औषधीय रूप में हमारे लिए उपयोगी चाय
यह औषधीय रूप में हमारे लिए बहुत ज़्यादा उपयोगी होते हैं और बीमारी की अवस्था में इलाज के काम में लिए जाते हैं।
Herbal Tea Garden: हम सब अपने घर के गार्डन में सब्जियां, फल और फूल लगाना पसंद करते हैं लेकिन हर्ब लगाने से बचते हैं। मन में ख़्याल रहता है कि फल, फूल, सब्ज़ियां तो हमारे नित्य उपयोग में आ जाती हैं लेकिन ये जड़ी बूटी किस काम आयेंगी। लेकिन ठीक विपरीत देखें तो हर्बल प्लांट्स के एक नहीं सैकड़ों गुण होते हैं। यह औषधीय रूप में हमारे लिए बहुत ज़्यादा उपयोगी होते हैं और बीमारी की अवस्था में इलाज के काम में लिए जाते हैं। यह औषधीय पौधे गार्डन में अपनी महक तो बिखेरते ही हैं, अपने नेक्टर से पोलिनेटर्स को भी अपनी तरफ़ आकर्षित करते हैं।
यह पौधे न सिर्फ हमारे गार्डन की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि कई तरह की बीमारियों में काम आते हैं। कुछ हरबल प्लांट्स ऐसे होते हैं जिनकी पत्तियों का उपयोग हम चाय बनाने या फिर चाय के स्वाद को बढ़ाने में करते हैं। औषधीय पौधे की पत्तियों से बनी चाय न सिर्फ़ स्वादिष्ट होती है बल्कि हमें कई तरह से स्वास्थ्य लाभ भी देती है। इस लेख के माध्यम से हम ऐसी ही कुछ हर्ब के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें लगाकर आप एक बेहतरीन हर्बल टी गार्डन अपने घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
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इस लेख के माध्यम से हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि चाय में इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटी कौन-कौन सी हैं, तथा हर्बल टी गार्डन कैसे बनाएं जाते हैं?
Herbal Tea Gardening: हर्बल टी गार्डन कैसे बनाएं

1- हर्बल टी गार्डन बनाने के लिए कुछ बातों का ख़्याल रखना बहुत ही ज़रूरी होता है उनका बस हम थोड़ा ख़्याल रखेंगे तो एक अच्छा गार्डेन बना पाएँगे। जैसे कि कुछ हर्ब जैसे- पुदीना, लेमन ग्रास, मर्जोरम आदि बहुत तेजी से ग्रो करती और फैलती हैं, इसलिए इन्हें सीधे मिट्टी में लगाने की बजाय हमेशा गमले अथवा ग्रो बाग़ में लगायें जो आपको आसान से बाज़ार में मिल जाएँगे। गमले और ग्रो बैग इनके फैलाव को नियंत्रित करते हैं।
2- हर्बल प्लांट्स को अच्छी ग्रोथ के लिए नमी तो चाहिए पर जलभराव नहीं, इसलिए इसके लिए मिट्टी का चुनाव करते समय इस बात का ख़्याल रखें कि अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी ही उपयोग में ली जाए। क्योंकि लगातार गीली मिट्टी में रहने से इन पौधे की जड़ें गल सकती हैं। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी होने से पानी ज़्यादा देर तक ठहरता नहीं पर लम्बे समय तक नमी को बरक़रार रखता है।
3- हर्बल प्लांट्स को बहुत ज़्यादा धूप नहीं चाहिए होती है, ये ऐसी जगहों पर ज़्यादा से ग्रो करते हैं जहां पर आंशिक रूप से छाया हो। लगातार धूप का एक नुक़सान यह भी है कि इनकी पत्तियों का स्वाद फीका हो जाता है, अतः इन पौधों को इनकी ग्रोइंग कंडीशन के अनुसार ही धूप प्रदान करें। हर्बल प्लांट्स को दिन प्रतिदिन पानी दें, लेकिन पानी देते समय पत्तियों को गीला करने से बचें।
4- हर्ब्स को हम सब उनकी स्वादिष्ट पत्तियों के लिए उगाते हैं। इसलिए इन पर किसी उर्वरक या कीटनाशक का स्प्रे नहीं करना चाहिए अन्यथा इससे पत्तियों का स्वाद खराब हो सकता है। तुलसी के फूलों जैसे हर्बल प्लांट को बीज बनने से पहले पिंच कर देना चाहिए, नहीं तो पौधा अपनी सारी ऊर्जा बीज बनाने में लगा देता और सूख जाता है। इन पर मौसम का प्रभाव बहुत जल्दी होता है, एग्रो कवर में ऐसे पौधों को उगाए।
गमले का चुनाव

हमने इस बात की चर्चा पहले भी की है कि हर्ब के पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए जल निकासी कितनी महत्वपूर्ण होती है, इसके लिए हम सबको सही मिट्टी और प्लांटरस का चुनाव करना चाहिये। हम सबको लगता है कि पौधों को पानी देते रहना चाहिए पर जल भराव की स्थिति में पौधे मर भी सकते हैं। इसलिए इन पौधों को आप जिस भी बर्तन में लगाएँ वह ड्रेनेज होल्स युक्त होना चाहिए। आप इन जड़ी बूटी के पौधों को लगाने के लिए अलग अलग साइज के गमले या ग्रो बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हर्बल टी कैसे बनाएं
हर्बल टी बनाना बहुत ही आसान है क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार की केमिकल प्रॉसेसिंग नहीं की जाती है। यह आपके होम गार्डेन के अंतर्गत आती हैं तो आप इन हर्बल प्लांट्स की ताजी पत्तियों का उपयोग सीधे तौर पर चाय बनाने में कर सकते हैं। यह सबसे अच्छा तरीक़ा होगा क्योंकि इसमें सुखाने अथवा स्टोर करने की जद्दोजहद नहीं होती है। नहीं तो इन पत्तियों को सुखाकर आप किसी जार में चाय बनाने के लिए स्टोर कर सकते हैं। इस तरह की जड़ी बूटियों से निर्मित चाय काढ़े या फिर हर्बल टी के रूप में जानी जाती और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है।
हर्बल टी गार्डन के फायदे

हर्बल टी गार्डन के कई तरह के फायदे होते हैं जिन्हें आप एक बार तैयार करने के बाद अच्छी तरह से जान और समझ पाएँगे। एक तरफ़ जहां आपको ताज़ा और प्राकृतिक स्वाद वाली चाय मिलती है, वहीं किसी प्रकार की मिलावट आदि की संभवना भी नहीं रहती है। इसलिए, यह हमारे ज़्यादातर भारतीय घरों में आपको आसानी से दिख जाती है। अब आइए जानते हैं, चाय बनाने वाली हर्ब के कुछ फायदे जिन्हें जानकार आपका मन ख़ुश हो जाएगा।
औषधीय पौधों की पत्तियों का उपयोग करके जो चाय बनाई जाती है वह सामान्य चाय की तुलना में काफी स्वादिष्ट होती है और इसके किसी प्रकार के कोई नुक़सान नहीं होते हैं। इस तरह की चाय को पीने के कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं, चिंता, तनाव, थकान जैसी समस्या को यह बहुत जल्दी दूर कर देता है। इन हर्बल प्लांट को उगाना और देखरेख करना दोनों ही बेहद आसान होता है।
एक छोटी सी जगह पर आप इन्हें गमलों अथवा ग्रो बैग में आसानी उगा सकते हैं। अधिकांश हर्बल प्लांट अपने औषधीय गुणों के कारण कीट मुक्त और रोगमुक्त होते हैं। जिसकी वजह से इनमें जल्दी कोई बीमारी नहीं लगती है। इस तरह के पौधों की पत्तियों में कई तरह की फ्रेगरेंस होती हैं, जो गार्डन में मौजूद कई सारे पोलिनेटर्स को अपनी तरफ़ आकर्षित करती है। चाय के साथ-साथ इन औषधीय पौधों का इस्तेमाल लोग मौसमी बीमारियों को दूर करने और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए भी करते हैं, इसलिए इस तरह के पौधे हर घर में होने ही चाहिए।
