Overview: आसान और सुरक्षित तरीके जिनसे आप अपने मंदिर की मूर्तियों को नया और चमकदार रूप दे सकते हैं
दिवाली पर भगवान की मूर्तियों की सफाई घर की सजावट का ही हिस्सा नहीं बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रतीक भी है। धूल हटाने से लेकर धातु और पत्थर की मूर्तियों की देखभाल तक, हर कदम पर सही तरीके अपनाने से मूर्तियां नई जैसी चमक उठती हैं। इस दिवाली, इन आसान उपायों से अपने पूजा घर को रोशन और पवित्र बनाइए।
God Idols Cleaning on Diwali: दिवाली का त्योहार दीपों, रोशनी और खुशियों से भरा होता है। इस दिन लोग अपने घर को संवारते हैं और खासतौर पर पूजा घर की सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं। मान्यता है कि स्वच्छ और चमकदार मूर्तियों के सामने पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन मूर्तियों की सफाई करते समय यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि उन्हें नुकसान न पहुंचे। चलिए जानते हैं दिवाली पर भगवान की मूर्तियों को साफ करने के कुछ आसान और सुरक्षित उपाय।
धूल साफ करने के लिए मुलायम कपड़े का इस्तेमाल

मूर्तियों पर सबसे पहले हल्की धूल जमती है। इन्हें हटाने के लिए किसी मुलायम और सूखे कपड़े का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि कपड़ा खुरदुरा न हो, वरना मूर्ति पर खरोंच आ सकती है।
पीतल और तांबे की मूर्तियों के लिए नींबू और नमक

यदि आपके मंदिर में पीतल या तांबे की मूर्तियां हैं तो इन्हें नींबू और नमक से साफ करें। यह मिश्रण जमी हुई परत को हटाकर मूर्तियों को नई जैसी चमक देता है। सफाई के बाद इन्हें तुरंत पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें।
चांदी की मूर्तियों के लिए बेकिंग सोडा
चांदी की मूर्तियां समय के साथ काली पड़ जाती हैं। इन्हें साफ करने के लिए बेकिंग सोडा और पानी का घोल तैयार करें और मूर्ति को उसमें कुछ देर डुबोकर रखें। फिर हल्के हाथों से साफ करें और सूखा पोंछ लें।
संगमरमर और पत्थर की मूर्तियों के लिए हल्का साबुन
पत्थर या संगमरमर की मूर्तियों को कठोर केमिकल से साफ न करें। इसके लिए हल्का साबुन और गुनगुना पानी सबसे अच्छा विकल्प है। मूर्ति को धोकर साफ कपड़े से अच्छी तरह सुखा लें।
सोने या जड़ाऊ मूर्तियों की देखभाल
सोने या जड़ाऊ मूर्तियों को पानी या किसी घोल से साफ करने की बजाय केवल मुलायम कपड़े से पोंछें। इससे उनकी चमक बरकरार रहती है और उनमें जड़ा हुआ काम भी सुरक्षित रहता है।
धार्मिक दृष्टिकोण से सावधानियां
मूर्तियों की सफाई करते समय धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है। मूर्ति को जमीन पर न रखें और सफाई के दौरान शुद्धता बनाए रखें। इससे पूजा घर की पवित्रता बनी रहती है।
अंत में खुशबूदार कपड़े से पोंछें
सफाई के बाद मूर्तियों को गुलाब जल या इत्र में भीगे हुए साफ कपड़े से हल्के हाथों पोंछें। इससे न सिर्फ मूर्ति चमकदार लगेगी बल्कि पूरे पूजा घर में सुगंध भी फैल जाएगी।
