बोनसाई पेड़ की देखभाल कैसे करें
अपने घर पर बोनसाई लगाना और इनकी देखभाल करना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना कि लोगों को लगता है।
Bonsai Tree Care Tips: जिनको बाग़वानी का शौक़ होता है, वह लोग अपने अपने घरों में कोई ना कोई प्रयोग करते रहते हैं। बोनसाई भी एक तरह का प्रयोग ही है। बोनसाई बड़े-बड़े पौधे का एक छोटा रूप होता है जो देखने में काफ़ी आकर्षक और मन को लुभाने वाला होता है। यही वजह है कि हर कोई इसे अपने घर में लगाना चाहता है लेकिन इसके रख रखाव और देखभाल के बारे में सोचकर परेशान हो जाता है। लेकिन आपको बता दूं कि अपने घर पर बोनसाई लगाना और इनकी देखभाल करना उतना भी मुश्किल नहीं है जितना कि लोगों को लगता है। बोनसाई पेड़ छोटे छोटे गमलों में लगाए जाते हैं, इन पेड़ों को लगाने, इनको पानी देने और दोबारा लगाने के लिए कुछ टिप्स को ध्यान में रखना चाहिए।
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बोनसाई वृक्ष की देखभाल

बोनसाई लगाने के साथ ही इनके रखरखाव और देखभाल को लेकर चिंता होने लगती है क्योंकि बोनसाई पेड़ इनडोर पौधे की तुलना में कहीं अधिक नाजुक होते हैं। कुछ बुनियादी नियमों से कोई भी व्यक्ति अपने पेड़ की ठीक से देखभाल कर सकता है। इस बात पर विशेष ध्यान दें कि इसे कहाँ रखते हैं और इसे किस तरह और कैसे पानी देते हैं। कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिन्दु जिनको ख़्याल में रखकर इन पौधों की देखभाल अच्छे से कर सकते हैं।
सही प्लेसमेंट

किसी भी पौधे के लिए उसके अनुसार वातावरण का होना बहुत ही आवश्यक होता है, जिसमें मौसम, स्थानीय जलवायु, वर्ष भर रहने वाला समय आदि आता है। यही कारण है कि बोनसाई पौधों के लिए सबसे ज़्यादा इनके प्लेसमेंट यानि की रखने की जगह उपयुक्त जगह के बारे में सोचना होता है। लेकिन यह सबसे ज़्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि बोनसाई पेड़ों प्रजाति क्या है। कुछ हद तक इस बात पर भी कि बोनसाई इनडोर या आउटडोर है?
समय पर पानी

बोनसाई ही नहीं बल्कि किसी भी पौधे की देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पानी से जुड़ा हुआ है। किसी पौधे को किस तरह और कितनी बार पानी देना है यह कई कारकों पर निर्भर करता है। जैसे कि पेड़ की प्रजाति, पौधे का आकार, गमले का साइज़, वर्ष का समय, मिट्टी-मिश्रण और जलवायु। आपके पास किस प्रकार का पेड़ है पहले इस बात को जान ले और उसी के अनुसार उसे पानी आदि दें।
बर्तन का चयन

बोनसाई के लिए वह बर्तन जिसमें वह रहता उसका चयन बहुत ज़रूरी हो जाता है। एक तरह से देखा जाए तो एक पेड़ और गमले के बीच का सामंजस्य ही है जोकि एक बोनसाई को बनाता है। बोनसाई को हममें से ज़्यादातर लोग बोनसाई को एक कला के रूप में जानते हैं और इस कला का एक बड़ा हिस्सा उस पेड़ का अनुभव है जो जमीन से अलग होकर अब गमले में रहता है।
कीट एवं रोग

हर जीवित पौधे की तरह बोनसाई पेड़ भी कीट और बीमारी से संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए पौधे की देखभाल के साथ साथ कीट एवं रोग से बचाना बहुत ज़रूरी है। अगर पौधे स्वस्थ्य और संक्रमण से रहित होते हैं, तो उनमें किसी भी तरह की बीमारी का ख़तरा नहीं रहता है। यह देखने में भी सुंदर और आकर्षक लगते हैं।
