Union Budget 2026 Offers New Empowerment Opportunities for Women
Union Budget 2026 Offers New Empowerment Opportunities for Women

Overview:बजट 2026: महिलाओं के लिए बड़े तोहफे — ‘लखपति दीदी’, SHE Marts और अधिक अवसर

बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का ऐलान किया गया है, जिनमें लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार और SHE Marts की शुरुआत शामिल है। इससे महिलाओं को पढ़ाई, रोजगार और व्यवसाय में नए अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी।

Budget 2026 Women Empowerment Schemes India-2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते समय वित्त मंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए कई योजनाओं की घोषणा की। इस बार का बजट सिर्फ आर्थिक आंकड़ों का विवरण नहीं है — यह महिलाओं के लिए बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवास, आर्थिक आज़ादी और व्यापार के अवसर भी लेकर आया है। लखपति दीदी योजना का विस्तार, SHE Marts की शुरुआत और STEM जिलों में गर्ल्स हॉस्टल जैसे कदम महिलाओं को रोज़गार, उद्यम और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मंच देंगे।

लखपति दीदी योजना का विस्तार और SHE Marts की शुरुआत

Budget 2026 Women Empowerment Schemes India
Budget 2026 Women Empowerment Schemes India

इस बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम का विस्तार करने का ऐलान किया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आय के अवसर बढ़ेंगे। लखपति दीदी योजना का उद्देश्य है कि स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups/SHGs) की महिलाएं छोटे-मध्यम व्यापार शुरू कर सालाना कमाई में वृद्धि कर सकें।

अब लखपति दीदी को आगे बढ़ाकर SHE Marts नाम से कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे जहां महिलाएं अपनी तैयार की हुई चीज़ों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचा सकेंगी।
ये SHE Marts SHG क्लस्टरों द्वारा चलाए जाने वाले बाजार होंगे, जिनसे ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महिलाओं को व्यवसाय का मौका मिलेगा, ब्रांड पहचान मिलेगी और स्थिर आमदनी का मार्ग खुलेगा।

शिक्षा और सुरक्षित आवास के लिए GIRLS HOSTELS

बजट 2026 में महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) जिलों में विशेष रूप से गर्ल्स हॉस्टल स्थापित करने की घोषणा की गई है। यह पहल उन लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण है जो उच्च शिक्षा के लिए अपने गाँव से बाहर कॉलेज-यूनिवर्सिटी जाती हैं — सुरक्षित और किफायती घर उपलब्ध कराने से परिवारों की चिंता कम होगी और पढ़ाई में नारी भागीदारी बढ़ेगी। इस तरह की व्यवस्था से छात्राओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे STEM और अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर करियर बना सकेंगी।

वित्तीय समर्थन और आसान लोन सुविधाएँ

बजट ने महिलाओं के आर्थिक आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए कई वित्तीय उपकरणों की व्यवस्था भी की है। She-Mark जैसे बैज और आसान क्रेडिट टूल महिलाओं को वित्तीय समर्थन तक आसान पहुँच देंगे, जिससे वे कारोबार के लिए लोन और वित्तीय सहायता ले सकेंगी।

लखपति दीदी और SHE Marts के तहत महिलाओं को आसान ऋण शर्तें, ब्याज-रहित या सब्सिडी आधार पर लोन सुविधा, और मार्केटिंग सपोर्ट भी मिलता रहेगा।
यह पहल खासतौर पर उन महिलाओं के लिए फ़ायदेमंद है जो ग्रामीण या छोटे शहरों से हैं, क्योंकि इससे वे बड़े बाज़ारों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी और अपनी आर्थिक आज़ादी मजबूत कर सकेंगी।

बजट 2026 की प्रमुख घोषणाएं

Budget 2026 Women Empowerment Schemes India
Budget 2026 Women Empowerment Schemes India

केंद्रीय बजट 2026 में कई अहम फैसलों का ऐलान किया गया है, जो टैक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेंगे।

इनकम टैक्स स्लैब में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि करदाताओं को राहत देते हुए रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर लगने वाला 5% आयात शुल्क हटाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा हीमोफिलिया, सिकल सेल एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयों को भी ड्यूटी फ्री किया जाएगा।

शिक्षा और डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करेगी, जिससे युवाओं को आधुनिक डिजिटल स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा।

महिला शिक्षा और सुरक्षा के लिए देशभर के 800 जिलों में लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाने की घोषणा की गई है, जिससे उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।

मेडिकल और बायो-फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बायो-फार्मा शक्ति योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर तय किया गया है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को गति देने के लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के निर्माण हेतु बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...