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वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में पानी की सही दिशा बहुत जरूरी है। उत्तर-पूर्व दिशा किचन में पानी (सिंक, वाटर फिल्टर, टंकी) रखने के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। यदि यह संभव न हो, तो उत्तर या पूर्व दिशा का चुनाव करें। इन दिशाओं में जल तत्व से संतुलन बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य और धन लाभ बढ़ता है।

Kitchen Vastu Tips For Water: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के हर हिस्से की दिशा और उसमें रखी वस्तुओं का स्थान हमारे जीवन पर प्रभाव डालता है। किचन में अग्नि और जल दोनों तत्व होते हैं। यदि इनका संतुलन सही न हो, तो इससे मानसिक तनाव, बीमारियां, धन हानि और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए किचन में पानी का स्थान किस दिशा में होना चाहिए, यह जानना जरूरी है। अगर आपने भी अपनी रसोई बनाया है और अब आप उसमें पानी की सही दिशा के बारे में जानना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

Kitchen Vastu Tips
Water Places in kitchen according to vastu shastra

किचन में पानी के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। यह दिशा जल तत्व की होती है और शुद्धता, स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जुड़ी होती है। यदि सिंक, वाटर फिल्टर, या पानी की टंकी उत्तर-पूर्व दिशा में रखी जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और बीमारियों का असर कम होता है। यह दिशा किचन में न केवल जल के लिए, बल्कि पूजा-पाठ जैसी पवित्र गतिविधियों के लिए भी शुभ मानी जाती है।

अगर किसी वजह से उत्तर-पूर्व दिशा में पानी का स्थान बनाना संभव न हो, तो उत्तर या पूर्व दिशा का चयन किया जा सकता है। ये दोनों दिशाएं भी जल तत्व से जुड़ी हैं और वास्तु के अनुसार संतुलन बनाए रखने में सहायक होती हैं। उत्तर दिशा आर्थिक तरक्की से जुड़ी होती है, जबकि पूर्व दिशा स्वास्थ्य और सूर्य ऊर्जा से संबंधित होती है। इसलिए इन दोनों ऑप्शन का उपयोग किया जा सकता है।

कुछ दिशाएं ऐसी हैं जहां किचन में पानी रखने से नेगेटिव प्रभाव पड़ सकता है। जैसे कि दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व से संबंधित होती है। यहां पानी रखना जल और अग्नि के टकराव को दर्शाता है, जिससे घर में तनाव और बीमारी बढ़ सकती है। इसी तरह, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिशा में भी पानी रखने से घर की स्थिरता और आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। इन दिशाओं में जल का होना टकराव और क्लेश का कारण बनता है।

Vastu Rule
Vastu tips for kitchen

किचन में सिंक और गैस चूल्हे को एकदम पास में नहीं रखना चाहिए। चूल्हा अग्नि तत्व का प्रतीक होता है, जबकि सिंक जल तत्व का। इन दोनों के बीच टकराव से गृह कलह हो सकता है। इसलिए इन दोनों का स्थान एक दूसरे से बिल्कुल अलग ही होना चाहिए। साथ ही, वाटर फिल्टर को भी उसी दिशा में लगाना चाहिए जो जल के लिए सही हो, जैसे कि उत्तर-पूर्व, उत्तर या पूर्व। किचन में पानी का स्थान हमेशा साफ-सुथरा रखें, क्योंकि गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की तरह ही किचन में भी कोशिश करें कि कोई भी टूटा-फूटा सामान नहीं होना चाहिए। वरना वहीं से आपका नेगेटिव एनर्जी शुरू हो जाता है और घर में क्लेश का कारण बन सकता है।

स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...