Saas-Bahu temple of Gwalior

Sasbahu Temple of Gwalior: मध्य प्रदेश को अपनी खूबसूरती के साथ-साथ यहाँ के प्राचीन मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। यहाँ कई चमत्कारी और सिद्ध मंदिर हैं, साथ ही कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जो अपनी किवंदतियों और स्थापत्य कला के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर ग्वालियर शहर में स्थित है, जिसे सास-बहू मंदिर के नाम से जाना जाता है। दरअसल इस मंदिर को पहले सहस्त्रबाहु मंदिर के नाम से जाना जाता था और यह मंदिर भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित था। आइए इस मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

ग्वालियर के सास-बहू मंदिर के संबंध में कई सारी रोचक कहानियां सुनने को मिलती हैं। इन कहानियों से इस मंदिर का सांस्कृतिक महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता हैं। यह मंदिर सास और बहू के बीच के रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है। इस मंदिर में दो हिस्से हैं, मंदिर का बड़ा हिस्सा सास का प्रतीक है और छोटा हिस्सा बहू का प्रतिनिधित्व करता है। यह मंदिर पारिवारिक रिश्तों में सामंजस्य और बीच के बंधन के महत्व को दर्शाता है। एक किंवदंती के अनुसार राजा कीर्ति सिंह ने अपनी सास और पत्नी के सम्मान में इस मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर उनके प्रति सम्मान और भक्ति का प्रतीक है। 

Saas-Bahu Mandir
Why was the temple named Saas-Bahu Mandir

दरअसल, यहाँ भगवान विष्णु के मंदिर का निर्माण पहले किया गया था और इस मंदिर का नाम सहस्त्रबाहु मंदिर रखा गया था, जिसका अर्थ होता है हजारों भुजाओं वाला जो भगवान श्री हरि विष्णु का पर्यायवाची है। कुछ समय के बाद इस मंदिर को जुड़वां मंदिरों को सहस्त्रबाहु कहा जाने लगा। समय के साथ इस मंदिर के नाम में कई बदलाव होते गए और इसी का परिणाम है कि समय के साथ लोग इस मंदिर को सास-बहू मंदिर के नाम से बुलाने लगे।

वैसे तो आप ग्वालियर के इस प्रसिद्ध मंदिर को देखने के लिए पूरे साल में कभी भी जा सकते हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में ग्वालियर में ज्यादा गर्मी पड़ती है, जिसकी वजह से आपको यहाँ थोड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए आप यहाँ अक्टूबर से मार्च के बीच जाएँ। इस समय यहाँ का मौसम ठंडा होता है, जिससे आपको घूमने में आसानी होती है।

Sas-Bahu Temple
How to reach Sas-Bahu Temple?

हवाई मार्ग से

सास-बहू मंदिर पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर का राजमाता विजया राजे सिंधिया एयर टर्मिनल है। यह मुख्य शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हवाई अड्डे से मंदिर जाने के लिए टैक्सी व बस की सुविधा उपलब्ध है। आप यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं।

रेल मार्ग से

सास-बहू मंदिर का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन ग्वालियर जंक्शन है। यह रेलवे स्टेशन भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुँचने के लिए टैक्सी, ऑटो व रिक्शा की भी सुविधा उपलब्ध है।

सड़क मार्ग से

आप सड़क मार्ग के द्वारा भी ग्वालियर के सास-बहू मंदिर पहुँच सकते हैं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए नेशनल हाईवे और स्टेट हाइवे की अच्छी सुविधा उपलब्ध है,

सास-बहू मंदिर सुबह 8 बजे से शाम के 5 बजे तक ही दर्शन के लिए खुला रहता है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए किसी तरह का कोई प्रवेश शुल्क नहीं लगता है।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...