मुश्किल राह को बनाया आसान- हम किसी से कम नहीं: Women Empowerment Story
Women Empowerment Story

Women Empowerment Story: कुछ लोगों की जिंदगी हिंदी फिल्मों की तरह होती है, जहां शुरुआत में सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चल रहा होता है लेकिन मध्यांतर तक आते-आते कहानी एक नाटकीय मोड़ ले लेती है। इस बार के अंक में आपको ऐसी ही कुछ महिलाओं के विषय में बतायेंगे जो फिल्म की नायिका की तरह अपने अभिनय से दर्शकों के मन में अपनी अमिट छाप छोड़ जाती है। चलिए एक नजर डालते हैं इन महिलाओं के जीवन पर जिन्हें जानने के बाद आप इनसे प्रेरित हुए बिना नहीं रह पाएंगे-

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हौसलों को दी उड़ान

इंजीनियरिंग और फिर एमबीए की पढ़ाई करने के बाद निकिता नोएडा की एक एम.एन.सी. में काम कर रही थीं, जहां एक दोस्त की पार्टी में उनकी मुलाकात विभूति शंकर ढौंडियाल से हुई। विभूति आर्मी में मेजर थे, वे देखने में जितने खूबसूरत थे उतने ही मिलनसार भी। निकिता को उनकी यही बात काफी अच्छी लगी और दोनों में दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे यह दोस्ती, प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने का निर्णय लिया। 19 अप्रैल 2018 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। उनके वैवाहिक जीवन को 10 महीने ही हुए थे कि मेजर विभूति को एक ऑपरेशन के लिए कश्मीर जाना पड़ा। कुछ ही दिन बाद खबर आई कि मेजर पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों का पीछा करते हुए 20 घंटे लंबे चले ऑपरेशन में वीरगति को प्राप्‍त हो गए। मरणोपरांत उन्हें ‘शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। मेजर के शहीद होने के बाद किसी तरह उन्होंने खुद को संभाला और पति की ही तरह देश की सेवा करने का मन बना लिया। निकिता ने अपनी एम.एन.सी. वाली नौकरी छोड़ दी और एक साल घर पर रहकर उन्होंने सेना के लिए तैयारी की। साल 2019 में उन्होंने ने शॉर्ट सर्विस कमिशन के लिए अप्‍लाई किया। चूंकि वह एक आर्मी ऑफिसर की विधवा थीं, इसलिए उन्‍हें उम्र सीमा में रियायत दी गई। उन्‍हें चेन्‍नै की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में ट्रेनिंग मिली और वहीं उनकी पासिंग आउट परेड भी हुई। अब वह सेना की टेक्निकल विंग में बतौर लेफ्टिनेंट काम कर रही हैं। उत्तरी कमान के प्रमुख ले. जनरल वाई.के. जोशी ने अपने हाथों से निकिता की यूनिफॉर्म पर स्‍टार लगाए। आमतौर पर सेना में नियुक्ति के समय ऐसा नहीं होता है क्‍योंकि अक्सर माता-पिता अपने अफसर बेटे-बेटियों की वर्दी पर स्टार लगाते हैं।

विदेश में किया नाम रोशन

Major Radhika Sen
Major Radhika Sen (army officer)

भारत में ऐसे दो क्षेत्र हैं जहां जनता केवल पुरुषों की कल्पना करती है, एक है क्रिकेट और दूसरा है सेना। महिला क्रिकेट टीम कितना ही बेहतरीन परफॉर्मंेस दे लेकिन लोगों को मजा रोहित शर्मा और विराट कोहली को देखने में ही आता है, तो वहीं सेना में महिलाओं की भर्तियां शुरू तो हो गई हों लेकिन ऑपरेशन फील्ड में उन्हें बहुत कम भेजा जाता है। भले ही यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टि से लिया जाता रहा हो। बहरहाल इधर कुछ दिनों से एक नाम सेना में बहुत लिया जा रहा है, वो हैं- मेजर राधिका सेन। सेना में महिलाओं की उपलब्धियां उस दृष्टि से बहुत कम गिनी जाती रही हैं जैसा कि इस केस में देखने को मिला। बेशक, महिलाओं को अभी भी सेना की मुख्य लड़ाकू शाखाओं जैसे पैदल सेना, यंत्रीकृत पैदल सेना और बख्तरबंद कोर में शामिल होने की अनुमति नहीं है लेकिन टेक्निकल फील्ड में उनकी भर्तियां की जाती रही हैं। इसी इरादे से मेजर राधिका सेन ने बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग करने के बाद आई.आई.टी. मुंबई से मास्टर डिग्री ली और सेना के लिए आवेदन भर दिया। साल 2023 में मोन्युस्को (कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन) में नियुक्त किया गया था। अप्रैल 2024 तक उन्होंने भारतीय रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन के साथ एंगेजमेंट प्लाटून कमांडर के रूप में काम किया। मेजर राधिका के माता-पिता हिमाचल प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे हैं, कुछ ही समय पहले दोनों प्रधानाध्यापक के पद से रिटायर हुए हैं। उन्हें गर्व है कि उनकी बेटी को अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड से नवाजा गया। संयुक्त राष्ट्र में सबसे बड़ा सैन्य पुरस्कार पाने वाली मेजर राधिका देश की दूसरी भारतीय महिला अधिकारी हैं। मेजर सेन हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र की हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सुंदरनगर के सेंट मैरी स्कूल से हुई है। आगे जाकर अपनी 12वीं की परीक्षा उन्होंने माउंट कार्मल स्कूल चंडीगढ़ से दी थी।

लोगों के बीच बन गई हैं ट्रेंड

भारत में जहां एक ओर महिलाओं ने 18वें लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की, वहीं ब्रिटेन के आम चुनावों में भी महिला उम्मीदवारों ने अपने नाम एक रिकॉर्ड दर्ज किया। ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में पहली बार ऐसा हुआ है, जब 263 महिलाओं ने चुनाव में जीत हासिल की है। यह कुल संख्या का लगभग 40 प्रतिशत है। इन सबमें एक नाम शिवानी राजा का भी है, जिन्होंने लीसेस्टर ईस्ट सीट पर कंजर्वेटिव पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। नतीजतन, इस सीट पर लेबर पार्टी का 37 साल का वर्चस्व खत्म हो गया। चुनाव जीतने के बाद शिवानी तब सबसे ज्यादा वायरल हुईं जब उन्होंने ब्रिटेन की संसद में भगवद्गीता पर हाथ रखकर शपथ ली। शपथ लेने के बाद शिवानी ने भगवद्गीता को माथे से लगाया और खुद जाकर टेबल पर उसे रखकर आई। उसके बाद उन्होंने फिर भगवद्गीता को प्रणाम किया। शिवानी राजा का जन्म विदेश में हुआ है लेकिन वे सनातन धर्म पर बहुत विश्वास रखती हैं। अक्सर वह सोशल मीडिया में अपनी गुरुद्वारे या मंदिर की पोस्ट डालती रहती हैं, जहां वे भारतीय परिधान में नजर आती हैं। शिवानी को नीला रंग बेहद पसंद है, इसलिए उनकी ड्रेसेस
ज्यादतर नीले रंग में होती हैं। उन्हें साड़ी पहनने और बिंदी लगाने का बहुत शौक है। ब्रिटेन की संसद में शिवानी की जीत को लोग ब्रिटेन में भारतीयों की मजबूत होती स्थिति को जताता है। मई 2024 में, शिवानी को लीसेस्टर ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र में कंजर्वेटिव उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया। 14,526 वोटों के साथ बहुमत प्राप्त करने के बाद, 2024 के आम चुनाव के दौरान जुलाई 2024 में वह हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुनी गईं। उनकी जीत 2024 के चुनाव में कंजर्वेटिव द्वारा जीती गई एकमात्र सीट थी। 29 वर्षीय शिवानी राजा भारतीय मूल की ब्रिटिश सांसद हैं। उनका जन्म लीसेस्टर के रुशी मीड में हुआ था। सत्तर के दशक में उनके माता-पिता भारत से केन्या आए थे। कुछ साल वहां रहकर वे अंतत: यूके चले आए थे और यहीं बस गए। शिवानी ने कॉस्मेटिक साइंस में ऑनर्स की डिग्री लेने के बाद डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री ली। उन्होंने 2017 मिस इंडिया यूके सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लिया, जहां उन्हें सेमी-फाइनलिस्ट नामित किया गया।

मेहंदी को बनाया बिजनेस

Veena Nagda
Veena Nagda (celebrity mehndi artist)

एक समय था जब शादियों में दुल्हन की मेहंदी उसकी बहन, दोस्त या भाभी लगा लिया करती थीं लेकिन धीरे-धीरे यह प्रोफेशन बनता चला गया। आज मेहंदी सीखने के लिए क्रेश कोर्स होते हैं। हालांकि आम लोगों के बीच मेहंदी लगवाने का काम अब भी सीजनल ही चलता है जबकि बॉलीवुड में मेहंदी लगाना एक अच्छा-खासा बिजनेस है। शादी-ब्याह हो या फिल्म-सीरियल की शूटिंग, हर जगह मेहंदी का एक फंक्शन जरूर रखा जाता है। हाल ही में राधिका और अनंत अंबानी की शादी संपन्न हुई, जहां मेहंदी पर बड़े-बड़े फिल्मी सितारे और बिजनेसमैन आए थे मेहंदी लगवाने। इन सभी को मेहंदी लगाई आर्टिस्ट वीना नागदा ने। वीना एक सेलेब्रिटी मेहंदी आर्टिस्ट हैं और रणबीर कपूर से लेकर, दीपिका पादुकोण, अलिया भट्ट, कियारा आडवाणी और परिणीती चोपड़ा को उन्होंने ही मेहंदी लगाई है।

वीना का जन्म 20 अगस्त, 1968 में मुंबई में हुआ था और आज वह मुंबई में मेहंदी क्वीन के नाम से प्रसिद्ध हैं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे एसएससी तक अपनी पढ़ाई पूरी कर पाईं। फिर, उन्होंने मेहंदी डिजाइन में अपना करियर शुरू करने का फैसला किया है। इसके अलावा वह ब्राइडल, नेल पॉलिश, शेडेड, हीरा-मोती, जरदोशी, ब्लैक मेहंदी, अरेबिक, स्टोन, सीक्वेंस और स्वारोवस्की डायमंड इत्यादि मेहंदी डिजाइन में प्रयोग करती चली गईं। पिछले तीन दशक से वह मेहंदी आर्टिस्ट के तौर पर काम कर रही हैं। वीना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। इंटरनेट पर उनकी पहली फोटो कैटरीना कैफ के साथ काफी वायरल हुई थी। वे फिल्म ‘हमको दीवाना कर गए’ के लिए कैटरीना को मेहंदी लगा रही थीं। वीना से हम सीख सकते हैं कि अगर आपके अंदर हुनर है तो कोई भी काम छोटा नहीं होता है। आप अपने टैलेंट के बल पर अपने सपनों को हासिल कर सकते हैं।

राधिका और अनंत अंबानी के प्री-वेडिंग में उन्हें जामनगर में मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और उनकी मंगेतर राधिका मर्चेंट की तीन दिवसीय प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में आमंत्रित किया गया था। इतना ही नहीं, बल्कि दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह की शादी, कृति खरबंदा-पुलकित सम्राट की शादी और कई अन्य हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में भी उनके डिजाइन को दिखाया गया है। उन्होंने काजोल, करिश्मा कपूर, रानी मुखर्जी, माधुरी दीक्षित, नेहा धूपिया, शिल्पा शेट्टी, प्रीति जिंटा, नीता अंबानी और सोनम कपूर की शादी में भी मेहंदी लगाई है।

वर्तमान में गृहलक्ष्मी पत्रिका में कार्यकारी संपादक (एग्जीक्यूटिव एडिटर) पत्रकारिता में 19 वर्ष का अनुभव, वर्तमान समय में गृहलक्ष्मी पत्रिका में कार्यकारी संपादक (एग्जीक्यूटिव एडिटर), राष्ट्रीय सहारा, देशबंधु, पाखी, शुक्रवार, बिंदिया,...