, जानें कौन-कौन सी सर्जरी उपलब्ध हैं

दिल्ली एम्स ने सर्जरी के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर पार किया है। अब तक इस अस्पताल में 10,000 से ज्यादा सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। मरीजों के लिए विभिन्न प्रकार की सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे यह अस्पताल देशभर में अपनी खास पहचान बना चुका है।

Delhi AIIMS New Record: भारत के सबसे बेहतरीन अस्पतालों की बात करें तो दिल्ली एम्स का नाम सबसे ऊपर आता है। अब दिल्ली एम्स ने एक नया रिकॉर्ड बना लिया है, जिससे यह दुनिया के छठे सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल हो गया है। आप सोच रहे होंगे कि दिल्ली एम्स ने ऐसा क्या किया? तो बात ये है कि पिछले 1 साल में यहां के डॉक्टरों ने 10,000 सर्जरी करने में सफलता हासिल की है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है।

इन सर्जरीज में कैंसर ऑपरेशन से लेकर किडनी ट्रांसप्लांट तक शामिल हैं। हाल ही में ब्रैंड फाइनेंस की ग्लोबल रैंकिंग में एम्स को दुनिया का छठा सबसे बेहतरीन अस्पताल चुना गया। एम्स के अनुसार, 2025 में यहां 10,000 से ज्यादा बड़ी सर्जरी और 17,000 से ज्यादा माइनर ऑपरेशन किए गए।

एम्स के सर्जरी ब्लॉक में अब 8 ऑपरेशन थिएटर हैं, जिनमें से 7 प्लान्ड सर्जरी के लिए और 1 इमरजेंसी सर्जरी के लिए रिजर्व रखा गया है। बड़ी राहत की बात यह है कि इलेक्टिव सर्जरी में मृत्यु दर सिर्फ 0.3% रही, जबकि इमरजेंसी सर्जरी में यह 7.89% रही। हर साल लगभग 1,000 मेडिकल स्टूडेंट्स यहां आधुनिक सर्जरी की ट्रेनिंग लेकर निकलते हैं, जिससे देश के अन्य हिस्सों में भी मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है।

एम्स अब ट्रांसप्लांट का बड़ा सेंटर बन गया है। 2025 में यहां 1,100 से ज्यादा ट्रांसप्लांट और उनसे जुड़ी सर्जरी हुई। इनमें किडनी ट्रांसप्लांट और डोनर सर्जरी सबसे ज्यादा हुई। मरीजों की उम्र के हिसाब से, 20 साल से कम उम्र के मरीज 18%, 20-60 साल के मरीज 71% और 60 साल से ऊपर के मरीज 10.6% थे।

दिल्ली एम्स में अब रोबोटिक सर्जरी भी की जा रही है, खासकर यूरोलॉजी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और कैंसर सर्जरी में। इस तकनीक में सर्जन रोबोट की मदद से बेहद बारीकी से ऑपरेशन करते हैं। इससे सामान्य सर्जरी की तुलना में चीरा छोटा रहता है, ब्लड लॉस कम होता है और मरीज जल्दी ठीक होता है। इसके अलावा, ऑपरेशन का समय भी कम लगता है। पिछले एक साल में यहां 1,000 से ज्यादा सफल रोबोटिक सर्जरी की गई हैं।

A futuristic, high-tech operating room where a surgical team is performing a procedure. One surgeon wears a large, advanced technological helmet while holographic displays of human organs and medical data float in the background.
AIIMS Delhi Facilities

इस अस्पताल में एक ही विभाग में कई तरह की सर्जरी की जाती हैं। यहां जनरल सर्जरी, पेट और आंतों की सर्जरी, हार्मोन से जुड़ी सर्जरी, छाती की सर्जरी, कोलोन और रेक्टम की सर्जरी, मोटापा कम करने की सर्जरी, नसों की सर्जरी, स्तन सर्जरी और ट्रांसप्लांट जैसी सर्जरी की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, दिल्ली एम्स में हर छोटी-बड़ी बीमारी का इलाज संभव है। यहां हर साल लाखों लोग अपनी बीमारियों का इलाज कराने आते हैं और स्वस्थ होकर जाते हैं। यही वजह है कि यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भी सबसे बड़े और प्रतिष्ठित अस्पतालों में शामिल हो गया है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...