Overview: होममेकर्स के लिए लो रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन
अगर आप एक होममेकर हैं और अपने पैसे को ग्रो होते हुए देखना चाहती हैं तो ऐसे में आप कुछ लो रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन चुन सकती हैं।
Low Risk Investment Option: होममेकर्स का काम सिर्फ घर में खाना बनाने या साफ-सफाई का ख्याल रखने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि वह पूरा घर संभालती हैं और ऐसे में घर से जुड़े फाइनेंशियल फैसलों के प्रति भी उनकी जिम्मेदारी होती है। एक होममेकर पैसे की अहमियत बखूबी समझती है और शायद इसलिए वे उसे समझदारी से खर्च करती हैं और उसे हमेशा जोड़ती रहती है। वे अक्सर अपने पैसों की बढ़ोतरी या भविष्य की प्लानिंग करती हैं और इसके लिए वे अक्सर इनवेस्टमेंट भी करती हैं। हालांकि, होममेकर हमेशा ऐसा इनवेस्टमेंट करना चाहती हैं जिसमें रिस्क कम हो और वे कम पैसों को भी बेहतर तरीके से इनवेस्ट कर पाएं। इससे आपको एक फाइनेंशियल फ्रीडम मिलती है और साथ ही साथ, रिस्क कम होने की वजह से वे काफी बेफिक्र रहती है। इससे आपको बड़े रिस्क लेने की या जटिल स्टॉक मार्केट समझने की जरूरत नहीं।
लो-रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन को होममेकर्स के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं, क्योंकि ये सुरक्षित होने के साथ-साथ आसान और पैसे को धीरे-धीरे बढ़ाने में मदद करते हैं। लो रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन में आप ऑप्शन बैंक फिक्स्ड डिपॉज़िट से लेकर सरकारी योजनाओं तक को चुन सकती हैं। ये आपको एक अच्छा रिटर्न भी देते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही लो रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन के बारे में बता रहे हैं, जो एक होममेकर्स के लिए काफी अच्छे हो सकते हैं-
फिक्स्ड डिपॉज़िट (एफडी)

अगर बतौर होममेकर आप एक लो रिस्क इनवेस्टमेंट ऑप्शन ढूंढ रही हैं तो ऐसे में आप फिक्स्ड डिपॉजिट में इनवेस्ट कर सकती हैं। इसमें आप एक तय राशि बैंक में एक निश्चित समय के लिए जमा करते हैं। इसमें बैंक आपको एक तय ब्याज देता है। अगर आप किसी भरोसेमंद बैंक में एफडी करवाती हैं तो यह काफी सुरक्षित ऑप्शन है। इसमें आपको सालाना करीबन 6-7 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है। साथ ही साथ, आपकी मूल राशि पूरी तरह से सुरक्षित रहती है। वहीं, कुछ बैंक महिलाओं को ज्यादा रिटर्न भी देते हैं। एफडी की फ्लेक्सिबिलिटी ज्यादा होने की वजह से महिलाओं के लिए इसे एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। इसमें आप ब्याज मासिक, तिमाही या सालाना ले सकती हैं। कुछ बैंक एफडी जल्दी तोड़ने की सुविधा भी देते हैं, बस थोड़ी पेनल्टी लगती है।
रिकरिंग डिपॉज़िट (आरडी)
आरडी में हर महीने एक तय राशि जैसे ₹2,000 जमा करनी होती है, इसमें तय समय 6 महीने से 10 साल तक का हो सकता है। ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड होता है। आरडी वास्तव में एफडी जितनी ही सुरक्षित होती है, क्योंकि बैंक आपकी राशि की गारंटी देता है। इसमें भी रिटर्न एफडी के समान होता है। इसमें आपको सालाना 6-7 प्रतिशत तक रिटर्न मिलता है। अगर आप छोटी-छोटी बचत के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन ढूंढ रही हैं तो ऐसे में आरडी का ऑप्शन चुन सकती हैं, क्योंकि यह आपके पैसों को धीरे-धीरे बढ़ाने में मदद करता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)

यह एक सरकारी स्कीम है, जिसमें लॉक इन पीरियड लगभग 15 साल का होता है। इसमें आप साल में ₹500-1.5 लाख निवेश कर सकती हैं। इसमें आपका ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। यह एक बेहद ही सुरक्षित ऑप्शन है और होममेकर्स इसमें आसानी से इनवेस्ट कर सकती हैं। इसमें आपको लगभग 7-8 प्रतिशत रिटर्न मिलता है, जो पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है। जहां तक बात फ्लेक्सिबिलिटी की हो, तो इसमें आप 5 साल बाद आंशिक निकासी कर सकती हैं और यह आपको 3 साल बाद लोन लेने की सुविधा देता है। अगर आप रिटायरमेंट या लंबी अवधि के गोल्स के लिए बचत करना चाहती हैं और टैक्स-फ्री ग्रोथ चाहती हैं तो ऐसे में पीपीएफ में इनवेस्ट कर सकती हैं।
डेट म्यूचुअल फंड्स (Debt Mutual Funds)
म्यूचुअल फंड सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स आदि में निवेश करता है। यह वास्तव में इक्विटी फंड्स से कम रिस्की होता है, लेकिन अगर आप इसकी तुलना एफडी से करती हैं तो यह उससे थोड़े ज्यादा रिस्की होते हैं। इसमें आपको रिटर्न 6-9 प्रतिशत तक मिलता है। यह मुख्य रूप से शॉर्ट, अल्ट्रा शॉर्ट या मीडियम टर्म पर निर्भर करता है। यह बहुत अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं। इसे आप कभी भी निकाल सकते हैं, लेकिन अगर आप इसे लंबी अवधि तक रखती हैं तो इससे आपको बेहतर रिटर्न मिलता है। अगर आप एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहती हैं, लेकिन रिस्क कम रखना चाहती हैं तो ऐसे में इसमें इनवेस्ट कर सकती हैं।
गोल्ड सेविंग / सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs)

गोल्ड में इनवेस्ट करना भी एक अच्छा ऑप्शन है। आप बैंक या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स से डिजिटल गोल्ड खरीदें। यह सुरक्षित है, क्योंकि सरकार गोल्ड प्राइस से लिंक्ड रिटर्न गारंटी देती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर 2.5 प्रतिशत सालाना ब्याज भी मिलता है। इसे लो रिस्क इनवेस्टमेंट का एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि आपको किसी भी तरह की चोरी की चिंता नहीं होती है। साथ ही, गोल्ड प्राइस बढ़ने के साथ कीमत बढ़ती है और फिर उससे आपको अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है। वहीं, अगर फ्लेक्सिबिलिटी की बात की जाए, तो आप इसे 8 साल बाद रिडीम कर सकते हैं, 5 साल बाद सेकंडरी मार्केट में ट्रेड भी किया जा सकता है। अगर आप लॉन्ग-टर्म इनवेस्टमेंट चाहती हैं तो ऐसे में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स में इनवेस्ट करने पर विचार करें।
